Economy

2023 में जब भारत सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा तब क्या यहां रोज़गार ख़त्म हो जाएगा?

वीडियो: संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 तक भारत की जनसंख्या चीन से अधिक हो जाएगी. इसके बाद भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा. इसका रोजगार पर कितना असर पड़ेगा, इसकी पड़ताल करती यह रिपोर्ट.

क्या रुपये के गिरने से आम आदमी की जेब पर असर पड़ रहा है

वीडियो: डॉलर के मुक़ाबले रुपये में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है, एक डॉलर की क़ीमत 79 रुपये को भी पार कर गई है. इसका असर एक आम आदमी पर कितना पड़ सकता है? क्या पेट्रोल-डीज़ल के महंगे होने के पीछे का कारण भी डॉलर के बढ़ते दाम है? इन सभी सवालों के जवाब इस रिपोर्ट में.

Workers walk in front of the construction site of a commercial complex on the outskirts of the western Indian city of Ahmedabad, in this April 22, 2013 file picture. While India has long suffered from a dearth of workers with vocational skills like plumbers and electricians, efforts to alleviate poverty in poor, rural areas have helped stifle what was once a flood of cheap, unskilled labour from India's poorest states. Struggling to cope with soaring food prices, this dwindling supply of migrant workers are demanding - and increasingly getting - rapid increases in pay and benefits. To match story INDIA-ECONOMY/INFLATION REUTERS/Amit Dave/Files (INDIA - Tags: BUSINESS CONSTRUCTION EMPLOYMENT TPX IMAGES OF THE DAY)

बेरोज़गारी दर जून में बढ़कर 7.80 प्रतिशत पर: सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी

आर्थिक शोध संस्थान सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में रोज़गार में कमी से ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोज़गारी दर बढ़कर 8.03 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो मई में 7.30 प्रतिशत थी. शहरी क्षेत्रों में स्थिति कुछ बेहतर रही और बेरोज़गारी दर 7.3 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि मई में यह 7.12 प्रतिशत थी.

जीएसटी के पांच साल: इस जटिल कर व्यवस्था को और आसान बनाने की ज़रूरत है

पिछले पांच वर्षों में जीएसटी क़ानून निश्चित रूप से बदलाव हुए हैं और समय-समय पर संशोधनों के ज़रिये करदाताओं के सामने आने वाले कई मुद्दे स्पष्ट हुए हैं. लेकिन अब भी कई ऐसे मसले बाक़ी हैं जो जीएसटी व्यवस्था के अमल को प्रभावित करते हैं.

78.22 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंचने के बाद रुपया 15 पैसे मज़बूत हुआ

बीते बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 78.22 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था. हालांकि बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मज़बूत होकर 78.07 पर पहुंच गया. अमेरिका के केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में 0.75 फीसदी (75 आधार अंक) की वृद्धि की तथा इस दिशा में और क़दम उठाने के संकेत दिए जिससे रुपये को मज़बूती मिली.

खाद्य वस्तुओं के महंगा होने से थोक मुद्रास्फीति मई में बढ़कर 15.88 प्रतिशत के उच्च स्तर पर

थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति पिछले साल अप्रैल से लगातार 14वें महीने दो अंक में यानी 10 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है और तीन महीनों से लगातार बढ़ रही है. अप्रैल 2021 में यह 10.74 फ़ीसदी थी.

विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाया, आरबीआई ने रेपो दर 0.5% बढ़ाई

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद बताया कि बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए रेपो रेट को 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 4.9 प्रतिशत कर दिया गया है. केंद्रीय बैंक के इस क़दम से ऋण महंगा होगा और क़र्ज़ की मासिक किस्त यानी ईएमआई बढ़ेगी.

नरेंद्र मोदी के आठ साल के कार्यकाल का सार- बांटो और राज करो

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ और ‘सबका साथ-सबका विकास’ सरीखे नारे देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने शासन में इस पर अमल करते नज़र नहीं आते हैं.

भारत की आर्थिक वृद्धि दर में सुस्ती, प्रति व्यक्ति आय कोविड पूर्व समय की तुलना में नीचे आई

एनएसओ के अनुसार, जनवरी-मार्च तिमाही में भारत की आर्थिक विकास दर साल-दर-साल धीमी होकर 4.1% हो गई. यह एक साल में इसकी सबसे धीमी गति है. वहीं, वित्त वर्ष 2021-22 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.71 प्रतिशत रहा है जो संशोधित बजट अनुमान से कम है.

सीएनजी के दाम दो रुपये प्रति किलो बढ़े, पेट्रोल 8.69 रुपये और डीज़ल 7.05 रुपये लीटर सस्ते हुए

पिछले एक साल में सीएनजी की कीमतों में 32.21 रुपये प्रति किलोग्राम या 60 फीसदी तक की वृद्धि हो चुकी है. कीमतों में सात मार्च के बाद से यह 13वीं बढ़ोतरी है. इस दौरान कुल मिलाकर सीएनजी की कीमत 19.60 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ चुकी है. वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि वास्तविक कटौती तब होगी, जब केंद्र उस सेस में कमी करे, जो वह पेट्रोल-डीज़ल पर वसूल करता है और इसे राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाता.

थोक मुद्रास्फीति अप्रैल में बढ़कर 15.08 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर

थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति मार्च में 14.55 प्रतिशत और पिछले साल अप्रैल में 10.74 फीसदी थी. अप्रैल 2021 से यह लगातार 13वें महीने दहाई के अंक में बनी हुई है. पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों में बताया गया था कि खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में बढ़कर आठ साल के उच्च स्तर 7.79 प्रतिशत पर पहुंच गई है.

रुपया सर्वकालिक निचले स्तर पर, कांग्रेस ने कहा- केंद्र ने अर्थव्यवस्था पर बुलडोज़र चलाया

सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 60 पैसे टूटकर रिकॉर्ड निचले स्तर 77.50 पर बंद हुआ. इसे लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री देश की आर्थिक और सामाजिक वास्तविकताओं को छिपाकर नहीं रख सकते. अब उन्हें अर्थव्यवस्था के प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए न कि मीडिया की सुर्ख़ियों के प्रबंधन पर. 

रिज़र्व बैंक ने रेपो दर 0.4 प्रतिशत बढ़ाई, आवास और वाहन से जुड़ी ईएमआई बढ़ेगी

रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण ईंधन और खाद्य वस्तुओं के दाम में तेज़ी तथा कोविड-19 महामारी से जुड़ी आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण मुद्रास्फीति लगातार तीसरे महीने आरबीआई के 6 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है. लगभग दो वर्षों में रिज़र्व बैंक की प्रमुख उधार दरों में यह पहला बदलाव है. आरबीआई ने पिछली बार 22 मई, 2020 को अपनी नीतिगत रेपो दर को संशोधित किया था.

मार्च की तुलना में अप्रैल में भारत की बेरोज़गारी दर बढ़कर 7.83 प्रतिशत हुई: सीएमआईई

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल में शहरी बेरोज़गारी दर बढ़कर 9.22 प्रतिशत हो गई, जो पिछले महीने 8.28 प्रतिशत थी, जबकि ग्रामीण बेरोज़गारी दर 7.29 प्रतिशत से घटकर 7.18 प्रतिशत हो गई.