Corona

हर्षाली पोतदार (फोटो साभार: फेसबुक/@harshali.potdar)

महाराष्ट्र: फेसबुक पोस्ट शेयर करने पर सामाजिक कार्यकर्ता गिरफ़्तार, कुछ घंटों में हुई रिहाई

मुंबई की सामाजिक कार्यकर्ता हर्षाली पोतदार का नाम एल्गार परिषद मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर दर्ज है. उन्होंने बताया कि सोमवार को उन्हें कथित तौर पर एक फेसबुक पोस्ट साझा करने के आरोप में पुलिस ने ग़ैर क़ानूनी तरीके से हिरासत में लिया था.

(प्रतीकात्म​क फोटो: रॉयटर्स)

गौ विज्ञान पर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा करवाएगा कामधेनु आयोग, पाठ्यक्रम में किए अजीब दावे

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग आम लोगों में देसी गायों के बारे में रुचि पैदा करने के लिए छात्रों और नागरिकों के लिए राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन गौ विज्ञान परीक्षा आयोजित करेगा. इसके लिए जारी पाठ्यक्रम में आयोग ने देसी-विदेशी गायों में अंतर बताते हुए अजीब दावे किए हैं.

कोवैक्सिन. (फोटो साभार: फेसबुक/bharatbiotech)

कोवैक्सीन ट्रायल को लेकर भ्रामक एडवाइज़री जारी करने पर विशेषज्ञों ने भारत बायोटेक को फटकारा

भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन के फेज़-3 ट्रायल को लेकर जानकारियां साझा करते हुए जारी किए एक दस्तावेज़ में वॉलेंटियर्स को लुभाने के लिए कहा है कि सरकार द्वारा टीका लगाने में अभी देर होगी, इसलिए लोग ट्रायल में शामिल होकर ख़ुद को सुरक्षित कर लें. विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह का दावा करना अनुचित है.

जस्टिस मदन बी. लोकुर. (फोटो साभार: फेसबुक/National Commission for Protection of Child Rights)

यूपी के धर्मांतरण रोधी क़ानून में कई ख़ामियां हैं, ये अदालत में नहीं टिक पाएगाः जस्टिस लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन बी. लोकुर ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस साल जैसा कार्य किया, उससे निश्चित तौर पर कहीं बेहतर किया जा सकता था. पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक न्याय का विचार ठंडे बस्ते में चला गया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन हमें इसके साथ जीना होगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के इलाज की लागत सीमा निर्धारित हो

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि कोरोना वायरस का इलाज का ख़र्च आम जनता की सीमा से बाहर है. अगर कोई शख़्स संक्रमण से ठीक हो भी जाता है तो इलाज की लागत उसे ख़त्म कर देती है. कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वास्थ्य का अधिकार मौलिक अधिकार है. यह राज्य का कर्तव्य है कि वह किफ़ायती इलाज के लिए प्रावधान बनाए.

(फोटो साभार: Composition 8, Vassily Kandinsky (1923)/विकीमीडिया कॉमन्स)

यह साल हम सबने किस तरह काटा है…

बदसूरत से बदसूरत समय में जीवन में आस्था नहीं छोड़नी चाहिए. बदसूरती और नाइंसाफ़ी का दस्तावेज़ीकरण भी कितना ज़रूरी है. क्या हमारे दौर का भी दर्ज हो रहा है?

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मंगलेश डबराल का जाना और पहाड़ों पर कविता की लालटेन बुझ जाना

वीडियो: हिंदी की बिंदी में आज हम जिस कवि को याद कर रहे हैं, वे हैं मंगलेश डबराल, जिन्होंने हाल ही में इस दुनिया को अलविदा कह दिया है.

Jalandhar: Farmers thrash rice paddy at a field, in Jalandhar, Friday, Oct. 2, 2020. (PTI Photo)

यूपी: धान की ख़रीदी लक्ष्य से 50 फ़ीसदी कम, रजिस्ट्रेशन कराए पांच लाख किसानों से नहीं हुई ख़रीद

विशेष रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश में धान की ख़रीद शुरू होने पर योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि किसी भी किसान को एमएसपी से कम मूल्य पर अपने कृषि उत्पादन नहीं बेचना है. हालांकि सरकारी आंकड़ों के मुकाबले प्रदेश की मंडियों में एमएसपी से कम पर बिक्री तो हो ही रही है, सरकारी ख़रीद भी काफी कम है. रफ़्तार इतनी धीमी है कि ख़रीद केंद्र एक दिन में दो किसानों से भी धान नहीं ख़रीद पा रहे हैं.

मंगलेश डबराल. (फोटो साभार: फेसबुक/@mangalesh.dabral.7)

मंगलेश डबराल: मैं चाहता हूं कि स्पर्श बचा रहे…

स्मृति शेष: मंगलेश डबराल उस यातना को जानते थे जो मनुष्य ने मनुष्य को दी है. दुनिया की अलग-अलग भाषाओं से किए गए उनके अनुवाद इस बात के साक्षी हैं. इसीलिए वे उस संघर्ष की कठिनाई से भी परिचित थे जो इस यातना की संस्कृति को ख़त्म करने का है.

REUTERS/Dado Ruvic/Illustration

इस्तेमाल की मंज़ूरी देने से पहले कोरोना वैक्सीन विकसित कर रहे संस्थानों से और आंकड़े मांगे गए

अंतरराष्ट्रीय दवा निर्माता कंपनी फाइज़र के बाद सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक ने देश में कोरोना वायरस से संबंधित टीके के इस्तेमाल की मंज़ूरी मांगी थी. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के विशेषज्ञों की एक समिति ने इन कंपनियों से संभावित टीके के प​रीक्षण से संबंधित और अधिक जानकारी मांगी है.

कोरोना वैक्सीन को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: फेसबुक/@narendramodi)

मोदी जी! कोरोना टीकाकरण पर प्रचार नहीं, समुचित चर्चा की ज़रूरत है

जिस तरह कोरोना संक्रमण को काबू करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन पर मोदी सरकार ने कोई तैयारी नहीं की थी, उसी तरह टीकाकरण पर भी उसके पास कोई मुकम्मल रोडमैप नहीं है.

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कोरोना, बाढ़, बेरोज़गारी: बिहार के इस गांव से नीतीश की बेरुख़ी

वीडियो: बाढ़ बिहार की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है. इसके बावजूद बिहार के लोगों को इस समस्या से बाहर निकालने के लिए किसी भी सरकार द्वारा पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं. द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा खानम शेरवानी की सारण ज़िले कुछ गांवों में लोगों से बातचीत.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

‘बिहार में बीए, एमए किए लोग बेरोजगार घूम रहे हैं, पता नहीं सरकार क्या काम करती है’

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार में लॉकडाउन में जैसे-तैसे अपने गांव-घर पहुंचे मज़दूर अब आजीविका कमाने वापस लौट चुके हैं, जो बचे भी हैं उनका कहना है कि उनके लिए सरकार ने कुछ नहीं किया. वे चाहते हैं कि अब बदलाव होना चाहिए और उन्हें उनके प्रदेश में ही काम-काज मिलना चाहिए.

खाली पड़ा कुनौली बाजार. (सभी फोटो: मनोज सिंह)

सात महीनों से बंद भारत-नेपाल सीमा से बढ़ी लोगों की दुश्वारियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है

ग्राउंड रिपोर्ट: भारत-नेपाल सीमा बंद हुए सात महीने पूरे होने जा रहे हैं. पिछले दिनों नेपाली कैबिनेट ने एक महीने के लिए बंदी की अवधि फिर बढ़ा दी है. इतने लंबे समय तक सीमाएं बंद होने के कारण दोनों देशों के सीमावर्ती क़स्बों व गांवों में लोगों, ख़ासकर व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

Ghaziabad: A woman reaps wheat crops during the harvest season amid the nationwide COVID-19 lockdown, near Raispur village in Ghaziabad district of Uttar Pradesh, Monday, April 20, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)   (PTI20-04-2020_000236B)

बिहार: किसानों की मदद के दावे के बीच सरकार ने ख़रीद लक्ष्य का एक फीसदी गेहूं भी नहीं खरीदा

इस बार बिहार सरकार द्वारा किसानों से सात लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इसकी तुलना में सरकार ने महज़ 0.71 फीसदी गेहूं खरीदा है.