European Union

अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार कश्मीर का दौरा करेगा विदेशी सांसदों का समूह

कश्मीर जाने वाले 27 यूरोपीय सांसदों में से अधिकतर दक्षिणपंथी दलों से जुड़े हुए हैं. अनुच्छेद 370 हटने के बाद केंद्र सरकार ने अब तक किसी भी विदेशी पत्रकार, अधिकारी या राजनयिक को जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति नहीं दी है.

भारतीय नेताओं को मना करना और यूरोपीय नेताओं को जम्मू कश्मीर जाने देना संसद का अपमान: कांग्रेस

यूरोपीय संघ के 27 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को जम्मू कश्मीर का दौरा कर रहा है. यह शिष्टमंडल अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाए जाने के बाद वहां की स्थिति का आकलन करेगा. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर के हालात जानने गए कांग्रेस समेत कई दलों के नेताओं को वापस भेज दिया गया था.

अनुच्छेद 370: क्या ब्रिटिश कोर्ट से सीखेंगी भारत की अदालतें?

वीडियो: ब्रिटेन के उच्चतम न्यायालय ने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के उस फ़ैसले को असंवैधानिक क़रार दिया है, जिसमें उन्होंने ब्रिटिश संसद को भंग कर दिया था. इस घटनाक्रम की भारत से तुलना करते हुए सवाल उठा रही हैं आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री के संसद को निलंबित करने के फ़ैसले को ग़ैरक़ानूनी बताया

11 जजों द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए फ़ैसले पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि वह इससे असहमत हैं लेकिन इसका सम्मान करेंगे.

ब्रेक्जिट पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की संसद में बड़ी हार, समयपूर्व चुनाव की संभावना

जॉनसन को ब्रेक्जिट प्रस्ताव पर 301 वोट ही मिले, जबकि उनके खिलाफ 328 वोट पड़े. उनकी खुद की कंजर्वेटिव पार्टी के बागी सांसदों ने विपक्षी सांसदों से हाथ मिला लिया.

भारतीय मूल की प्रीति पटेल बनीं ब्रिटेन की गृह मंत्री

55 वर्षीय बोरिस जॉनसन ने बुधवार को औपचारिक रूप से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. ब्रिटेन की गृह मंत्री बनने वालीं प्रीति पटेल भारतीय मूल की पहली महिला हैं. पाकिस्तानी मूल के साजिव जावेद को वित्त मंत्री बनाया गया है.

बोरिस जॉनसन होंगे ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री

बोरिस जॉनसन ने अपने ही दल कंज़र्वेटिव पार्टी के जेरेमी हंट को हराया. ब्रेक्जिट को लेकर यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते को संसद से पास न करा पाने की वजह से टेरेसा मे ने इस साल जून में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

पिछले साल दुनियाभर में 11.3 करोड़ लोगों ने किया घोर भुखमरी का सामना: रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु से जुड़ी आपदाओं और आर्थिक अशांति जैसे कारणों से पैदा हुए खाद्य संकट की वजह से 53 देशों में ये लोग घोर भुखमरी का सामना कर रहे हैं और उन्हें तत्काल खाद्य पदार्थ, पोषक आहार और आजीविका की ज़रूरत है.

बॉन यूएन क्लाइमेट कॉन्फ्रेंस: जलवायु कूटनीति के बदलते समीकरण

जलवायु परिवर्तन के प्रकोपों को गुटों की कूटनीति में बंट कर नहीं, बल्कि मानवता का सामूहिक संकट समझ कर ही जूझा जा सकता है.