Assam Accord 1985

असम के मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा (फोटो साभार: फेसबुक/@himantabiswasarma)

गृह मंत्रालय की समिति नहीं बता सकती कौन असमिया, विधानसभा की स्वीकृति ज़रूरी: हिमंता बिस्वा सरमा

असम समझौते के खंड छह को लागू करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित 14 सदस्यीय समिति के चार सदस्यों ने फरवरी में राज्य सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को रिपोर्ट लीक कर दी थी.

Guwahati: People show their documents after arriving at a National Register of Citizens (NRC) Seva Kendra to check their names on the final draft, in Guwahati, Saturday, Aug 31, 2019. (PTI Photo) (PTI8_31_2019_000080B)

वर्ष 1951 से होगा ‘असमिया लोगों’ का निर्धारण: गृह मंत्रालय की समिति की रिपोर्ट

असमिया लोगों के निर्धारण के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा असम समझौते की धारा छह को लागू करने के लिए गठित एक उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट को इसके चार सदस्यों ने सार्व​जनिक कर दिया है. इसमें गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि असमिया लोगों के निर्धारण के लिए 1951 को कट-ऑफ वर्ष माना जाना चाहिए.

Dibrugarh: Assam Chief Minister Sarbananda Sonowal addresses his party workers during a meeting, at Chowkidinghee field in Dibrugarh, Thursday, Feb. 21, 2019. (PTI Photo)(PTI2_21_2019_000147B)

अगर असम को एनआरसी अपडेट की पूरी ज़िम्मेदारी दी गई होती तो कोई गड़बड़ी नहीं होती: मुख्यमंत्री

दिसंबर 2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद असम में एनआरसी अपडेट करने की तैयारी शुरू की गई थी. एनआरसी का अंतिम प्रकाशन अगस्त 2019 में किया गया था, जिससे असम में रह रहे 19 लाख से ज़्यादा लोग बाहर हो गए थे. पिछले साल असम सरकार में मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने बताया था कि राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एनआरसी के मौजूदा स्वरूप को ख़ारिज करने का अनुरोध किया है.