contempt of court

सीजेआई ने कुणाल कामरा के ख़िलाफ़ अवमानना याचिका की सुनवाई से ख़ुद को अलग किया

सुप्रीम कोर्ट स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनके द्वारा साल 2020 में किए गए कई ट्वीट ने अदालत की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाया था. कामरा ने आत्महत्या मामले में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा ज़मानत दिए जाने के विरोध में ये ट्वीट किए थे.

विवेक अग्निहोत्री ने जज पर पक्षपात के आरोप लगाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट से माफ़ी मांगी

2018 में फिल्मकार विवेक अग्निहोत्री ने ट्विटर पर लिखा था कि दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस एस. मुरलीधर ने एल्गार परिषद मामले में आरोपी गौतम नवलखा की नज़रबंदी का आदेश इसलिए रद्द किया था क्योंकि वे जज की पत्नी के दोस्त थे. अग्निहोत्री की माफ़ी के बाद कोर्ट ने कहा कि वे उसके समक्ष पेश होकर खेद जताएं.

कपिल सिब्बल बोले- सुप्रीम कोर्ट से कोई उम्मीद नहीं बची, वकीलों ने की अवमानना कार्यवाही की मांग

वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने एक कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों को लेकर कहा कि यदि आपको लगता है कि जज हमेशा क़ानून के अनुसार निर्णय लेते हैं, तो आप ग़लत हैं. राजनीतिक तौर पर संवेदनशील मामले कुछ चुनिंदा जजों को दिए जाते हैं और निर्णय का क्या होगा, यह कोई भी बता सकता है.

London: F1 Force India team boss Vijay Mallya smiles as he arrives to attend a hearing at Westminster Magistrates Court in London, Wednesday, Sept. 12, 2018. Investigators have accused the 62-year-old of paying $200,000 to a British firm for displaying his company Kingfisher's logo during the Formula One World Championships in London and some European countries in the 1990s. AP/PTI(AP9_12_2018_000201B)

अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या को चार महीने की सज़ा सुनाई

9,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले के आरोपी भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को अदालत की अवमानना के लिए साल 2017 में दोषी ठहराया गया था. उन्होंने अदालत के आदेशों का उल्लंघन करते हुए अपने बच्चों के खातों में 4 करोड़ डॉलर स्थानांतरित करने की जानकारी को साझा नहीं किया था. शीर्ष अदालत ने माल्या को ब्याज सहित यह राशि चार सप्ताह में जमा करने का आदेश दिया है.

यति नरसिंहानंद के ख़िलाफ़ चलेगा सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का मुक़दमा

यति नरसिंहानंद ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘… सुप्रीम कोर्ट, इस संविधान में हमें कोई भरोसा नहीं है. ये संविधान इस देश के सौ करोड़ हिंदुओं को खा जाएगा. … जो इस सिस्टम, नेताओं, इस पुलिस, फौज और सुप्रीम कोर्ट में भरोसा कर रहे हैं, वो सारे कुत्ते की मौत मरने वाले हैं.’

Hooghly: Tripura Chief Minister Biplab Kumar Deb addresses a rally, at Arambagh in Hooghly, Tuesday, Jan. 29, 2019. (PTI Photo) (PTI1_29_2019_000073B)

त्रिपुरा: मुख्यमंत्री बोले- अदालत की अवमानना से न डरें अधिकारी, पुलिस मेरे नियंत्रण में

त्रिपुरा सिविल सर्विस ऑफिसर्स एसोसिएशन के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने कहा कि अधिकारियों का एक वर्ग इस तरह अदालत की अवमानना ​​​​का हवाला दे रहा है जैसे कि यह अवमानना कोई बाघ हो, लेकिन वास्तव में ‘मैं बाघ हूं.’ सरकार चलाने वाले के पास शक्ति होती है.

तेलंगाना: अवमानना के मामलों के लिए सरकार ने जारी किए 60 करोड़ रुपये, हाईकोर्ट ने नाराज़गी जताई

तेलंगाना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस विजयसेन रेड्डी ने राज्य सरकार को नौकरशाहों के ख़िलाफ़ लंबित अदालती अवमानना के मामलों से लड़ने के लिए निर्धारित राशि जारी न करने का निर्देश  दिया है.

राजदीप सरदेसाई के ख़िलाफ़ स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना मामला दर्ज नहीं किया: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के आधार पर पत्रकार राजदीप सरदेसाई के ख़िलाफ़ अदालत द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना मामला दर्ज करने के संबंध में मीडिया में ख़बर आई थी. हालांकि न्यायालय ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि ऐसा ग़लती से हो गया था.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

अवमानना के मामलों की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अदालतों की आलोचना बढ़ती जा रही है

पत्रकार अर्णब गोस्वामी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में ज़मानत मिलने के संबंध में स्टैंडअप काॅमेडियन कुणाल कामरा की तरह ही कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा के ख़िलाफ़ भी कथित अपमानजनक ट्वीट को लेकर अदालत की अवमानना संबंधी कार्यवाही करने का आग्रह सुप्रीम कोर्ट से किया गया है.

अदालत की अवमानना मामले में स्टैंडअप काॅमेडियन कुणाल कामरा ने अपना बचाव किया

आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पत्रकार अर्णब गोस्वामी को ज़मानत मिलने के संबंध में स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने सुप्रीम कोर्ट और उनके जजों के ख़िलाफ़ कई ट्वीट किए थे. अपने बचाव में उन्होंने कहा है कि ये मान लेना कि सिर्फ़ उनके ट्वीट से दुनिया के सबसे शक्तिशाली अदालत का आधार हिल सकता है, उनकी क्षमता को बढ़ा-चढ़ा कर समझना है.

कॉमेडियन कुणाल कामरा और कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा को सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना नोटिस भेजा

11 नवंबर को स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पत्रकार अर्णब गोस्वामी की ज़मानत के संबंध में सुप्रीम कोर्ट और उसके जजों के ख़िलाफ़ कई ट्वीट किए थे. इसी बारे में कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा ने भी ट्वीट किए थे. अटॉर्नी जनरल ने दोनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मंज़ूरी दी है.

कुणाल कामरा के बाद कार्टूनिस्ट के ख़िलाफ़ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मंज़ूरी

अटॉर्नी जनरल ने सैनिटरी पैनल्स नाम के एक वेब कॉमिक्स पेज में प्रकाशित एक कार्टून को लेकर कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा के ख़िलाफ़ कार्यवाही को मंज़ूरी दी है. इस कार्टून में अर्णब गोस्वामी की ज़मानत पर टिप्पणी की गई थी. इससे पहले कॉमेडियन कुणाल कामरा के ख़िलाफ़ इसी संबंध में कार्रवाई को मंज़ूरी दी गई थी.

सुप्रीम कोर्ट की अवमानना: कुणाल कामरा ने कहा- न माफ़ी मांगूंगा, न जुर्माना भरूंगा

आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले पत्रकार अर्णब गोस्वामी को ज़मानत मिलने के संबंध में स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने सुप्रीम कोर्ट और उनके जजों के ख़िलाफ़ कई ट्वीट किए थे, जिसके बाद उनके ख़िलाफ़ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने मंज़ूरी दी थी.

‘अदालत की अवमानना और बोलने की आज़ादी के बीच सामंजस्य ज़रूरी, मीडिया सीमा से बाहर जा रहा है’

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के ख़िलाफ़ अवमानना के एक मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि टीवी चैनल आरोपियों के निजी वॉट्सऐप चैट को प्रसारित कर रहे हैं, यह न्यायिक व्यवस्था के लिए बेहद ख़तरनाक है.

लोकतंत्र बचा सकने वाली अकेली संस्था ही इसका गला घोंटने में मदद कर रही है

भारत में अक्सर न्यायिक आज़ादी के रास्ते में कार्यपालिका और कभी-कभी विधायिका द्वारा बाधा डालने की संभावनाएं देखी जाती हैं, लेकिन जब न्यायपालिका के भीतर के लोग ही अन्य शाखाओं के सामने झुक जाते हैं, तो स्थिति बिल्कुल अलग हो जाती है.