Delhi High Court

मतदाता सूची में नाम न होने से झुग्गी निवासियों को पुनर्वास के अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता: कोर्ट

दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के अपीलीय बोर्ड ने झुग्गी निवासी एक महिला को पुनर्वास योजना का लाभ देने से इसलिए इनकार कर दिया था कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं था. दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पक्षकारों को पुनर्वास योजना का पात्र माने जाने के लिए राशन कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड आदि सहित अन्य दस्तावेज़ों को रिकॉर्ड पर रखने की अनुमति है.

केंद्र ने कोर्ट से कहा- पीएम केयर्स फंड धर्मार्थ ट्रस्ट है, सरकारों का इस पर नियंत्रण नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ‘पीएम केयर्स फंड’ को संविधान के अनुच्छेद-12 के तहत ‘सरकारी फंड’ घोषित करने की मांग संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसे लेकर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया गया था. जुलाई 2022 में केंद्र की ओर से इस बारे में एक पेज का जवाब दाख़िल किया गया था, जिस पर नाराज़ होते हुए अदालत ने विस्तृत जवाब मांगा था.

डॉक्यूमेंट्री में भारत की ‘नकारात्मक छवि’ दिखाने के लिए अमेरिकी पत्रकार ब्लैकलिस्ट: केंद्र

अमेरिका के वाइस न्यूज़ के पत्रकार अंगद सिंह को अगस्त 2022 में  दिल्ली में उतरने के तीन घंटे के अंदर वापस भेज दिया गया था और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारक होने के बावजूद उनके भारत आने पर पाबंदी लगा दी गई थी, जिसके ख़िलाफ़ उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख़ किया था. 

ग़ैर-फिल्मी गानों के नियमन के लिए सेंसर बोर्ड नहीं बना सकते, यह अदालत का काम नहीं: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में ग़ैर-फिल्मी गीतों के टीवी, ऐप या सोशल मीडिया मंचों के ज़रिये सार्वजनिक रिलीज़ से पहले समीक्षा के लिए सेंसर बोर्ड के बनाने की मांग की गई थी. कोर्ट ने इसे ख़ारिज करते हुए कहा कि इसके लिए पहले से अधिनियम मौजूद हैं और यह कोई अन्य क़ानून नहीं बना सकता.

न्यायपालिका में विविधता होनी चाहिए, हेट्रोसेक्सुअल जजों के भी पूर्वाग्रह होते हैं: सौरभ कृपाल

वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ कृपाल, जिन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनाने की सिफ़ारिश की गई है, की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा यह खुलासा किए जाने के बाद आई है कि उनकी नियुक्ति पर सरकार की एक आपत्ति यह थी कि ‘समलैंगिक अधिकारों के प्रति उनके झुकाव’ के चलते पूर्वाग्रहों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

बलात्कार मामलों में महिला गर्भपात की हक़दार, मां बनने के लिए हां या न कहने का अधिकार: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यौन शोषण के चलते गर्भवती हुई 14 साल की लड़की द्वारा 25 सप्ताह के भ्रूण का गर्भपात कराने का अनुमति मांगने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यौन उत्पीड़न पीड़िता पर मातृत्व की ज़िम्मेदारी थोपना उसके सम्मानित जीवन जीने के मानवाधिकार के उल्लंघन के समान है.

सिब्बल का रिजिजू पर तंज़: क्या आपके विवादित बयान न्यायपालिका को मज़बूत करने के लिए हैं

राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल की यह टिप्पणी केंद्रीय कानून मंत्री रिजिजू के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार और न्यायपालिका में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि दोनों एक-दूसरे पर हमले कर रहे हों और उनके बीच ‘महाभारत’ चल रहा हो.

केंद्र सरकार न्यायपालिका पर क़ब्ज़ा करना चाहती है, जनता ऐसा कभी होने नहीं देगी: केजरीवाल

केंद्र और न्यायापालिका के बीच जजों की नियुक्ति को लेकर चल रही खींचतान के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की सभी स्वतंत्र संस्थाओं पर ग़ैर-क़ानूनी रूप से क़ब्ज़ा करने के बाद अब ये लोग न्यायपालिका पर क़ब्ज़ा करना चाहते हैं. जनता ऐसा कभी नहीं होने देगी.

जजों को सरकार की तरह चुनाव या सार्वजनिक जांच का सामना नहीं करना पड़ता: क़ानून मंत्री

क़ानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार और न्यायपालिका के बीच मतभेद हो सकते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ‘महाभारत’ हो रही है. वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस आरएस सोढ़ी ने क़ानून मंत्री द्वारा कॉलेजियम पर उनके बयान के समर्थन के बाद कहा कि उनके कंधे पर बंदूक रखकर चलाने की बजाय सरकार और न्यायपालिका को इस मुद्दे पर परिपक्व बहस करनी चाहिए.

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा, दुर्घटना पीड़ितों को मुआवज़ा देने संबंधी क़ानून लागू किया जाए

केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि दुर्घटना करने वाले वाहन का बीमा नहीं होने की स्थिति में भी सड़क हादसों के पीड़ितों को मुआवज़ा देने के लिए अब एक योजना है. केंद्र ने अदालत से इस बदलाव को पूरे देश में लागू करने के लिए छह महीने का समय देने का आग्रह किया. अदालत ने क़ानूनी प्रावधानों को छह महीने में लागू करने का निर्देश दिया है. 

रिटायर्ड जज बोले- सुप्रीम कोर्ट ने संविधान को ‘हाईजैक’ कर लिया है, रिजिजू ने समर्थन किया

केंद्रीय क़ानून मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस आरएस सोढ़ी के विचारों का समर्थन किया है. जस्टिस सोढ़ी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार संविधान का अपहरण कर लिया. इसके बाद कहा कि वह न्यायाधीशों की नियुक्ति ख़ुद करेगा और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होगी.

कॉलेजियम ने फिर की सौरभ कृपाल की नियुक्ति की सिफ़ारिश, यौन रुझान पर केंद्र की आपत्ति ख़ारिज की

वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ कृपाल को दिल्ली हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने की सिफ़ारिश दोहराने के साथ ही कॉलेजियम ने सोमशेखर सुंदरेशन को बॉम्बे हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने को लेकर केंद्र द्वारा उनकी ‘सोशल मीडिया पोस्ट्स’ को लेकर दर्ज करवाई गई आपत्ति को भी ख़ारिज कर दिया.

उमर ख़ालिद ने जेल से रोज़ाना फोन करने की सुविधा देने के लिए अदालत का रुख़ किया

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता उमर ख़ालिद के आवेदन पर नोटिस जारी कर तिहाड़ जेल के अधीक्षक से जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी. उमर उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगा मामले में सितंबर 2020 से जेल में बंद हैं.

फीस न दे पाने से छात्र को बोर्ड परीक्षा देने से रोकना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि फीस का भुगतान न करने के आधार पर शैक्षणिक सत्र के बीच में एक बच्चे को कक्षाओं में बैठने और परीक्षा देने से नहीं रोका जा सकता है. शिक्षा वह नींव है, जो एक बच्चे के भविष्य को आकार देती है और जो सामान्य रूप से समाज के भविष्य को आकार देती है.

सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक बलात्कार को अपराध बनाने की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक बलात्कार को अपराध के दायरे में लाने की मांग वाली और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के उस प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र से जवाब मांगा, जो किसी पति को बालिग पत्नी के साथ जबरन यौन संबंध बनाने की सूरत में दोषारोपण से सुरक्षा प्रदान करता है.