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गेहूं के बाद अब सरकार ने चीनी के निर्यात पर पाबंदी लगाई

विदेश व्यापार महानिदेशालय ने बताया है कि सरकार ने चीनी मौसम 2021-22 (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान 100 लाख मीट्रिक टन तक चीनी के निर्यात की अनुमति देने का निर्णय लिया है. ये पाबंदी यूरोपीय संघ और अमेरिका को निर्यात की जा रही चीनी पर लागू नहीं होगी.

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वीडियो: भारत द्वारा कीमतों को नियंत्रण में रखने के प्रयास में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद वैश्विक स्तर पर गेहूं की कीमतें 14 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गईं. सरकार ने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण गेहूं की वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान के मद्देनज़र निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है.

घरेलू स्तर पर बढ़ते दाम को नियंत्रित करने के लिए गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक

सरकार ने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण गेहूं की वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान के मद्देनज़र निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है. दोनों देश गेहूं के प्रमुख निर्यातक रहे हैं. कांग्रेस ने इस क़दम को ‘किसान विरोधी’ क़रार देते हुए कहा कि सरकार ने गेहूं की पर्याप्त खरीद नहीं की जिसके कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई.