जब जेपी के जीवित रहते हुए संसद ने उन्हें श्रद्धांजलि दे दी थी…

गैरकांग्रेसवाद का सिद्धांत भले ही डाॅ. राममनोहर लोहिया ने दिया था लेकिन उसकी बिना पर कांग्रेस की केंद्र की सत्ता से पहली बेदखली 1977 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के तत्वावधान में ही संभव हुई.

कश्मीर में पाबंदियों को लेकर इस्तीफ़ा देने वाले आईएएस अधिकारी को लाइब्रेरी में जाने से रोका

सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी के अधिकारियों ने कहा कि कन्नन गोपीनाथन के दौरे की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी और वे आवेदन मांगकर विश्वविद्यालय केवल प्रक्रियाओं का पालन कर रहे थे.

कश्मीर में पाबंदियों को लेकर इस्तीफा देने वाले आईएएस अधिकारी को ड्यूटी पर लौटने को कहा गया

दमन और दीव के कार्मिक विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जब तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर लिया जाता है, तब तक उन्हें निर्धारित काम करने होंगे.

आईएएस अधिकारी ने दिया इस्तीफ़ा, कहा- जम्मू कश्मीर में अघोषित आपातकाल

केरल कैडर के आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने कहा कि आज से बीस साल बाद अगर लोग मुझसे पूछेंगे कि जब देश के एक हिस्से में आभासी आपातकाल लगा दिया गया था तब आप क्या कर रहे थे तब कम से कम मैं यह कह सकूंगा कि मैंने आईएएस से इस्तीफ़ा दे दिया था.

श्रीलंका: राष्ट्रपति सिरिसेना ने फिर बढ़ाया आपातकाल, आतंकी हमले के बाद हुआ था लागू

बीते अप्रैल माह में श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में तीन गिरजाघरों और तीन होटलों का निशाना बनाते हुए किए गए धमाकों के 258 लोगों की मौत हो गई थी. इस सिलसिले में 10 महिलाओं सहित 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.

क्या मोदी ने भी वही क़ानून तोड़ा है, जिसके चलते इंदिरा गांधी को अयोग्य घोषित किया गया था?

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कथित तौर पर विभिन्न राज्यों के नौकरशाहों से उन जगहों के बारे में जानकारियां मांगी, जहां प्रधानमंत्री को चुनाव प्रचार के लिए जाना था. अगर यह साबित हो जाता है तो न केवल आदर्श आचार संहिता बल्कि जनप्रतिनिधि क़ानून का उल्लंघन होगा.

जब चौधरी चरण सिंह बोले- अगर मेरे दल का प्रत्याशी किसान-मज़दूरों से धोखा करता हो, तो वोट न देना

चुनावी बातें: चौधरी चरण सिंह ने एक चुनावी सभा में मतदाताओं से कहा था कि अगर उनकी पार्टी का प्रत्याशी चारित्रिक रूप से पतित हो या शराब पीता हो, तो वे उसे हराने में संकोच न करें.

मोदी की भाजपा पर लिखे आडवाणी के ब्लॉग में इंदिरा के ख़िलाफ़ लिखे उनके लेखों की झलक है

भाजपा के संस्थापक ने विरोधियों को एंटी-नेशनल कहने पर आपत्ति जताई है, जो मोदी-शाह की रणनीति और अभियान का प्रमुख तत्व रहा है. ऐसा ही कुछ लालकृष्ण आडवाणी ने 1970 के दशक के मध्य में आपातकाल के समय जेल में बंद होने के दौरान भी लिखा था.

मध्य प्रदेश सरकार ने मीसाबंदी पेंशन योजना अस्थाई तौर पर बंद की, भाजपा ने की आलोचना

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार के दौरान वर्ष 1975 से 1977 के बीच लगे आपातकाल के दौरान जेल में डाले गए लोगों को मीसाबंदी पेंशन योजना के तहत करीब 4000 लोगों को 25,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाती है.

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी कहा, ‘चौकीदार चोर है’

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लोगों की निजी ज़िंदगी में दख़ल देकर आपातकाल लागू करना चाहती है.

मोदी सरकार में स्थितियां आपातकाल से भी बदतर: अरुण शौरी

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने कहा, ‘1975 में बेहतर और निश्चित विपक्ष था. लेकिन आज विपक्ष बिखरा हुआ है. मैं कह सकता हूं कि इंदिरा और नरेंद्र मोदी के बीच अंतर यह है कि इंदिरा को अपने किए का पछतावा था.’

‘आपातकाल’ और ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ इंदिरा गांधी की दो गंभीर गलतियां थीं: नटवर सिंह

अपनी नई किताब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नटवर सिंह ने लिखा है कि अक्सर इंदिरा गांधी को गंभीर और क्रूर बताया जाता है. कभी-कभार ही यह कहा गया कि वह सुंदर, गरिमामयी और शानदार इंसान के साथ एक विचारशील मानवतावादी एवं अध्ययन करने वाली महिला थीं.

देश में संविधान लागू है और क़ानून अपना काम कर रहा है

रोजगार नहीं है. उत्पादन घट गया है. किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नसीब नहीं हो रहा है. हेल्थ सर्विस चौपट हो चली है. शिक्षा-व्यवस्था डांवाडोल है. मुस्लिम ख़ामोश हो गया है. दलित चुपचाप है लेकिन आवाज़ नहीं उठनी चाहिए क्योंकि देश में क़ानून अपना काम कर रहा है.