Disaster

अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप से 1,000 से अधिक लोगों की मौत, तालिबान ने मांगी अंतरराष्ट्रीय मदद

पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान की सीमा के पास एक ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्र में आए 6.1 तीव्रता वाले भूकंप से हुए विनाश का दायरा बढ़ सकता है. फिलहाल भूकंप से 1,500 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है. भूकंप का केंद्र अफ़गानिस्तान के पक्तिका प्रांत में खोस्त शहर से क़रीब 50 किमी. दक्षिण-पश्चिम में था. भारत ने अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को सहायता एवं समर्थन देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है.

Barpeta: State Disaster Response Force (SDRF) personnel rescue villagers affected by flood at Sarukhetri village in Barpeta, Thursday, July 25, 2019. (PTI Photo) (PTI7_25_2019_000117B) *** Local Caption ***

साल 2021 में जलवायु परिवर्तन और आपदाओं के चलते भारत में क़रीब 50 लाख लोग विस्थापित: यूएन

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में हिंसा, मानवाधिकार हनन, खाद्य असुरक्षा, जलवायु संकट, यूक्रेन में युद्ध और अन्य आपात स्थितियों के कारण दुनियाभर में 10 करोड़ लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए. एजेंसी ने कहा कि बीते दशक में हर वर्ष घर छोड़ने के लिए मजबूर होने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हुई है.

Kolkata: Two men use a plastic sheet to protect themselves, as it rains in Kolkata on Sunday. (PTI Photo / Ashok Bhaumik) (PTI5_13_2018_000096B)

आंधी-तूफान से उत्तर प्रदेश में 51, आंध्र प्रदेश में नौ, पश्चिम बंगाल में छह लोगों की मौत

राजधानी दिल्ली में तीन लोगों की मौत. उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और पंजाब में करीब दो हफ़्ते पहले आए आंधी-तूफान समें 134 लोगों की मौत हुई थी.

Bikaner: A dust storm approaches the city of Bikaner on Wednesday. PTI Photo (PTI5_2_2018_000173B)

दो दिनों में पांच राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से 124 लोगों की मौत: गृह मंत्रालय

आंधी-तूफान से उत्तर प्रदेश में 73, राजस्थान में 36 लोगों की मौत. उत्तर प्रदेश का आगरा ज़िला सबसे ज़्यादा प्रभावित. ज़िले में 43 लोग मारे गए. झारखंड में सात और उत्तराखंड में दो लोगों की मौत.

इस दौर में हमारी राजनीति ज़्यादा गिरी है कि भूजल, तय कर पाना कठिन है

विश्व जल दिवस: दीवारें खड़ी करने से समुद्र पीछे हट जाएगा, तटबंद बना देने से बाढ़ रुक जाएगी, बाहर से अनाज मंगवाकर बांट देने से अकाल दूर हो जाएगा. बुरे विचारों की ऐसी बाढ़ से, अच्छे विचारों के ऐसे ही अकाल से, हमारा यह जल संकट बढ़ा है.