Caste based Discrimination

यूपी: शिक्षक ने स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य कर्मचारियों पर जाति आधारित भेदभाव का आरोप लगाया

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी का मामला है. सिटी इंटर कॉलेज में संस्कृत पढ़ाने वाले दलित शिक्षक ने आरोप लगाया है कि विद्यालय में क्षत्रिय शिक्षकों ने गुट बना रखा है, जो आए दिन उन्हें यह कह कर प्रताड़ित करते हैं. उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं और उन्हें कक्षाओं में पढ़ाने के लिए नहीं जाने देते तथा उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी नहीं करने देते.

छत्तीसगढ़: जाति की व​जह से महिला कथावाचक को मिली धमकी, पुलिस से शिकायत

छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले की रहने वालीं कथावाचक यामिनी साहू को ज़िले के एक गांव में भागवत कथा वाचन के लिए बुलाया गया था. पुलिस से की गई शिकायत में यामिनी ने आरोप लगाया है कि मुझे फोन पर धमकियां दी जा रही हैं. कहा जा रहा है कि एक ग़ैर-ब्राह्मण को कथा कहने का अधिकार नहीं है. जाकर मुजरा करो.

यूपी: शख़्स का दावा- जातिसूचक टिप्पणी के बाद शरारती तत्वों ने माथे पर एसिड से त्रिशूल बनाया

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का मामला. पीड़ित व्यक्ति का आरोप है कि कुछ लोगों ने 18 मार्च को होली के दिन शराब का गिलास गिरने पर उसके माथे पर जबरन एसिड से त्रिशूल बनाया और उसके लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया. पुलिस ने इसे झूठा मामला बताया है.

राष्ट्रीय ओवरसीज़ छात्रवृत्ति: वंचित तबके के छात्रों को विदेश में क्यों नहीं पढ़ने देना चाहती सरकार

केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति और भूमिहीन कृषि श्रमिक परिवारों से आने वाले छात्रों को विदेश में पढ़ने के लिए दी जाने वाली राष्ट्रीय ओवरसीज़ छात्रवृत्ति योजना में बिना किसी से सलाह-मशविरे और उससे लाभांवित तबकों की राय जाने बिना किए गए विषय संबंधी बदलाव बहुसंख्यकवादी असुरक्षा का नतीजा हैं.

एससी-एसटी क़ानून सही अर्थों में लागू होने तक जाति आधारित भेदभाव से मुक्ति नहीं मिल सकती: कोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज एक प्राथमिकी को शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच हुए समझौते के आधार पर रद्द करने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक इस क़ानून को इसकी वास्तविक भावना में लागू नहीं किया जाता तब तक जाति आधारित भेदभाव से रहित समाज का सपना दूर की कौड़ी बना रहेगा.

जाति से प्रेरित हिंसा दिखाती है कि आज़ादी के 75 वर्ष बाद भी जातिवाद ख़त्म नहीं हुआ: सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश में साल 1991 में ऑनर ​​किलिंग से संबंधित मामले पर फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि वह पहले भी ऐसी हत्याएं रोकने के लिए कड़े क़दम उठाने के कई निर्देश जारी कर चुकी है. कोर्ट ने यह भी कहा कि जाति-आधारित प्रथाओं द्वारा क़ायम ‘कट्टरता’ आज भी प्रचलित है और यह सभी नागरिकों के लिए संविधान के समानता के उद्देश्य को बाधित करती है.

कर्नाटक: मंदिर में प्रवेश पर दलित परिवार से जुर्माना मांगने के पांच आरोपी गिरफ़्तार

कर्नाटक में कोप्पल जिले के मियापुरा गांव का मामला. अनुसूचित जाति के चेन्नादासर समुदाय से ताल्लुक रखने वाले एक व्यक्ति बीते चार सितंबर को अपने दो साल के बेटे के जन्मदिन पर मंदिर गए थे. इस दौरान परिवार मंदिर के बाहर खड़ा था, लेकिन बच्चा मंदिर में चला गया, जिससे मंदिर के पुजारी नाराज़ और अन्य लोग नाराज़ हो गए थे.

ओलंपिक में हार के बाद हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया के परिवार पर की गई जातिगत टिप्पणी

बुधवार को ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के अर्जेंटीना से हारने के कुछ देर बाद कथित ऊंची जाति के दो लोगों ने हरिद्वार के एक गांव में रहने वाले हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया के परिवार पर जातिगत टिप्पणियां कीं. पुलिस ने बताया कि एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.

आंबेडकर यूनिवर्सिटीः एससी/एसटी छात्रों से भेदभाव पर आवाज़ उठाने वाली छात्रा पर जुर्माना

दिल्ली के आंबेडकर यूनिवर्सिटी की एक छात्रा पर दिसंबर 2020 में विश्वविद्यालय के ऑनलाइन दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की कई नीतियों के ख़िलाफ़ हुए छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए जुर्माना लगाया है. छात्रा का कहना है कि उन्हें निशाना बनाया गया है.

आईआईटी-मद्रास के सहायक प्रोफेसर ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाते हुए इस्तीफ़ा दिया

संस्थान के सहायक प्रोफेसर विपिन पुदियाथ वीतिल ने फैकल्टी सदस्यों को भेजे ईमेल में लिखा है कि ऊंचे पदों पर बैठे लोगों द्वारा उनके साथ भेदभाव किया गया है. उन्होंने इस समस्या का समाधान करने के लिए एक समिति बनाने का सुझाव दिया है.

उत्तर प्रदेशः अधिकारियों के साथ बैठक में दलित ग्राम प्रधान को कुर्सी से खींचा, एफआईआर दर्ज

घटना महोबा की है, जहां हाल ही में ग्राम प्रधान बनीं एक दलित महिला ने आरोप लगाया है कि गांव के पंचायत भवन में ज़िले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया. उन्हें कुर्सी से उतरने को कहते हुए जातिसूचक टिप्पणियां भी की गईं.

बिहार: अंधेरी बस्तियों से फूटी रोशनी की किरण

बीते महीने बिहार के दरभंगा ज़िले की अदलपुर पंचायत में मुस्लिमों के अत्यंत पिछड़ा वर्ग से आने वाले और अमूमन सामाजिक उपेक्षा का शिकार रहे ‘फ़कीर’ समुदाय के दो बच्चे हाईस्कूल की दहलीज़ तक पहुंचे, वहीं गांव के ही दो दलित बच्चों ने पहली बार मैट्रिक पास किया है.

क्यों भारतीय जेलें मनु के बनाए जाति नियमों से चल रही हैं

कई राज्यों की जेलों के मैनुअल कारागार के अंदर किए जाने वाले कामों का निर्धारण जाति के आधार पर करने की बात कहते हैं.

उत्तर प्रदेशः कथित तौर पर सरकारी हैंडपंप छूने पर दलित व्यक्ति से मारपीट, मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले की घटना. पुलिस ने बताया कि यह मामला पिछले दो महीनों से चल रहा है. पुलिस कई बार मामले को सुलझा चुकी है और फ़िलहाल मामले की जांच जारी है.

दलितों ने जो अधिकार संघर्ष से हासिल किए थे, आज वो सब खोते जा रहे हैं

बहुत सारे अधिकार संविधान सभा की बहसों से निकले थे, जब भारतीय संविधान बना तो उसमें उन अधिकारों को लिख दिया गया और बहुत सारे अधिकार बाद में दलितों ने अपने संघर्षों-आंदोलनों से हासिल किए थे. हालांकि दलितों का बहुत सारा समय और संघर्ष इसी में चला गया कि राज्य ने उन अधिकारों को ठीक से लागू नहीं किया.