Corona Vaccine

उत्तराखंड से भाजपा विधायक कुंवर प्रनव सिंह के 25 वर्षीय बेटे दिव्य प्रताप सिंह. (फोटो: इंस्टाग्राम)

उत्तराखंड: भाजपा विधायक के 25 वर्षीय बेटे ने अभियान से पहले लगवाया कोविड टीका, जांच की मांग

पिछले महीने महाराष्ट्र में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के 22 वर्षीय भतीजे के कोविड वैक्सीन लगा लेने के कारण विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी. उस वक्त 18 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए टीकाकरण शुरू नहीं हुआ था. कई नेताओं ने सवाल उठाए थे कि आख़िर कैसे फडणवीस के भतीजे को वैक्सीन लगाया गया, जबकि वह अभी तक इसके योग्य नहीं हैं.

Manish Sisodia PTI

जब अपने देश में लोग मर रहे हैं, तब टीके निर्यात करना केंद्र का जघन्य अपराध: सिसोदिया

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वैक्सीन की कमी के लिए पूरी तरह केंद्र सरकार ज़िम्मेदार है. जब इतनी वैक्सीन बन गई थी तो इसे अपने लोगों को देकर बेहतर कोरोना मैनेजमेंट हो सकता था, लेकिन केंद्र सरकार इंटरनेशनल इमेज मैनेजमेंट में लगी रही. इस बीच सोमवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के पास कोवैक्सीन का एक दिन का स्टॉक है, जबकि कोविशील्ड सिर्फ़ तीन से चार दिन के लिए बचा है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविन पोर्टल पंजीकरण के लिए दस्तावेज़ न होने पर किसी क़ैदी को टीके से वंचित नहीं कर सकते: कोर्ट

ओडिशा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करे कि किसी भी क़ैदी को इस आधार पर कोविड टीकाकरण से वंचित न रखा जाए कि वह कोविन पोर्टल पर पहचान संबंधी दस्तावेज़ों के अभाव में ख़ुद को पंजीकृत नहीं कर सका. अदालत ने कहा ऐसे क़ैदियों को टीका लगाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं होनी चाहिए.

स्पुतनिक वी टीका. (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: कोवैक्सीन और कोविशील्ड के बाद रूस में बनी ‘स्पुतनिक वी’ के इस्तेमाल को मिली मंज़ूरी

रूस में निर्मित ‘स्पुतनिक वी’ भारत में कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होने वाली तीसरी वैक्सीन है. इससे पहले जनवरी में पुणे में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ तथा भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ के आपातकालीन उपयोग की मंज़ूरी दी थी.

सोनिया गांधी. (फोटो: पीटीआई)

सोनिया गांधी ने कहा, सरकार ने कोविड-19 टीके का निर्यात किया और देश में इसकी कमी होने दी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र सभी सार्वजनिक कार्यक्रम और चुनावी रैलियों को रद्द करने पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि चुनावों के लिए बड़ी संख्या में भीड़ जुटने और धार्मिक आयोजनों से संक्रमण बढ़ा है.

महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारे पर भीड़ का पुलिसकर्मियों पर हमला. (फोटो: एएनआई)

महाराष्ट्र: जुलूस की अनुमति नहीं मिलने पर भीड़ का पुलिसकर्मियों पर हमला, 14 गिरफ़्तार

महाराष्ट्र के नांदेड़ में कोरोना वायरस महामारी के कारण जुलूस निकाले की अनुमति नहीं देने के बाद तलवारों से लैस सिखों की भीड़ ने सोमवार को पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था. एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में कहीं गुरुद्वारा समिति के किसी सदस्य की भूमिका तो नहीं है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

पश्चिम बंगाल: कोविड टीका लगवाने के बाद बुज़ुर्ग की मौत, परिवार ने पुलिस में मामला दर्ज कराया

मामला जलपाईगुड़ी का है, जहां एक 64 वर्षीय कारोबारी ने सोमवार को कोविशील्ड का टीका लगवाया था. उसी रात सांस लेने में परेशानी होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनके परिजनों ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि उनकी मौत अप्राकृतिक है.

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बिहार: कोविड-19 का पहला टीका लगने के कुछ दिन बाद मेडिकल छात्र की संक्रमण से मौत

पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का मामला. 23 वर्षीय छात्र की मौत एक मार्च को हुई. उन्हें फरवरी के पहले हफ्ते में कोवैक्सीन टीका लगा था, इसके बाद 25 फरवरी को वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे.

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महाराष्ट्र: कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक लेने के बाद शख़्स की मौत

महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले का मामला है. ज़िले के भिवंडी के अस्पताल में मृ​तक को कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक दी गई थी. अधिकारियों ने बताया कि किरदित की मौत के कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद अब तक 34 लोगों की मौत: सरकारी आंकड़ा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार शाम को कोविड-19 टीकाकरण पर जारी बुलेटिन के अनुसार, बीते 24 घंटे में टीकाकरण के बाद दो लोगों की मौत हुई है. हालांकि सरकार की ओर यह भी कहा गया है कि अब तक किसी भी मौत के लिए सीधे तौर पर कोविड-19 टीका ज़िम्मेदार नहीं है.

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मणिपुर: अस्थमा से उबरने के बाद भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को लगाया गया कोविशील्ड टीका, मौत

48 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नवरेम सुंदरी के परिजनों ने दावा किया कि टीका लगवाने से पहले सुंदरी ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को सूचित किया था कि वह एक साल पहले अस्थमा की बीमारी से उबरी थीं और उन्हें एलर्जी का सामना करना पड़ रहा है.

(फोटोः पीटीआई)

उत्तराखंड: कोविशील्ड का टीका लगवाने के चौदह दिन बाद एम्स प्रशिक्षु की मौत

गोरखपुर के 24 वर्षीय नीरज सिंह एम्स ऋषिकेश में ट्रेनी थे, जहां तीन फरवरी को उन्हें कोविशील्ड का टीका लगाया गया था. अस्पताल का कहना कि उनकी मौत का कारण टीका नहीं है. उन्होंने अपने सहमति पत्र में मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित होने की जानकारी नहीं दी थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

हरियाणाः कोरोना वैक्सीन लगने के नौ दिन बाद आशा कार्यकर्ता की मौत

हरियाणा के पानीपत का मामला. आशा कार्यकर्ता को तीन फरवरी को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दी गई थी. परिवार का आरोप है कि वैक्सीन की वजह से उनकी मौत हुई है, जबकि प्रशासन का कहना है कि उन्हें ट्यूमर था और यह उनकी मौत ​का कारण हो सकता है.

(प्रतीकात्मक फोटोः पीटीआई)

आंध्र प्रदेश में आशा कार्यकर्ता की मौत, सहकर्मियों ने कोविड-19 टीके को ज़िम्मेदार ठहराया

आंध्र प्रदेश के गुंटुर ज़िले के एक सरकारी अस्पताल में हुई मौत. घटना के बाद अन्य आशा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन किया और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवज़ा देने की मांग की. गुंटुर ज़िलाधिकारी ने कहा कि मौत की वास्तविक वजह की जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगी.

(प्रतीकात्मक फोटोः रॉयटर्स)

कोविड-19 टीका लगने के बाद महिला स्वास्थ्यकर्मी की मौत, अधिकारियों ने कहा- टीके से संबंध नहीं

55 वर्षीय महिला स्वास्थ्यकर्मी हरियाणा के गुड़गांव ज़िले के भांगरोला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत थीं. उन्हें 16 जनवरी को कोविशील्ड का टीका लगा था. परिजनों का कहना है कि उन्हें संदेह है कि उनकी मौत टीका लगने की वजह से हुई है.