Corona Test

Srinagar: A doctor collects samples for immunoglobulin (Ig) blood test against coronavirus disease, at Barzulla Bone and Joint Hospital in Srinagar, Monday, June 15, 2020. Authorities organised testing among health care workers as positive cases and deaths increase day-by-day in the Jammu and Kashmir. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI15-06-2020_000102B)

आईसीएमआर को कोरोना हॉटस्पॉट का सीरो-प्रीवलेंस डेटा प्रकाशित करने से रोका गया: रिपोर्ट

मीडिया में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कोविड-19 की व्यापकता का अनुमान लगाने के लिए भारत के पहले राष्ट्रीय सीरो-प्रीवलेंस सर्वेक्षण के शोधकर्ताओं से 11 मई और 4 जून के बीच 10 शहरों के हॉटस्पॉट से एकत्र किए गए डेटा को शोध-पत्र से हटाने के लिए कहा था.

(फोटो: रॉयटर्स)

मांग के आधार पर कोविड-19 जांच की आईसीएमआर ने अनुमति दी

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने अपनी कोविड-19 जांच रणनीति की समीक्षा कर नया परामर्श जारी किया है. परिषद ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कोविड जांच नहीं होने के आधार पर आपात सेवा में देरी नहीं की जानी चाहिए और गर्भवती महिला को जांच की सुविधा नहीं होने के आधार पर रेफर नहीं किया जाना चाहिए.

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जिन लोगों में कोविड-19 के लक्षण नहीं, उनकी जांच भी ज़रूरी: डब्ल्यूएचओ

डब्ल्यूएचओ की टेक्निकल लीड मारिया वान केरखोवे ने कोविड टेस्टिंग पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह चिंता का विषय है कि लोग अब शारीरिक दूरी के नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे. मास्क पहनने के बाद भी कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखना ज़रूरी है.

(फोटोः पीटीआई)

महाराष्ट्रः कोरोना टेस्ट के लिए महिला के निजी अंगों से सैंपल लेने का आरोप, लैब कर्मी गिरफ़्तार

घटना 29 जुलाई को अमरावती में हुई. एक मॉल में काम करने वाली महिला अपने साथियों के साथ कोरोना टेस्ट के लिए मोदी अस्पताल गई थीं, जहां नाक के स्वैब लिए जाने के बाद लैब टेक्नीशियन ने पीड़िता को निजी अंगों से भी स्वैब लेने को ज़रूरी बताया.

(फोटोः पीटीआई)

सीरो प्रीवलेंस अध्ययन: दिल्ली में क़रीब 23 प्रतिशत लोग कोविड-19 से प्रभावित

सीरो-सर्वेक्षण अध्ययनों में लोगों के ब्लड सीरम की जांच करके किसी आबादी या समुदाय में ऐसे लोगों की पहचान की जाती है, जिनमें किसी संक्रामक रोग के ख़िलाफ़ एंटीबॉडी विकसित हो जाती हैं. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने दिल्ली सरकार के सहयोग से 27 जून से 10 जुलाई तक के बीच सीरो-प्रीवलेंस अध्ययन किया.

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कोरोना: रैपिड टेस्ट की मंज़ूरी में देरी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने आईसीएमआर को फटकारा

कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात को देखते हुए ज़रूरी शर्तों या प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए आईसीएमआर द्वारा दिया गया एक महीने का समय बहुत लंबा है.

New Delhi: Medics wearing PPE kits with COVID-19 suspected patients at AIIMS, during the ongoing nationwide lockdown, in New Delhi, Thursday, June 4, 2020.Reportedly, hundreds of health workers have tested positive with coronavirus infection in AIIMS. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI04-06-2020_000173B)

केरल: कंटेनमेंट जोन में कोविड-19 टेस्ट करने गए डॉक्टर टीम पर लोगों ने किया हमला

मामला तिरुवनंतपुरम के पुन्थुरा इलाके का है. इलाके में कोविड-19 के मामले बढ़ने के बाद प्रशासन ने उसको कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया था. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वायरस परीक्षण के लिए नमूना लेने के बाद बिना रिपोर्ट आए लोगों को क्वारंटीन सेंटर ले जा रहे थे.

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यूपी: मेरठ के अस्पताल पर 2,500 रुपये में कोरोना निगेटिव रिपोर्ट बनाने का आरोप, जांच के आदेश

मामला न्यू मेरठ हॉस्पिटल का है, जहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. इसमें पैसे लेकर कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट तैयार करने की बात कही जा रही है. मामला सामने आने के बाद प्रबंधन के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कर अस्पताल को सील कर दिया गया है.

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दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में कहा, गर्भवतियों को भर्ती करने के लिए पहले से कोविड जांच ज़रूरी नहीं

एक जनहित याचिका के जवाब में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि गर्भवती महिला के इलाज के साथ ही जांच हो सकती है. यदि जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होती है तो महिला को उपचार के लिए विशेष कोविड-19 अस्पताल में स्थानांतरित किया जाएगा.

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दिल्ली के कोविड अधिकृत जीटीबी अस्पताल में सीनियर डॉक्टरों की कमी, 95 पद खाली

दिल्ली सरकार द्वारा कोविड-19 के लिए अधिकृत जीटीबी अस्पताल में इस समय 300 से अधिक कोरोना संक्रमित भर्ती हैं. यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के शिक्षक संघ का कहना है कि बीते चार सालों से ऐसी ही स्थिति है, बार-बार मामला उठाए जाने के बावजूद प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉ. टेड्रोस एडनम घेब्रेसियस (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: दुनिया में ऑक्सीज़न सिलेंडर की कमी पर डब्ल्यूएचओ ने जताई चिंता

कोरोना वायरस के मरीज़ों को सांस लेने में तकलीफ़ का सामना करना पड़ता है और उन्हें ऑक्सीज़न सपोर्ट की ज़रूरत पड़ती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख ने कहा कि अनेक देशों के पास ऑक्सीज़न के लिए ज़रूरी उपकरणों का अभाव है और 80 फ़ीसदी से ज्यादा बाज़ार पर कुछ ही कंपनियों का क़ब्ज़ा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई

दिल्ली: कोरोना संक्रमित का आरोप- रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्यकर्मी तीन दिन से देखने नहीं आए

दिल्ली के शालीमार बाग़ स्थित कंटेनमेंट जोन में रहने वाली 32 वर्षीय महिला का आरोप है कि जांच में कोराना पॉजिटिव होने के बाद उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि उन्हें किसी दवा की ज़रूरत है या नहीं और क्या घर पर क्वारंटीन पूरा होने के बाद उन्हें कोई दूसरी जांच करानी होगी या नहीं.

(फोटो: पीटीआई)

अब कोविड-19 के लक्षण वाले हर व्यक्ति की होगी जांच: आईसीएमआर

आईसीएमआर ने कहा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने और लोगों की जान बचाने का एकमात्र तरीका है कि हम जांच करें, संक्रमण के कारण पता करें और फिर इलाज करें. देश में 23 जून तक 73.5 लाख से ज़्यादा नमूनों की जांच हुई है.

(फोटो: पीटीआई)

राजस्थान के निजी अस्पतालों एवं प्रयोगशालाओं में 2200 रुपये में होगी कोविड-19 जांच

दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने कोरोना वायरस जांच की कीमतें घटाई हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह जांच की अधिकतम कीमत तय करे, देश में कीमतों में एकरूपता होनी चाहिए.

New Delhi: Relatives of a COVID-19 victim mourn over his demise at Punjabi Bagh cremation ground which is the capital’s first COVID-only burning ghat, in New Delhi, Wednesday, June 10, 2020. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI10-06-2020 000107B)

जम्मू: अंतिम संस्कार के दौरान कोरोना पीड़ित के दो रिश्तेदारों की मौत को लेकर प्रदर्शन

जम्मू में बीते 18 जून को कोरोना वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने के दौरान उनके दो रिश्तेदारों की मौत हो गई थी. परिजनों को आरोप है कि दोनों की मौत प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है. भीषण गर्मी के बावजूद उन्हें पीपीई किट पहनाकर एक श्मशान भूमि से दूसरे श्मशान भूमि घुमाया गया. पानी की कमी से उनकी मौत हो गई.