Ahmedabad

एसआईटी ने अदालत से कहा- 2002 के गुजरात दंगों में किसी का बचाव नहीं किया

गुजरात दंगों के दौरान मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफ़री की पत्नी ज़किया जाफ़री ने वर्ष 2002 के दंगों के दौरान गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 64 लोगों को एसआईटी की क्लीनचिट को चुनौती दी है. उन्होंने दंगों के दौरान बड़ी साज़िश और सुनियोजित तरीके से हिंसा होने का आरोप लगाया है. 

ज़किया जाफ़री ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- गुजरात दंगों में हिंसा ‘सुनियोजित’ तरीके से हुई थी

गुजरात दंगों के दौरान मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफ़री की पत्नी ज़किया जाफ़री ने वर्ष 2002 के दंगों के दौरान गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 64 लोगों को एसआईटी की क्लीनचिट को चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि गुजरात दंगों में हिंसा ‘सोच-समझकर’ अंजाम दी गई थी.

गुजरात दंगों के दौरान राजनीतिक वर्ग, नौकरशाही और अन्य के बीच ‘तगड़ी मिलीभगत’ रही: ज़किया जाफ़री

गुजरात दंगों के दौरान मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफ़री की पत्नी ज़किया जाफ़री ने वर्ष 2002 के दंगों के दौरान गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 64 लोगों को एसआईटी की क्लीनचिट को चुनौती दी है.

गुजरात दंगा: एसआईटी ने ज़किया जाफ़री के आरोपों को किया ख़ारिज, कहा- सभी तथ्यों की जांच की

गुजरात दंगे में मारे गए कांग्रेस सांसद एहसान जाफ़री की पत्नी ज़किया जाफ़री ने पांच अक्टूबर, 2017 के गुजरात हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें निचली अदालत द्वारा एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करने के फैसले सही ठहराया गया था. एसआईटी ने मामले में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और 63 अन्य को क्लीनचिट दे दी थी.

संस्कृति के कथित रक्षकों को कामसूत्र नहीं, अपनी कुंठा जलानी चाहिए

बजरंग दल को कृष्ण और गोपियों या राधा की रति-क्रीड़ा या किसी अन्य देवी-देवता के शृंगारिक प्रसंगों के चित्रण से परेशानी है तो वे भारत के उस महान साहित्य का क्या करेंगे जो ऐसे संदर्भों से भरा पड़ा है? वे कालिदास के ‘कुमारसंभवम्’ का क्या करेंगे जिसमें शिव-पार्वती की रति-क्रीड़ा विस्तार से वर्णित है. संस्कृत काव्यों के उन मंगलाचरणों का क्या करेंगे जिनमें देवी-देवताओं के शारीरिक प्रसंगों का उद्दाम व सूक्ष्म वर्णन है?

गुजरातः बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जलाईं कामसूत्र की प्रतियां, कहा- भगवान का आपत्तिजनक चित्रण

मामला अहमदाबाद के लैटीट्यूड गिफ्ट एंड बुक स्टोर का है, जहां बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने 28 अगस्त को हिंदू देवी-देवताओं के अपमानजनक चित्रण का आरोप लगाते हुए कामसूत्र किताब की प्रतियां जलाईं. कार्यकर्ताओं ने किताब की बिक्री जारी रखने पर अगली बार पूरी दुकान जलाने की चेतावनी दी है.

सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने पर नागरिकों को तड़ीपार नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने 39 वर्षीय कार्यकर्ता कलीम सिद्दिक़ी के ख़िलाफ़ अहमदाबाद पुलिस की ओर से जारी तड़ीपार करने के आदेश को निरस्त कर दिया. सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के संबंध में सिद्दीक़ी को अहमदाबाद, गांधीनगर, खेड़ा और मेहसाणा ज़िलों में एक साल की अवधि के लिए प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया था.

गुजरातः शिक्षा विभाग से जुड़े सात करोड़ के फ़र्ज़ी बिल मामले में अधिकारी निलंबित

इसके अलावा गुजरात सरकार ने भावनगर में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के फ़र्ज़ी जीएसटी बिलों से जुड़े एक मामले में डिप्टी स्टेट टैक्स कमिश्नर समेत 36 अधिकारियों का तबादला कर दिया. इस मामले में पिछले एक महीने में 11 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

गुजरातः मुख्यमंत्री रूपाणी के भाषण के मज़ाकिया वीडियो बनाने के लिए दो पर मामला दर्ज

मामला बनासकांठा का है, जहां 05 से 18 मई के बीच आरोपियों ने अपने यूट्यूब चैनल पर मुख्यमंत्री के भाषण के छह एडिटेड वीडियो अपलोड किए थे, जिनमें मीम्स जोड़े गए थे. आरोप लगाया गया है कि इन्होंने कथित तौर पर रूपाणी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से उनके वीडियो से छेड़छाड़ की.

गुजरात: मूंछ रखने के लिए दलित युवक पर 11 लोगों ने किया हमला, तीन गिरफ़्तार

अहमदाबाद के वीरमगाम तालुका के कराथकल गांव का मामला है. अनुसूचित जाति के सुरेश वाघेला ने शिकायत की है कि लंबी मूंछ रखने के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग के 11 लोगों ने उस पर हमला किया और जाति सूचक गालियां दीं.

गुजरात: अस्पताल ने कोविड-19 के संदिग्ध मरीज़ का शव देने से इनकार किया, जांच के आदेश

गुजरात के वलसाड ज़िले के वापी स्थित एक कोविड-19 अस्पताल का मामला. परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन ने बिल बकाया होने की वजह से शव को सौंपने से मना कर दिया. शव के बदले में उनकी कार ज़ब्त कर ली गई थी. डीएम ने कोरोना मरीज़ों का इलाज करने के लिए अस्पताल को दी गई अनुमति रद्द कर दी है.

गुजरात दंगा: नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट के ख़िलाफ़ ज़किया जाफ़री की याचिका पर सुनवाई फ़िर टली

गुजरात के गोधरा में साबरमती ट्रेन में आग लगाए जाने के एक दिन बाद 28 फरवरी, 2002 को अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसाइटी में 68 लोग मारे गए थे. दंगों में मारे गए इन लोगों में ज़किया जाफ़री के पति एहसान जाफ़री भी शामिल थे. घटना के क़रीब 10 साल बाद आठ फरवरी, 2012 को एसआईटी ने मोदी तथा 63 अन्य को क्लीनचिट देते हुए ‘क्लोज़र रिपोर्ट’ दाख़िल की थी.

गुजरातः अनिवार्य कोविड-19 ड्यूटी संबंधी अधिसूचना के ख़िलाफ़ 300 डॉक्टर हाईकोर्ट पहुंचे

मामले की सुनवाई करते हुए गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि हम कोविड-19 के संबंध में प्रशासन को कोई निर्देश नहीं देने जा रहे, प्रशासन को जिसकी भी ज़रूरत हो, वे ले सकते हैं और कोई यह नहीं कह सकता कि वे काम करने के इच्छुक नहीं है.

गुजरात: रसायन टैंक की सफाई के दौरान दो श्रमिकों की मौत

गुजरात के अहमदाबाद शहर का मामला. पुलिस ने बताया कि दोनों श्रमिकों को रसायन टैंक की सफाई से पहले सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए गए थे.

बिना शर्त माफ़ी मांगने पर गुजरात हाईकोर्ट ने पत्रकार के ख़िलाफ़ राजद्रोह के मामले को रद्द किया

गुजराती समाचार पोर्टल फेस ऑफ द नेशन के संपादक धवल पटेल के ख़िलाफ़ राज्य में बढ़ते कोरोना वायरस मामलों की आलोचना के कारण गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन का सुझाव देने वाली एक रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए 11 मई को राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था.