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लखीमपुर: अमित शाह के घर के पास प्रदर्शन कर रहीं कार्यकर्ताओं ने कहा, निजी अंगों पर हमला हुआ

अखिल भारतीय छात्र संघ की दो महिला छात्र कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जब वे लखीमपुर हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के पास विरोध प्रदर्शन कर रही थीं, तो महिला पुलिसकर्मियों में उन्हें हिरासत में लेने के दौरान उनके कपड़े फाड़े, बर्बर तरीके से पीटा और यहां तक उनके निजी अंगों पर हमला किया.

आंबेडकर यूनिवर्सिटीः एससी/एसटी छात्रों से भेदभाव पर आवाज़ उठाने वाली छात्रा पर जुर्माना

दिल्ली के आंबेडकर यूनिवर्सिटी की एक छात्रा पर दिसंबर 2020 में विश्वविद्यालय के ऑनलाइन दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की कई नीतियों के ख़िलाफ़ हुए छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए जुर्माना लगाया है. छात्रा का कहना है कि उन्हें निशाना बनाया गया है.

जेएनयू की एक सड़क का नाम ‘सावरकर मार्ग’ किया गया, छात्र संघ ने बताया शर्मनाक

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष ओईशी घोष ने कहा कि यह जेएनयू की विरासत के लिए शर्मनाक है कि इस विश्वविद्यालय में इस आदमी का नाम डाल दिया गया है.

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में चारों पदों पर लेफ्ट यूनिटी के उम्मीदवारों की जीत

वामपंथी छात्र संगठनों एआईएसए, एसएफआई, एआईएसएफ और डीएसएफ के संयुक्त मोर्चे की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार आईशी घोष जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष चुनी गई हैं. उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मनीष जांगिड़ को हराया है. एसएफआई को 13 साल बाद अध्यक्ष पद मिला है.

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव: दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 सितंबर तक नतीजे घोषित करने पर लगाई रोक

छात्रसंघ चुनाव में काउंसिलर पद के लिए खड़े दो छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने ग़लत तरीके से उनका नामांकन ख़ारिज किया है, जिसके ख़िलाफ़ उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की है.

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव: कैंपस, कश्मीर और आर्थिक मंदी की चर्चा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छह सितंबर को छात्रसंघ चुनाव है. ‘लेफ्ट यूनिटी’ के तहत एसएफआई, डीएसएफ, आइसा और एआईएसएफ, बापसा के साथ फ्रैटर्निटी और एनएसयूआई के साथ एमएसएफ चुनाव मैदान में हैं. एबीवीपी और छात्र-राजद बिना किसी गठबंधन के चुनाव लड़ रहे हैं.

दिल्ली विश्वविद्यालय में एबीवीपी ने बोस और भगत सिंह के साथ लगाई सावरकर की मूर्ति, विवाद

दिल्ली विश्वविद्यालय के अन्य छात्र संगठन एनएसयूआई और आइसा ने विरोध करते हुए कहा है कि सावरकर को नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह के समकक्ष नहीं रखा जा सकता. उन्होंने 24 घंटों के भीतर मूर्तियां नहीं हटाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की धमकी दी.

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर की हत्या के दोषियों की उम्रक़ैद की सज़ा बरक़रार

दो बार जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे चंद्रशेखर की 31 मार्च 1997 को बिहार के सीवान शहर में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान हत्या कर दी गई थी.

New Delhi: Members of Left Unity celebrate after their sucess in Jawaharlal Nehru University Student Union (JNUSU) elections, in New Delhi, Sunday, Sept 16, 2018. (PTI Photo) (PTI9_16_2018_000091B)

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव: ‘लेफ्ट यूनिटी’ ने केंद्रीय पैनल की सभी चार सीटों पर जीत हासिल की

लेफ्ट यूनिटी से एन. साई बालाजी, सारिका चौधरी, एजाज अहमद और अमुथा ने जीत हासिल की. इस साल के चुनाव में 67.8 प्रतिशत छात्रों ने मतदान किया था जो कि पिछले साल के मुकाबले लगभग 10 प्रतिशत अधिक है.

पटना विश्वविद्यालय: छात्रसंघ चुनाव के नतीजों पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?

बीते शनिवार चुनाव परिणाम आने के बाद से ही छात्र अध्यक्ष पद के विजेता के नामांकन में गड़बड़ी और चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव रद्द करने की मांग कर रहे हैं.

जेएनयू छात्रसंघ का आरोप, अटेंडेंस के लिए डीन ने छात्रों को बंधक बनाया

जेएनयू प्रशासन द्वारा उपस्थिति अनिवार्य करने के फैसले का विरोध एबीवीपी, एनएसयूआई, बापसा समेत जेएनयू के प्रमुख छात्र संगठन कर रहे हैं.

जेएनयू के कुलपति पर विश्वविद्यालय को स्कूल बनाने का आरोप क्यों लग रहा है?

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य करने के प्रशासन के फैसले को छात्र-छात्राएं और शिक्षकों का एक समूह जेएनयू की परंपरा के ख़िलाफ़ बता रहा है.

छात्र-छात्राओं के लिए राजनीति क्यों ज़रूरी है

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में समाजवादी छात्र सभा ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सांस्कृतिक सचिव और उपमंत्री का पद जीता, एबीवीपी की केवल एक पद पर जीत.

रामजस विवाद: अदालत ने कहा, विश्वविद्यालय में नारेबाज़ी करना अभिव्यक्ति की आज़ादी में आता है

दिल्ली की तीस हज़ारी अदालत ने कहा छात्रों का इकट्ठा होकर नारेबाज़ी करना अभिव्यक्ति की आज़ादी में आता है और इससे ये साफ़ नहीं होता कि उनका मक़सद फ़साद फैलाना था.

जेएनयू छात्रसंघ पर फिर वाममोर्चा का क़ब्ज़ा, आइसा की गीता कुमारी बनीं अध्यक्ष

सिमोन ज़ोया ख़ान को उपाध्यक्ष, एसएफआई के दुग्गीराला श्रीकृष्ण को महासचिव और डीएसएफ के शुभांशु सिंह को संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल हुई.