Bihar Liquor Ban

बिहार के छपरा ज़िले में कथित ज़हरीली शराब पीने से फिर सात लोगों की मौत

बीते चार जुलाई को बिहार के छपरा ज़िले में ही कथित ज़हरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई थी और कुछ लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी. बिहार सरकार ने अप्रैल 2016 में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन पिछले साल नवंबर के बाद से राज्य में ज़हरीली शराब से जुड़ी कई घटनाएं हुईं, जिनमें 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

बिहार में कथित ज़हरीली शराब पीने से कम से कम 13 लोगों की मौत

बिहार के छपरा ज़िले का मामला. कथित ज़हरीली शराब पीने वाले कुछ लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई है. पुलिस ने बताया कि पांच लोगों को कथित रूप से अवैध शराब बनाने और उसकी बिक्री में शामिल होने को लेकर गिरफ़्तार किया गया है, जबकि संबंधित थाने के एसएचओ और स्थानीय चौकीदार को निलंबित किया गया है. राज्य में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है.

बिहार के औरंगाबाद में संदिग्ध ज़हरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत

औरंगाबाद पुलिस ने बताया कि सभी मौतें ज़िले के मदनपुर ब्लॉक से हुई हैं. 23 मई को तीन लोगों की मौत हुई थी, जबकि एक दिन पहले 22 मई दो लोगों की मौत हुई थी. बिहार में अप्रैल 2016 में नीतीश कुमार सरकार द्वारा शराब की बिक्री और खपत पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था. हालांकि राज्य में अक्सर कथित तौर पर शराब से मौत के मामले सामने आते रहते हैं.

बिहार में होली के दौरान कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से कम से कम 10 लोगों की मौत

मौत के ये मामले भागलपुर और मधेपुरा ज़िलों में सामने आए हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट में मरने वालों की संख्या 20 से 30 बताई जा रही है. बिहार में अप्रैल 2016 से शराब की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध लगा हुआ है. हालांकि इस पर अमल को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं. राज्य में कथित तौर पर ज़हरीली शराब से लोगों की मौत की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं.​

बिहार: ​मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह ज़िले नालंदा में कथित ज़हरीली शराब से चार लोगों की मौत

बिहार में अप्रैल 2016 से शराब की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध लगा हुआ है. हालांकि कथित तौर ज़हरीली शराब से लोगों की मौत की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं.​ पिछले साल दिवाली के समय ऐसी ही एक अन्य घटना में चार ज़िलों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी.

बिहार में भगवान मिल जाएं तो मिल जाएं मगर बोतल नहीं मिलनी चाहिए

नशा शराब में होता तो नाचती बोतल. बिहार में उल्टा हो रहा है. बोतल नाच नहीं रही है, बोतल के पीछे बिहार नाच रहा है. बिहार में बोतल मिल रही है लेकिन विधानसभा में बोतल का मिल जाना सारी कल्पनाओं की पराकाष्ठा है. 

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar attends the foundation stone laying ceremony of 'Multipurpose Prakash Kendra and Udyan' at the campus of Guru Ka Bagh in Patna, Sunday, Sept 9, 2018. (PTI Photo)(PTI9_9_2018_000102B)

बिहार: शीतकालीन सत्र के बीच विधानसभा परिसर में मिली शराब की ख़ाली बोतलें, जांच के आदेश

शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विधानसभा भवन परिसर के दक्षिण-पूर्वी छोर पर दोपहिया वाहनों के पार्किंग स्थल के रूप में चिह्नित क्षेत्र में शराब की कुछ ख़ाली बोतलें मिली थीं, जिसके बाद विपक्ष ने सदन में हंगामा किया. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब की उपलब्धता और उसके सेवन को रोक पाने में नीतीश सरकार पर विफल रहने का आरोप लगाया.

बिहार: अवैध शराब कारोबार में पुलिस की भागीदारी को लेकर पत्र लिखने वाले एसपी का तबादला

बीते छह जनवरी को निषेध प्रभाग के एसपी राकेश कुमार सिन्हा ने एक पत्र में कहा था कि भले ही सरकार ने शराबबंदी लागू की हो, लेकिन आबकारी विभाग के कर्मचारियों के सहयोग से सभी थानाक्षेत्रों में शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है. सिन्हा ने सभी ज़िलों के एसपी से इस पर तत्काल कार्रवाई का अनुरोध भी किया था.