Chief Justice of India

न्यायाधीशों की नियुक्ति न्यायाधीश करते हैं, यह धारणा ग़लत है: एनवी रमना

प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने कॉलेजियम प्रणाली का बचाव करते हुए कहा कि न्यायिक नियुक्तियों पर उच्चतम न्यायालय के फ़ैसले जनता के विश्वास को बनाए रखने के मक़सद से होते हैं. न्यायाधीशों की नियुक्ति लंबी परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से होती है, जहां कई हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जाता है.

मीडिया को न्यायपालिका पर विश्वास करना चाहिएः सीजेआई एनवी रमना

मुंबई प्रेस क्लब द्वारा डिजिटल माध्यम से आयोजित ‘रेड इंक अवॉर्ड्स’ समारोह में चीफ जस्टिस एनवी रमना ने ख़बरों में वैचारिक पूर्वाग्रह मिलाने की प्रवृत्ति को लेकर कहा कि तथ्यात्मक रिपोर्ट्स में रायशुमारी से बचना चाहिए. पत्रकार, जजों की तरह ही होते हैं. उन्हें अपनी विचारधारा और आस्था से परे बिना किसी से प्रभावित हुए केवल तथ्यों को बताना चाहिए और सच्ची तस्वीर पेश करनी चाहिए.

नौकरशाहों, पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ शिकायतों की जांच के लिए समिति बनाना चाहता थाः सीजेआई रमना

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने यह टिप्पणी उस समय की, जब अदालत की पीठ छत्तीसगढ़ के निलंबित अतिरिक्त डीजी गुरजिंदर पाल सिंह के खिलाफ राजद्रोह, भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के अपराधों के लिए राज्य सरकार द्वारा दर्ज तीन एफआईआर के संबंध में तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी.

सीबीआई के नए निदेशक का कार्यकाल बदलने का कारण बताने से केंद्र का इनकार

दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 की धारा 4 बी (1) के अनुरूप सीबीआई निदेशक द्वारा उनकी सेवा शर्तों से संबंधित नियमों से कुछ विपरीत होने के बावजूद पद संभालने करने की तारीख से कम से कम दो वर्ष की अवधि के लिए पद पर बने रहने का प्रावधान है.

जजों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए कोर्ट ने केंद्र को दी समयसीमा, कहा- अदालतों की स्थिति ख़राब

सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए समयसीमा पर ज़ोर देते हुए ऐसे उच्च न्यायालयों को लेकर चिंता व्यक्त की, जहां न्यायाधीशों के 40-50 प्रतिशत पद रिक्त हैं. कोर्ट ने कहा कि अगर कॉलेजियम अपनी सिफ़ारिशों को सर्वसम्मति से दोहराता है तो केंद्र को तीन-चार सप्ताह के भीतर न्यायाधीशों की नियुक्ति कर देनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कॉलेजियम के भेजे नामों को मंज़ूरी देने की समयसीमा बताने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वे एक तर्कसंगत समयसीमा बताए जिसके अंदर वे शीर्ष अदालत के कॉलेजियम द्वारा जजों की नियुक्ति के लिए की गई सिफ़ारिशों पर कार्रवाई कर सकता है. कोर्ट ने यह भी पूछा कि उसके कॉलेजियम द्वारा भेजे गए दस नाम, जो सरकार के पास डेढ़ साल से लंबित हैं, को कब तक मंज़ूरी मिलने की उम्मीद की जा सकती है.

मुकदमे से पहले अनिवार्य मध्यस्थता वाले कानून के लिए यह उपयुक्त समय है: सीजेआई

सीजेआई एसए बोबडे ने कहा कि वैश्विक समुदाय के एक अभिन्न सदस्य तथा व्यापार और निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण होने के नाते भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में किस तरह से शामिल होता है इसका सीमा पार अंतरराष्ट्रीय व्यापार, वाणिज्य और निवेश के प्रवाह पर महत्वपूर्ण प्रभाव होता है.

विश्वविद्यालयों को किसी उत्पादन इकाई की तरह काम नहीं करना चाहिए: सीजेआई बोबडे

सीजेआई शरद अरविंद बोबडे ने राष्ट्रसंत तुकादोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के 107वें दीक्षांत समारोह में कहा कि नागरिकता सिर्फ लोगों के अधिकारों के बारे में ही नहीं बल्कि समाज के प्रति उनके कर्तव्यों के बारे में भी है.

मेडिकल कॉलेज घोटाला: सीबीआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज नारायण शुक्ला को नामज़द किया

सीबीआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के जस्टिस नारायण शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आईएम कुद्दूसी, प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट के भगवान प्रसाद यादव और पलाश यादव, ट्रस्ट तथा दो अन्य भावना पांडेय और सुधीर गिरि को मेडिकल कॉलेज रिश्वत घोटाला मामले में नामज़द किया है.

सीजेआई बोबडे अयोध्या, निजता के अधिकार सहित ऐतिहासिक फैसलों में रहे शामिल

जस्टिस बोबडे रविवार को सेवानिवृत्त हुए जस्टिस रंजन गोगोई का स्थान लेंगे. मुख्य न्यायाधीश के रूप में बोबडे का कार्यकाल करीब 17 महीने का होगा और वह 23 अप्रैल 2021 को सेवानिवृत्त होंगे.

जस्टिस एसए बोबडे ने भारत के 47वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली

एसए बोबडे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रह चुके हैं. वह कई महत्वपूर्ण पीठों का हिस्सा रहे हैं. इसके अलावा मुंबई में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और नागपुर में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के वह चांसलर भी हैं.

कॉलेजियम में पर्याप्त पारदर्शिता, इसकी चर्चाओं का खुलासा करने की जरूरत नहीं: भावी सीजेआई बोबडे

देश के अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने यह भी कहा कि सरकार जजों की नियुक्ति में देरी नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि किसी मामले की सुनवाई से हटने के संबंध में जज को कोई कारण बताने की जरूरत नहीं है.

जस्टिस एसए बोबडे होंगे अगले मुख्य न्यायाधीश, 18 नवंबर को लेंगे शपथ

हाल ही में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार को एक पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट में अपने बाद वरिष्ठतम न्यायाधीश एसए बोबडे को अपना उत्तराधिकारी बनाने की सिफ़ारिश की थी.

जमैका के सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस चंद्रचूड़ के फैसले के ज़रिये आधार जैसी योजना को ख़ारिज किया

जमैका की सरकार ने 2017 में राष्ट्रीय पहचान प्रणाली विकसित की थी. इसका उद्देश्य जमैका के नागरिकों की बायोमेट्रिक जानकारी इकट्ठा करनी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना निजता के अधिकार का उल्लंघन है.

New Delhi: Chief Justice of India Justice Dipak Misra and CJI-designate Justice Ranjan Gogoi during the launch of SCBA Group Life Insurance policy, at the Supreme court lawns, in New Delhi, Tuesday, Sep 26, 2018. (PTI Photo/ Shahbaz Khan) (PTI9_26_2018_000111B)

मास्टर ऑफ रोस्टर अब मास्टर ऑफ कॉलेजियम भी बन गए हैं

उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण फैसले और प्रस्ताव मुख्य न्यायाधीश द्वारा कॉलेजियम की सहमति दरकिनार करते हुए मनमाने और अनौपचारिक तरीके से लिए जा रहे हैं.