सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा में बताया कि भारत सरकार देश के ख़िलाफ़ मुहिम चलाने वाले व समाज में भ्रम एवं भय फैलाने के मामले में आईटी क़ानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करती रही है.
राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक केंद्र सरकार ने विज्ञापनों पर 154.07 करोड़ रुपये ख़र्च किए हैं. मंगलवार को ठाकुर ने लोकसभा में बताया था कि 2014 से केंद्र ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विज्ञापनों पर 6,491.56 करोड़ रुपये ख़र्चे हैं.
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के पैतृक ज़िले हमीरपुर की पांच में से एक भी विधानसभा सीट पर जीत नहीं मिली. ठाकुर के संसदीय क्षेत्र की कुल 17 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस ने 10 पर जीत हासिल की है, दो पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कहना है कि ख़ुफ़िया एजेंसियों से मिली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई है. उनका दावा है कि प्रतिबंधित किए गए कुछ वीडियो का इस्तेमाल अग्निपथ योजना, भारतीय सशस्त्र बलों, राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र, कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर ग़लत सूचनाएं प्रसारित करने के लिए किया जा रहा था.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एशिया-पैसिफिक इंस्टिट्यूट फॉर ब्रॉडकास्टिंग डेवलपमेंट’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि अगर न्यूज़ चैनल ऐसे मेहमानों को आमंत्रित करते हैं, जो ध्रुवीकरण कर रहे हैं, झूठी ख़बरें फैलाते हैं और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाते हैं, तो चैनल की विश्वसनीयता कम हो जाती है.
सहारनपुर में महिलाओं के अंडर-17 राज्य स्तरीय कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को शौचालय के अंदर रखा खाना परोसे जाने संबंधी वीडियो सामने आए हैं, जिसके बाद ज़िला खेल अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है.
बीते 16 अगस्त को फीफा ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के संचालन में तीसरे पक्ष का अनावश्यक दख़ल होने का हवाला देते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया था. फीफा को महासंघ का संचालन सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति द्वारा करने से आपत्ति थी, जिसे भंग कर दिए जाने के बाद प्रतिबंध हटा है.
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि ब्लॉक किए गए भारतीय यूट्यूब चैनल फ़र्ज़ी और सनसनीखेज़ थंबनेल, न्यूज़ एंकर के फोटो और कुछ समाचार चैनल के लोगो का इस्तेमाल कर रहे थे. साथ ही उनके द्वारा प्रसारित सामग्री सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने और सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने की क्षमता रखती है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा को बताया कि सरकार ने 2019-20 में 5,326 अख़बारों में विज्ञापनों पर 295.05 करोड़ रुपये, 2020-21 में 5,210 अख़बारों में विज्ञापनों पर 197.49 करोड़ रुपये, 2021-22 में 6,224 अख़बारों में विज्ञापनों पर 179.04 करोड़ रुपये और 2022-23 में जून तक 1,529 अख़बारों में विज्ञापनों पर 19.25 करोड़ रुपये ख़र्च किए थे.
सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा में बताया कि यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69ए के तहत की गई है. फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने के लिए 2021-22 के दौरान 94 यूट्यूब चैनल, 19 सोशल मीडिया खातों और 747 यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (यूआरएल) को ब्लॉक कर दिया है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान कथित घृणास्पद भाषण यानी हेट स्पीच के लिए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और भाजपा के सांसद प्रवेश वर्मा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के संबंध में माकपा की नेता वृंदा करात और केएम तिवारी की याचिका में दावा किया था कि दोनों ने लोगों को भड़काने की कोशिश की थी, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली में दो अलग-अलग विरोध स्थलों पर गोलीबारी की तीन घटनाएं हुईं.
दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में कई नेताओं और अन्य लोगों को पक्षकार बनाए जाने और उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज किए जाने संबंधी याचिकाओं पर जवाब देने के लिए उन्हें दो हफ़्तों का समय दिया. याचिकाओं में इन नेताओं पर नफ़रती भाषण देकर दंगों के लिए माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए जांच का भी अनुरोध किया गया है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि ऐसा कोई कार्यक्रम प्रसारित नहीं होना चाहिए जो शालीनता के ख़िलाफ़ हो, मैत्रीपूर्ण देशों की आलोचना करता हो, धर्मों या समुदायों पर हमला करता हो या जिसमें धार्मिक समूहों का तिरस्कार करने वाले दृश्य या शब्द हों. हालांकि जारी परामर्श में ऐसे विभिन्न उदाहरणों को सूचीबद्ध किया गया है, लेकिन किसी निजी समाचार चैनल का नाम नहीं लिया गया है.
दिल्ली हाईकोर्ट माकपा नेता वृंदा करात और केएम तिवारी द्वारा दिल्ली दंगों से पहले हेट स्पीच के आरोप में भाजपा नेता अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने की मांग ख़ारिज करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा है.इस दौरान कोर्ट ने कहा कि चुनावी भाषण में नेताओं द्वारा कई बातें कही जाती हैं, लेकिन हमें किसी भी घटनाक्रम की आपराधिकता को देखना होगा.
दिल्ली हाईकोर्ट उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी, 2020 में हुए दंगों से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है,जिसमें मांग की गई है कि सीएए के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों के बाद हुए दंगों में कथित रूप से घृणा भाषण देने के संबंध में इन नेताओं की जांच की जाए. अदालत ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा, कपिल मिश्रा और अन्य को नए नोटिस जारी किए.