Defence Minister Rajnath Singh

विरोध के बीच प्रॉक्सी वोटिंग के सहारे केंद्र सरकार ने बदला रक्षा थिंक-टैंक का नाम

नरेंद्र मोदी सरकार ने गुरुवार को पूर्व भाजपा नेता और पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के नाम को देश के प्रतिष्ठित थिंक-टैंक में से एक रक्षा अध्ययन और विश्लेषण संस्थान में जोड़ने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया. हालांकि कुछ समय पहले ही संस्थान के पूर्व निदेशक समेत कई सदस्यों ने इस कदम का विरोध किया था.

ओबीसी और दलितों के साथ महज़ सत्ता की साझेदारी उनके आर्थिक उत्थान का विकल्प नहीं है

समाज के वंचित वर्गों के लिए आय बढ़ाने के संबंध में भाजपा सरकार के सभी प्रमुख वादों के अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं मिले हैं.

केंद्र के नए मंत्रियों की यह तस्वीर बताती है कि मोदी सरकार में बस मोदी ही मुख्य हैं

मंत्रिपरिषद के विस्तार के बाद भले ही मंत्रियों की संख्या 77 पहुंच गई हो, लेकिन चुने गए ये सभी महिला और पुरुष केवल प्रिय नेता की भूमिका का बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए हैं.

मोदी मंत्रिमंडल: मंडाविया को स्वास्थ्य, अनुराग ठाकुर को सूचना और वैष्णव को रेल व आईटी का ज़िम्मा

पिछले साल भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को नागरिक उड्डयन मंत्री बनाया गया है. शिक्षा मंत्रालय का नेतृत्व धर्मेंद्र प्रधान करेंगे. उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक सात मंत्रियों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है, जिनमें से अधिकांश आरक्षित जाति समुदाय से आते हैं. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं.

मोदी मंत्रिमंडल में बदलाव से क्या बदलेगी तस्वीर?

वीडियो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में 36 नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि सात वर्तमान केंद्रीय राज्य मंत्रियों को पदोन्नत कर इसमें शामिल किया गया है. कैबिनेट मंत्री के रूप में नारायण राणे, सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि ने शपथ ली है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi with Union Ministers Nitin Gadkari, Rajnath Singh, Amit Shah and others during the first cabinet meeting, at the Prime Minister’s Office, in South Block, New Delhi, May 31, 2019. (PTI Photo)(PTI5_31_2019_000248B)

केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फ़ेरबदल और विस्तार; 43 सदस्यों को राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में 36 नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि सात वर्तमान केंद्रीय राज्य मंत्रियों को पदोन्नत कर इसमें शामिल किया गया है. कैबिनेट मंत्री के रूप में नारायण राणे, सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि ने शपथ ली है. इससे पहले रमेश पोखरियाल निशंक, हर्षवर्द्धन, सदानंद गौड़ा, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, संतोष गंगवार सहित 12 मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया था.

कोविड संकट: जब सोशल मीडिया पर लोग मदद मांग रहे थे, तब केंद्रीय मंत्री सरकार के गुणगान में लगे थे

दैनिक भास्कर ने नरेंद्र मोदी सरकार के कैबिनेट के दस मंत्रियों के ग्यारह सौ से अधिक ट्वीट्स का विश्लेषण किया है, जिसके अनुसार कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान इन मंत्रियों ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के ज़रिये एक भी कोविड पीड़ित को ऑक्सीजन सिलेंडर या अस्पताल बेड दिलाने में मदद नहीं की.

अमेरिका के साथ हुए महत्वपूर्ण रक्षा समझौते, पोम्पिओ ने कहा- भारत के साथ खड़ा है अमेरिका

चीन के साथ चल रहे गतिरोध के बीच भारत और अमेरिका ने ‘टू प्लस टू’ वार्ता के तीसरे चरण के दौरान ‘बेसिक एक्सचेंज एंड को-ऑपरेशन एग्रीमेंट’ पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी, उपग्रह के गोपनीय डाटा और दोनों देशों के बीच अहम सूचना साझा करने की अनुमति होगी.

गलवान झड़प के बाद भारत-चीन के रिश्ते गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं: एस.जयशंकर

न्यूयॉर्क में हुए एक कार्यक्रम में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ी संख्या में हथियारों से लैस चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारत के समक्ष ‘बहुत गंभीर’ सुरक्षा चुनौती है.

छह महीने में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ न होने के सरकार के दावे में कितनी सच्चाई है?

केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ का कोई मामला सामने नहीं आया है. सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा कि यह गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों की शहादत का अपमान है. चीन से लगी सीमा पर गतिरोध को लेकर सरकार स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

रक्षा मंत्रालय द्वारा बनाई जाने वाली समितियां उनके उद्देश्य में सफल होती क्यों नहीं दिखतीं?

पिछले कई दशकों में रक्षा मंत्रालय ने कई सारे पैनल, समितियों, कार्यसमूहों और टास्क फोर्सों का गठन किया है, लेकिन कुछ को छोड़कर अधिकतर समितियों के सुझावों या सिफ़ारिशों का नाममात्र या कोई प्रभाव नहीं पड़ा है.

लद्दाख में सीमाई तनाव के बीच चीनी रक्षा मंत्री से मिले राजनाथ सिंह, महत्वपूर्ण प्रगति के संकेत नहीं

मई की शुरुआत में पूर्वी लद्दाख में सीमा पर विवाद बढ़ने के बाद दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर की यह पहली बैठक थी. भारत और चीन के बीच पीछे हटने और तनाव कम करने पर सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ता जुलाई के मध्य से आगे नहीं बढ़ पाई है.

नेपाल के नए नक्शे को दोनों सदनों से मिली मंज़ूरी

नेपाल के राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शे में भारत के तीन क्षेत्रों लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को शामिल करने के लिए संविधान संशोधन के पक्ष में ऊपरी सदन के 57 मौजूद सदस्यों ने मतदान किया. विधेयक को क़ानून बनने के लिए अब राष्ट्रपति विद्या भंडारी की मंज़ूरी हासिल करनी होगी.

लद्दाख सीमा विवाद: चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में एक सैन्य अधिकारी समेत तीन जवान शहीद

भारतीय सेना ने बताया है कि लद्दाख की गलवान घाटी सोमवार रात हिंसक टकराव में भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए. पिछले 45 सालों में भारत-चीन सीमा पर पहली बार सैनिकों की मौत का मामला सामने आया है.

नेपाल की निचली संसद ने पास किया नया नक्शा, भारत ने मानने से इनकार किया

विधेयक को अब नेपाल की नेशनल असेंबली में भेजा जाएगा, जहां से पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति विद्या भंडारी की मंजूरी हासिल करनी होगी जिसके बाद यह क़ानून बनेगा. भारत ने कहा है कि यह लंबित सीमा मुद्दों का बातचीत के ज़रिये समाधान निकालने की हमारी वर्तमान समझ का भी उल्लंघन है.