Communal Harmony

कर्नाटक: टीपू सुल्तान पर आधारित किताब पर अदालत ने रोक लगाई

तत्कालीन मैसूर साम्राज्य के शासक टीपू सुल्तान पर आधारित कन्नड़ भाषा में लिखित किताब ‘टीपू निजा कनसुगालु’ की बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा गया था कि इसकी सामग्री मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ है और इसके प्रकाशन से बड़े पैमाने पर अशांति फैलने व सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा होने की आशंका है.

सोशल मीडिया कंपनियां किसी भी पार्टी को चुनाव जिता सकती हैं: राहुल गांधी

महाराष्ट्र के वाशिम शहर में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया कंपनियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भले ही ईवीएम सुरक्षित है, सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय चुनावों में धांधली हो सकती है.

नालंदा: धर्मों की खींचातानी के बीच माड़ी की मस्जिद को सहेजते इन हिंदुओं का धर्म मानवता है

नालंदा ज़िले के बेन ब्लॉक की कांट पंचायत के माड़ी गांव में क़रीब 200 साल पुरानी मस्जिद की देखरेख बीते कई बरसों से इस गांव की हिंदू आबादी के ज़िम्मे है. देश के धार्मिक दबंगई के माहौल में एक दूसरे की आस्था और विश्वास को बनाए रखने वाले इन ग्रामीणों में सूफ़ी और भक्ति परंपराओं की दुर्लभ तस्वीर नज़र आती है.

कर्नाटक: मुस्लिम किरदार और अंतर धार्मिक एंगल होने से बजरंग दल ने नाटक का मंचन रुकवाया

घटना कर्नाटक के शिवमोगा ज़िले की है. एक थियेटर ग्रुप जाने-माने लेखक और गीतकार जयंत कैकिनी के एक नाटक का मंचन कर रहा था. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नाटक में कुछ ​मुस्लिम किरदार और लव जिहाद का एंगल होने का आरोप लगाते हुए स्टेज पर चढ़कर नारेबाज़ी और हंगामा किया. उनका कहना था कि यह समाज में ग़लत संदेश भेजेगा.

सांप्रदायिक घृणा: ग़ाज़ियाबाद प्रशासन ने यति नरसिंहानंद को क़ानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी

उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद स्थित डासना देवी मंदिर के पुजारी और कट्टर हिंदुत्ववादी नेता यति नरसिंहानंद ने कहा था कि वह 17 जून को दिल्ली की जामा मस्जिद जाएंगे और क़ुरान पर एक प्रस्तुति देंगे, जिसके बाद प्रशासन ने यह क़दम उठाया है. नोटिस में कहा कि अगर वह नफ़रत फैलाने वाले बयान देना बंद नहीं करेंगे, तो उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी.

नफ़रत के दिनों की ईद ज़्यादा खुले दिल से मनाई जानी चाहिए…

हमारी दुनिया में कितनी भी मायूसी हो, चाहे जितनी भी नफ़रत पैदा की जा रही हो, उम्मीद और प्रेम के उजालों में चलकर ही कहीं पहुंचा जा सकता है.

शोभा यात्रा और धार्मिक जुलूस बिना विधिवत अनुमति के न निकाले जाएं: योगी आदित्यनाथ

बीते दिनों दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा और हाल ही में मध्य प्रदेश, झारखंड, गुजरात और पश्चिम बंगाल में रामनवमी के जुलूस के दौरान हिंसा की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए योगी आदित्यनाथ ने राज्य में किसी भी तरह का तनाव रोकने और सुदृढ़ क़ानून-व्यवस्था के इरादे से इस व्यवस्था को लागू करने पर ज़ोर दिया है.

वाराणसी: घाटों पर सांप्रदायिक पोस्टर लगाने वाले पांच लोगों पर मामला दर्ज, कोई गिरफ़्तारी नहीं

बीते हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के पंचगंगा, दशाश्वमेध, अस्सी और मणिकर्णिका समेत कई घाटों पर विहिप व बजरंग दल द्वारा लगाए पोस्टरों पर ग़ैर-हिंदुओं को गंगा घाटों से दूर रहने की चेतावनी दी गई थी. विहिप का दावा है कि उसने पोस्टर लगाने वाले दो सदस्यों को संगठन से निकाल दिया है.

भाजपा ने दिवाली को नफ़रत के त्योहार में बदल दिया है

फैब इंडिया के एक हालिया विज्ञापन पर आपत्ति के बाद कंपनी का उसे हटाने का फ़ैसला उसी बीमारी को उजागर करता है, जिसका भारत को डटकर सामना करने की ज़रूरत है.

फैब इंडिया का विज्ञापन वापस लेना देश के उद्योग जगत की प्राथमिकताएं दिखाता है

मिश्रित संस्कृति, भाषा की यात्रा आदि की शिक्षा का अब कोई लाभ नहीं है. उर्दू या मुसलमानों के ख़िलाफ़ प्रचार किसी अज्ञानवश नहीं किया जा रहा. यह उनके रोज़ाना अपमान का ही एक हिस्सा है. टाटा के बाद फैब इंडिया ने भी इसी अपमान को शह दी है.

नॉर्थ ईस्ट डायरी: हिमंता बिस्वा सरकार के सौ दिन और ‘नए असम’ का वादा

वीडियो: इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में असम में हिमंता बिस्वा शर्मा की अगुवाई वाली भाजपा सरकार के सौ दिनों और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के अरुणाचल प्रदेश से चकमा और हाजोंग समुदाय को हटाने संबंधी बयान पर द वायर की नेशनल अफेयर्स एडिटर संगीता बरुआ पिशारोती से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.

मुज़फ़्फ़रनगर महापंचायत ने सांप्रदायिकता पर वो चोट की है, जिसकी देश को सख़्त ज़रूरत थी

किसान आंदोलन के अराजनीतिक होने को उसकी अतिरिक्त शक्ति के रूप में देखें, तो कह सकते हैं कि हिंदू-मुस्लिम सद्भाव की यह मुहिम राजनीतिक हानि-लाभ से जुड़ी न होने के कारण अधिक विश्वसनीय है और ज़्यादा उम्मीदें जगाती है.

दिवाली पर पटाखे न जलाने की सलाह पर तनिष्क़ के एक और विज्ञापन को लेकर फ़िर विवाद

दिवाली को लेकर बनाए गए तनिष्क़ के इस विज्ञापन में पटाखे न जलाने की बात कहीं गई थी, जिस पर सोशल मीडिया पर एक धड़े की भावनाएं आहत हो गईं. इन लोगों ने हिंदुओं के त्योहारों को कैसे मनाया जाए इस पर ज्ञान न देने की सलाह दी. विवाद के बाद कंपनी के ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पेज से इसे हटा लिया गया है.

मंदिर में नमाज़: क्या पवित्रता की साझेदारी संभव नहीं है

यह वही मुल्क़ है जहां ताजिये पीपल की डाल से न टकराए, इसका ख़ास ध्यान रखा जाता है, हिंदू मांएं भी ताजिये का इंतज़ार करती हैं कि उसके नीचे से बच्चे को गुजारकर आशीर्वाद ले सकें. हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह में चादर चढ़ाते हिंदुओं को क्या अलग कर सकते हैं? लेकिन अब साझा पवित्रता का विचार अपराध है.

तनिष्क के बहाने बशीर चूड़ीवाले की याद…

जहां टाटा हिंदू बहू और मुस्लिम सास के प्रेम का सामना करने से डर गया, वहीं बशीर चूड़ीवाले अपने शहर की हिंदू बहू-बेटियों के प्रति अपने स्नेह के लिए आज भी आम लोगों की स्मृति में ज़िंदा हैं.