Azadi ka Amrit Mahotsav

विपक्ष ने पूछा, संघ के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर क्यों नहीं लगी है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दो अगस्त को आज़ादी के 75वें वर्षगांठ समारोह के हिस्से के रूप में लोगों से अपने सोशल मीडिया अकाउंट की डिस्प्ले तस्वीर के रूप में तिरंगा लगाने का आह्वान किया था. आरएसएस और इसके प्रमुख मोहन भागवत द्वारा अब तक अपने एकाउंट पर राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर नहीं लगाने पर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया है. 

आज़ादी का अमृत महोत्सव: सुप्रीम कोर्ट के ईमेल में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पर विवाद

अगले साल स्वतंत्रतता के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ नाम के कार्यक्रम का केंद्र सरकार देशभर में प्रचार कर रही है. सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री की ओर से महोत्सव को लेकर वकीलों को भेजे गए ईमेल के निचले हिस्से में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगी थी. इस पर एक वकील की ओर से कहा गया था कि यह तस्वीर स्वतंत्र निकाय के रूप में सुप्रीम कोर्ट की स्थिति और सरकार का हिस्सा न होने के अनुरूप प्रतीत नहीं होती है.

‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ में नेहरू की तस्वीर न होने पर विवाद, कांग्रेस ने की आलोचना

भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद द्वारा आज़ादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ मनाया जा रहा है. संस्था द्वारा जारी एक तस्वीर में महात्मा गांधी, बाबा साहब आंबेडकर, सरदार पटेल, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, भगत सिंह, मदनमोहन मालवीय और विनायक दामोदर सावरकर के चित्र हैं, लेकिन नेहरू की तस्वीर ग़ायब है. राहुल गांधी ने पूछा है कि नेहरू को लोगों के दिल से कैसे निकालोगे?

अगर तिरंगा फहराना ही देशभक्ति है तो संघ पंद्रह साल पहले ही देशभक्त हुआ है

क्या 2002 के पहले तिरंगा भारतीय राष्ट्र का राष्ट्रध्वज नहीं था या फिर आरएसएस खुद अपनी आज की कसौटी पर कहें तो देशभक्त नहीं था?