Baba saheb Ambedkar

बाबा साहेब के सपनों को साकार करने के लिए जातिवादी व्यवस्था के विरुद्ध मुहिम तेज़ करनी होगी

कोई भी राजनीतिक दल जाति व्यवस्था के अंत का बीड़ा नहीं उठाना चाहता है, न ही कोई सामाजिक आंदोलन इस दिशा में अग्रसर है. बल्कि, जाति आधारित संघों का विस्तार तेज़ी से हो रहा है. यह राष्ट्र एवं समाज के लिए एक घातक संकेत है.

उत्तर प्रदेश में दलित राजनीति और उससे जुड़ा दलित आंदोलन चेतनाशून्य हो चला है

यूपी में दलित और पिछड़ी जातियों के बीच में काम कर रहे सामाजिक न्याय आंदोलन की पृष्ठभूमि वाले जातीय समूहों में बिखराव इतना बढ़ गया है कि हर दलित जाति के अपने संगठन बन चुके हैं या प्रक्रिया में हैं. दलित व पिछड़े वर्ग के आधार पर खड़ी मानी जाने वाली बसपा व सपा सरकारों ने भी बीते सालों में अपने जातीय समर्थन समूहों को निराश ही किया है.

साल 2019 के लिए ऑक्सफोर्ड का हिंदी शब्द बना ‘संविधान’

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने कहा कि कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का सरकार का निर्णय एक ऐसा मुद्दा था जिसके कारण संविधान काफी चर्चा में रहा और इसने अपनी ओर लोगों का ध्यान खींचा.

भारतीय संविधान की 70वीं वर्षगांठ और ‘हम भारत के लोग’

पिछले 40-45 वर्षों में संविधान की नींव कई बार हिली और ‘हम भारत के लोगों’ को तोड़ने के कई प्रयास किए गए, पर ‘हम लोग’ की परिभाषा अपरिवर्तित ही रही. कई सरकारें आईं-गईं पर एक समूचे समुदाय को देश की मुख्यधारा से काटने का प्रयास नहीं हुआ, लेकिन आज परिस्थितियां और हैं.

सांसद सावित्री बाई फुले ने भाजपा छोड़ी, कहा- पार्टी समाज को बांट रही है

उत्तर प्रदेश में बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने कहा कि भारत का धन अनावश्यक रूप से मूर्तियां बनाने एवं मंदिरों के निर्माण में ख़र्च किया जा रहा है. शहरों और नगरों का नाम बदला जा रहा है. बहुजन समाज एवं अल्पसंख्यकों के इतिहास को मिटाया जा रहा है.

उत्तर प्रदेश में बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फुल. (फोटो: द वायर)

अब तो जज भी बोल रहे हैं कि लोकतंत्र ख़तरे में है: भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले

दलितों के मसले पर भाजपा में बाग़ी सुर अपनाने वाली उत्तर प्रदेश के बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले से अमित सिंह की बातचीत.