Bombay High Court

एल्गार परिषद: वरवरा राव को 28 अक्टूबर तक आत्मसमर्पण करने की ज़रूरत नहीं- हाईकोर्ट

एल्गार परिषद मामले में आरोपी 82 वर्षीय कवि वरवरा राव को इस साल फरवरी में मेडिकल आधार पर अंतरिम ज़मानत मिली थी. उन्हें पांच सितंबर को आत्मसमर्पण कर न्यायिक हिरासत में लौटना था, लेकिन अदालत द्वारा ज़मानत अवधि का विस्तार करते हुए उन्हें राहत दी गई है.

महाराष्ट्र: अपहरण और मारपीट के आरोप में मंत्री जितेंद्र आह्वाड गिरफ़्तार, ज़मानत पर छूटे

एक सिविल इंजीनियर ने महाराष्ट्र के आवास मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र आह्वाड पर आरोप लगाया था कि अप्रैल 2020 में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पुलिसकर्मी उन्हें आह्वाड के घर लेकर गए, जहां मंत्री की मौजूदगी में उन्हें पीटा गया. भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आह्वाड को बर्ख़ास्त करने की मांग की है.

तेज़ाब हमले के पीड़ित को विकलांग अधिकार अधिनियम के तहत क्षतिपूर्ति का हक़ है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट दो बच्चों की मां की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिस पर 2010 में उसके पति ने हमला किया था और उसके चेहरे पर तेज़ाब डाल दिया था. राज्य सरकार को पीड़ित महिला को 2016 के क़ानून के तहत तीन महीने के अंदर मुआवज़े का भुगतान करने और चेहरे की सर्जरी तथा अन्य चिकित्सकीय ख़र्च भी उठाने का निर्देश दिया.

महाराष्ट्र: सेप्टिक टैंक में जान गंवाने वाले तीन श्रमिकों की पत्नियों ने जीती मुआवज़े की लड़ाई

दिसंबर 2019 में मुंबई के तीन श्रमिकों की सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मौत के बाद उनकी पत्नियों ने अदालत से मुआवज़े और पुनर्वास की मांग की थी. बीते 17 सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को चार हफ्ते के भीतर ऐसा करने के निर्देश दिए हैं. यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में संभवतः यह पहली बार है जब निजी ठेके पर काम काम करते समय हुई मृत्यु के मुआवज़े के मामले में सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

पॉक्सो में ‘यौन उत्पीड़न’ की परिभाषा को पीड़ित के नज़रिये से भी देखा जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के विवादित ‘स्किन टू स्किन टच’ फ़ैसले के ख़िलाफ़ दो याचिकाओं पर निर्णय सुरक्षित रखते हुए शीर्ष अदालत ने ‘यौन अपराध करने के इरादे’ पर ज़ोर देते हुए कहा कि अगर ‘शारीरिक संपर्क’ शब्द की व्याख्या इस तरह से की जाती है जहां अपराध तय करने के लिए ‘त्वचा से त्वचा का संपर्क’ आवश्यक हो, तो इसके नतीजे बेहद ख़तरनाक होंगे.

कोर्ट ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़े फ़ैसलों की रिपोर्टिंग पर लगाई रोक

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे आदेशों को न्यायालय की वेबसाइट पर भी अपलोड नहीं किया जाना चाहिए और इन शर्तों का पालन न करना अदालत की अवमानना ​​होगी. हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी भी फ़ैसले को सार्वजनिक किया जाना है तो पहले उसके लिए न्यायालय के आदेश की आवश्यकता होगी.

स्वतंत्रता सेनानी की पेंशन रोकना उचित नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

एक स्वतंत्रता सेनानी की 90 वर्षीय पत्नी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाख़िल याचिका में महाराष्ट्र सरकार की पेंशन योजना का लाभ देने का अनुरोध किया है. महिला के पति की 56 साल पहले मौत हो गई थी. इस याचिका पर अदालत ने सरकार से जवाब मांगा है.

महाराष्ट्रः मंत्री ने भाजपा नेता किरीट सोमैया पर सौ करोड़ रुपये का मानहानि का मुक़दमा किया

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री अनिल परब ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका में भाजपा नेता किरीट सोमैया पर ‘दुर्भावनापूर्ण, अपमानजनक और मानहानिकारक’ बयान देने के आरोप लगाते हुए बिना शर्त माफ़ी मांगने का निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया है.

आदिवासी इलाकों में कुपोषण और चिकित्सा की कमी के कारण कोई मौत नहीं होनी चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट 2007 में महाराष्ट्र के अमरावती ज़िले के मेलघाट क्षेत्र में मुख्य रूप से कुपोषण के कारण बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं की बड़ी संख्या में मौतों को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर यह टिप्पणी की. इससे पहले अदालत ने कहा था कि आदिवासी समुदायों के लिए कल्याणकारी योजनाएं केवल काग़ज़ पर हैं. कुपोषण से बच्चों की मृत्यु रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार क्या कदम उठा रही है.

महाराष्ट्र: पोर्नोग्राफी मामले में राज कुंद्रा और उनके सहयोगी को ज़मानत मिली

अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को अपराध शाखा ने पोर्नोग्राफिक फिल्मों के कथित निर्माण और उन्हें ऐप्स के ज़रिये प्रसारित करने के मामले में 19 जुलाई को गिरफ़्तार किया था. सोमवार को स्थानीय अदालत ने उन्हें और उनके सहयोगी रयान थोर्प को ज़मानत दे दी.

हाथ से मैला उठाने की प्रथा समाप्त करने की ज़िम्मेदारी महाराष्ट्र सरकार की है: बॉम्बे हाईकोर्ट

अदालत तीन महिलाओं के द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिनके पति हाथ से मैला उठाते थे और दिसंबर 2019 में एक निजी सोसायटी के सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय उनकी मौत हो गई थी. अदालत ने मुंबई के ज़िलाधिकारी को निर्देश दिया कि मुआवजे़ के तौर पर प्रत्येक याचिकाकर्ता को 10 लाख रुपये की राशि दी जाए.

बॉम्बे हाईकोर्ट के बाद मद्रास उच्च न्यायालय ने नए आईटी नियमों के कुछ प्रावधानों पर रोक लगाई

डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर्स एसोसिएशन, पत्रकार मुकुंद पद्मनाभन और संगीतकार टीएम कृष्णा की नए आईटी नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं पर अदालत ने नियम 9 के उपबंध (1) एवं (3) पर रोक लगाई है. ये उप-खंड आचार संहिता के पालन को निर्धारित करते हैं. 

योजनाएं सिर्फ़ काग़ज़ पर, महाराष्ट्र सरकार ने कुपोषण से मौत रोकने के लिए क्या क़दम उठाए: कोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट 2007 में दाख़िल एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अमरावती ज़िले के मेलघाट क्षेत्र में कुपोषण की वजह से बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं की बड़ी संख्या में मृत्यु के मामलों को रेखांकित किया गया था. याचिका के अनुसार, इलाके में इस साल अगस्त से सितंबर के बीच कुपोषण तथा डॉक्टरों की कमी की वजह से 40 बच्चों की मौत हुई और 24 बच्चे मृत जन्मे.

दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज़ादी के 75 साल बाद भी लोगों को पानी के लिए अदालत आना पड़ रहा है: हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे जिला के भिवंडी शहर के कांबे गांव के ग्रामीणों की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की. याचिका में ठाणे ज़िला परिषद और भिवंडी-निज़ामपुर नगर निगम के संयुक्त उद्यम एसटीईएम वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन और इन्फ्रा कंपनी को दैनिक आधार पर पानी की आपूर्ति करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है. याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि उन्हें महीने में सिर्फ़ दो बार पानी आपूर्ति होती है और यह केवल दो घंटे के लिए.

देश की विविध स्थितियों को देखते हुए घर-घर जाकर कोविड-19 टीके लगाना संभव नहीं: सुप्रीम कोर्ट

एक याचिका में भारत सरकार और सभी राज्यों को समाज के कमज़ार तबकों, शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए घर-घर जाकर कोविड-19 रोधी टीके लगाए जाने की व्यवस्था करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था. याचिका के अनुसार, इन लोगों को कोविन पोर्टल पर ख़ुद को पंजीकृत करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.