CAG

असम में बीते 25 सालों में हुई 2.15 लाख करोड़ की अनियमितताओं का अब तक जवाब नहीं: कैग

कैग ने असम विधानसभा में पेश की गई एक रिपोर्ट में खुलासा किया कि असम सरकार के विभिन्न विभागों में 1994 से लेकर अगले 25 वर्षों के दौरान हुई 2,15,286 करोड़ रुपये की जिन कथित अनियमितताओं का उसने उजागर किया था, उससे संबंधित प्रश्नों का राज्य सरकार उत्तर नहीं दे पाई. 

आपात ट्रॉमा केयर सेंटर का संचालन न करने को लेकर कैग ने असम सरकार को फटकार लगाई

कैग ने असम के पांच अस्पतालों में आठ साल से भी ज्यादा वक्त से ट्रॉमा केयर केंद्रों का संचालन न करने को लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की खिंचाई की. विधानसभा में पेश कैग रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्तपोषित ये सेंटर सिर्फ आवश्यक मानव संसाधन की कमी के कारण नहीं चल रहे हैं.

पिछले पांच सालों में केंद्र सरकार पर कैग रिपोर्ट्स में 75 फीसदी की कमी आई: आरटीआई

अपनी रिपोर्ट्स के ज़रिये वित्तीय जवाबदेही तय करने और सरकारी अनियमितताओं को सामने लाने वाली कैग ने 2जी, कोयला आवंटन, 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स समेत कई घोटालों को उजागर किया था. आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार 2015 में कैग ने 55 रिपोर्ट्स पेश की थीं, जिनकी संख्या 2020 घटकर 14 हो गई.

वित्त वर्ष 2019 की कई कैग ऑडिट रिपोर्ट के सार्वजनिक पटल पर न आने की वजह क्या है

बीते कुछ सालों में विधानसभाओं में ऑडिट रिपोर्ट्स पेश करने में ख़ासी देर हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि रिपोर्ट पेश होने में हुई देर इसके प्रभाव को तो कम करती ही है, साथ ही सरकार में ग़ैर-जवाबदेही के चलन को बढ़ावा भी मिलता है.

Bengaluru: French aircraft Rafale manoeuvres during the inauguration of the 12th edition of AERO India 2019 air show at Yelahanka airbase in Bengaluru, Wednesday, Feb 20, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI2_20_2019_000069B)

रफाल सौदे से कुछ महीने पहले ऑफसेट संबंधी नीति बदले जाने पर कैग ने उठाए सवाल

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने पिछले हफ्ते संसद में रखी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अप्रैल 2016 में रक्षा ख़रीद नीति में बदलाव किया गया था, जिसके तहत रफाल विमानों का निर्माण करने वाली कंपनी को सितंबर 2016 में अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के समय एक ऑफसेट पार्टनर घोषित करने की आवश्यकता नहीं थी.

रफाल निर्माता कंपनी ने ऑफसेट दायित्वों को पूरा नहीं किया: कैग

रफाल बनाने वाली फ्रांस की दासो एविएशन और यूरोप की मिसाइल निर्माता कंपनी एमबीडीए ने विमान खरीद से संबंधित भारत को उच्च प्रौद्योगिकी की पेशकश के ऑफसेट दायित्वों को अब तक पूरा नहीं किया है. कैग ने कहा कि विक्रेता अपनी ऑफसेट प्रतिबद्धताओं को निभाने में विफल रहे, लेकिन उन्हें दंड देने का कोई प्रभावी उपाय नहीं है.

कैग ने असम सरकार के वित्तीय हिसाब-किताब पर उठाए सवाल, खातों की ‘सत्यता’ पर संदेह जताया

असम के पूरे 108,490 करोड़ रुपये के बजट का विश्लेषण करते हुए कैग ने कहा कि बजट को लागू करने और उस पर निगरानी रखने के सरकार के प्रयास अपर्याप्त रहे. यह भी कहा गया है कि बिना उचित स्पष्टीकरण के अतिरिक्त अनुदान का आवंटन किया गया और बिना बजट प्रावधान के भारी-भरकम राशि ख़र्च की गई है.

रक्षा ऑडिट रिपोर्ट्स को देश के नागरिकों से क्यों छिपाया जा रहा है?

रक्षा मंत्रालय की ऑडिट रिपोर्ट्स के सार्वजनिक पटल पर उपलब्ध न होने का सबसे अधिक नुक़सान इसके मुख्य स्टेकहोल्डर यानी आम नागरिकों को है. ऑडिट के निष्कर्षों तक सीमित पहुंच होना ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर एक सूचनापरक विमर्श होने में बाधा डालता है.

कैग के रक्षा ऑडिट में रफाल सौदे की जांच शामिल नहीं: मीडिया रिपोर्ट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि दिसंबर 2019 में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा सौंपी गई परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में सीएजी ने केवल बारह रक्षा ऑफसेट सौदों की समीक्षा की है. रक्षा मंत्रालय ने ऑडिटर को रफाल ऑफसेट सौदे संबंधी कोई जानकारी होने से इनकार किया है.

अमेरिका, पाक, चीन नज़र बनाए हुए हैं, इसलिए रक्षा रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड नहीं की: निवर्तमान कैग

हाल ही में रिटायर हुए पूर्व कैग राजीव महर्षि ने कहा कि संसद को हम रक्षा रिपोर्ट दे रहे हैं, लोक लेखा समिति को दे रहे हैं. वास्तव में यह गोपनीय नहीं है. कम से कम हम ऐसा कर रहे हैं कि इसे एक क्लिक पर प्राप्त नहीं किया जा सकेगा.

जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल पद से इस्तीफ़ा देने वाले गिरीश चंद्र मुर्मू नए कैग नियुक्त

गिरीश चंद्र मुर्मू ने बीते पांच अगस्त को अचानक जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल पद से इस्तीफ़ा दे दिया. बीते साल पांच अगस्त को ही जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्ज़ा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को केंद्र सरकार ने ख़त्म कर दिया था.

सियाचिन में सैनिकों को नहीं मिल रहे हैं उचित कपड़े, राशन और आवास: कैग

संसद में पेश कैग रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सैन्य टुकड़ियों के लिए आवश्यक कपड़ों, चश्मों आदि उपकरणों की कमी देखी गई है, साथ ही उन्हें दिए जाने वाले विशेष राशन की गुणवत्ता से भी समझौता किया गया.

सियाचिन, लद्दाख में जवानों को नहीं मिल रहा जरूरी खाना: कैग

कैग की रिपोर्ट से पता चला है कि सियाचिन और लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात जवानों के पास स्नो ग्लासेस और मल्टीपर्पज जूते नहीं हैं. उनके पास जरूरी भोजन भी उपलब्ध नहीं है. इन इलाकों में बेहद ठंड की वजह से जवानों को कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है.

‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी: सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ मामला बंद किया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राफेल मामले में सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया है कि ‘चौकीदार चोर है’. उनकी इसी टिप्पणी के खिलाफ मानहानि याचिका दायर की गई थी.