Economics

उम्मीद है अभिजीत बनर्जी अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने में मदद करेंगे: भाजपा नेता दिलीप घोष

इससे पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि अभिजीत बनर्जी की सोच पूरी तरह से वामपंथी है और भारत के लोगों ने इसे पूरी तरह से नकार कर दिया है. वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा था कि विदेशी महिला से दूसरी शादी करने वाले लोगों को अक्सर नोबेल पुरस्कार मिल जाता है.

न्याय योजना की आलोचना पर बोले अभिजीत बनर्जी, अगर भाजपा कहती तो उसकी भी मदद करता

अर्थशास्त्र के लिए नोबेल सम्मान पाने वाले अभिजीत बनर्जी के बारे में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि उनके राजनीतिक विचार वाम झुकाव वाले हैं, लोगों ने उनकी न्याय योजना को ख़ारिज कर दिया था. इससे पहले मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने भी न्याय योजना को लेकर बनर्जी की आलोचना की थी.

अभिजीत बनर्जी वाम की ओर झुकाव वाले, जनता ने उनकी सोच को नकारा: पीयूष गोयल

एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी और कांग्रेस की न्याय योजना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुझे गर्व है कि एक भारतीय को नोबेल पुरस्कार मिला, लेकिन ज़रूरी नहीं है कि हमें उनकी कही हुई बात से सहमत होना चाहिए.

क्यों अभिजीत बनर्जी, एस्थर डफ्लो और माइकल क्रेमर को ही मिला अर्थशास्त्र का नोबेल

अर्थशास्त्र के लिए नोबेल जीतने वाले तीनों अर्थशात्रियों- अभिजीत बनर्जी, एस्थर डफ्लो और माइकल क्रेमर का विचार है कि क्रमहीन नियंत्रित परीक्षण या रैंडमाइज़्ड कंट्रोल ट्रायल्स (आरसीटी) गरीबी कम करने के बेहतर उपायों की राह खोल सकते हैं. आरसीटी का इस्तेमाल मुख्य तौर पर चिकित्सा के क्षेत्र में दवाइयों के असर का परीक्षण करने के लिए किया जाता था.

नोबेल विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने कहा, डगमगाती स्थिति में है भारतीय अर्थव्यवस्था

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने कहा कि भारत में एक बहस चल रही है कि कौन सा आंकड़ा सही है और सरकार का खासतौर से यह मानना है कि वो सभी आंकड़े गलत हैं, जो असुविधाजनक हैं.

मोदी, जेटली अर्थशास्त्र नहीं जानते: भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी

स्वामी ने दावा किया कि न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न ही वित्त मंत्री अरुण जेटली अर्थशास्त्र जानते हैं, क्योंकि वे तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद भारत को पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बताते हैं.

‘किसानों के छोटे क़र्ज़ से दिक्कत है, उन उद्योगपतियों से नहीं जो हज़ारों करोड़ का लोन डकार जाते हैं’

कृषि, रोज़गार और महंगाई समेत दूसरे आर्थिक मसलों पर द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु से अमित सिंह की बातचीत.