Farmer’s Plight

आगामी चुनावों के मद्देनज़र वापस लिए गए कृषि क़ानून: समाजवादी पार्टी

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार द्वारा तीन कृषि क़ानून वापस लिए जाने के निर्णय को वोट के लिए लिया गया फ़ैसला बताया और कहा कि सैकड़ों किसानों की मौत के आगे झूठ की माफ़ी नहीं चलेगी.

कृषि क़ानून वापस लिए जाने को विपक्ष ने ‘सरकार का अहंकार टूटना’ बताया, कहा- किसानों की जीत

तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लिए जाने का विभिन्न किसान नेताओं और राजनीतिक नेताओं ने स्वागत किया है. भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि संसद में क़ानून को निरस्त होने के बाद ही वे आंदोलन वापस लेंगे. वहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर हमला करते हुए पूछा कि क़ानूनों के चलते सैकड़ों लोगों की जान जाने की ज़िम्मेदारी कौन लेगा.

किसान आंदोलन: 29 नवंबर से ट्रैक्टरों पर सवार 500 किसान रोज़ संसद तक मार्च निकालेंगे

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि आंदोलन के एक साल पूरे होने के अवसर पर 26 नवंबर और इसके बाद देशभर में आंदोलन को व्यापक रूप से धार दी जाएगी. 29 नवंबर से इस संसद सत्र के अंत तक 500 चुनिंदा किसान शांतिपूर्वक और पूरे अनुशासन के साथ ट्रैक्टर से हर दिन संसद तक जाएंगे.

किसान आंदोलन में मारे गए किसानों में से ज़्यादातर के पास तीन एकड़ से कम भूमि थी: रिपोर्ट

पटियाला के पंजाबी यूनिवर्सिटी से जुड़े दो अर्थशास्त्रियों द्वारा किया गया ये अध्ययन उन दावों को खारिज करता है कि किसान आंदोलन में ज्यादातर ‘बड़े किसान’ ही हैं. ये अध्ययन पिछले 11 महीनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गए लगभग 600 में से 460 किसानों के आंकड़ों पर आधारित है. 

कृषि क़ानूनों को 26 नवंबर तक रद्द करें, नहीं तो दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन तेज़ किया जाएगा: टिकैत

केंद्र के तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में किसान दिल्ली के सिंघू, टिकरी और ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसे 26 नवंबर को एक साल पूरा हो जाएगा. इन प्रदर्शनों की अगुवाई संयुक्त किसान मोर्चा कर रहा है, जिसमें किसानों के कई संघ शामिल हैं. राकेश टिकैत की अगुवाई वाली भारतीय किसान यूनियन भी इसमें शामिल है. उसके समर्थक दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर ग़ाज़ीपुर में धरना दे रहे हैं.

टिकरी बॉर्डर: महिला किसानों की ट्रक दुर्घटना के चश्मदीदों ने लगाया साज़िश का आरोप

वीडियो: बीते गुरुवार को टिकरी बॉर्डर से अपने घर वापस जा रही तीन प्रदर्शनकारी किसान महिलाओं को एक तेज़ रफ़्तार ट्रक ने कुचल दिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई. घटना की चश्मदीद महिलाओं का आरोप है कि मृतकों पर साज़िशन ट्रक चढ़ाया गया. मामले में जांच जारी है और ट्रक ड्राइवर और मालिक को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

किसान आंदोलन: टिकरी बॉर्डर के पास ट्रक ने तीन महिला प्रदर्शनकारियों को कुचला, मौत

हरियाणा के बहादुरगढ़ ज़िले के टिकरी बॉर्डर के पास गुरुवार सुबह एक ट्रक के टक्कर मारने से तीन महिला किसानों की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि घटना के बाद ड्राइवर फ़रार हो गया और उसकी तलाश जारी है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

किसानों को प्रदर्शन का अधिकार, पर अनिश्चितकाल के लिए सड़क ब्लॉक नहीं कर सकते: कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीनों कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ चुनौती लंबित है, फिर भी न्यायालय विरोध के अधिकार के विरुद्ध नहीं है लेकिन अंततः कोई समाधान निकालना होगा. इस पर किसान संगठनों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि रोड को किसानों द्वारा नहीं, बल्कि पुलिस द्वारा ब्लॉक किया गया है.

लखीमपुर: अमित शाह के घर के पास प्रदर्शन कर रहीं कार्यकर्ताओं ने कहा, निजी अंगों पर हमला हुआ

अखिल भारतीय छात्र संघ की दो महिला छात्र कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जब वे लखीमपुर हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के पास विरोध प्रदर्शन कर रही थीं, तो महिला पुलिसकर्मियों में उन्हें हिरासत में लेने के दौरान उनके कपड़े फाड़े, बर्बर तरीके से पीटा और यहां तक उनके निजी अंगों पर हमला किया.

हम किसी को फार्च्यूनर से कुचलने नहीं आए हैं: उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का यह बयान ऐसे वक़्त आया है, जब लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस, सपा और बसपा समेत कई दल सत्तारूढ़ भाजपा के ख़िलाफ़ आक्रामक हैं और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्ख़ास्त करने की मांग के साथ जनता से विधानसभा चुनाव में सरकार को सत्ता से बाहर करने का आह्वान कर रहे हैं.

वरुण गांधी ने लखीमपुर की घटना को ‘हिंदू बनाम सिख’ बनाने की कोशिश का लगाया आरोप

भाजपा के सांसद वरुण गांधी ने कहा कि लखीमपुर खीरी में न्याय के लिए संघर्ष ग़रीब किसानों की निर्दयी हत्या को लेकर है और इसका किसी धर्म विशेष से कोई लेना-देना नहीं है. बीते कुछ दिनों से वरुण गांधी किसानों के मुद्दे पर लगातार अपनी राय रख रहे हैं. लखीमपुर खीरी में बीते तीन अक्टूबर को हुई हिंसा को लेकर उन्होंने दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग भी की थी.

लखीमपुर हिंसा: 12 घंटे की पूछताछ के बाद केंद्रीय मंत्री का बेटा गिरफ़्तार, जेल भेजा गया

लखीमपुर हिंसा मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व कर रहे डीजीपी उपेंद्र अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा पुलिस के सवालों का उचित जवाब नहीं दे रहे थे, इसलिए उन्हें गिरफ़्तार किया गया है. आशीष मिश्रा पर आरोप लगा कि वह उन वाहनों में से एक में सवार थे, जिसने बीते तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे चार किसानों को कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी.

लखीमपुर खीरी हिंसा: एक मृतक की मां ने कहा- दोषियों को फ़ांसी दी जाए

वीडियो: बीते तीन अक्टूबर को उत्तर प्रदेश लखीमपुर खीरी ज़िले में हुई हिंसा के दौरान 19 वर्षीय लवप्रीत सिंह की भी जान चली गई थी. उनके परिवार का आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की कार से कुचलकर उनकी मौत हुई. परिवार दोषियों को फांसी देने की मांग कर रहा है. याक़ूत अली और मुकुल सिंह चौहान की रिपोर्ट.

लखीमपुर खीरी: कितनी हिंसा झेल पाएगा किसान आंदोलन

वीडियो: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी के विरोध में बीते तीन अक्टूबर को वहां के आंदोलित किसानों ने ज़िले में स्थित उनके पैतृक गांव बनबीरपुर में आयोजित एक समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जाने का विरोध किया था. आरोप है कि केंद्रीय मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा ने किसानों को अपनी गाड़ी से कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी. इस मुद्दे पर किसान नेता युद्धवीर सिंह और योगेंद्र यादव से द वायर के इंद्र शेखर सिंह ने बातचीत की.

लखीमपुर हिंसा: किसान मोर्चा ने यूपी सरकार की एसआईटी को ख़ारिज किया, ‘रेल रोको’ आंदोलन की चेतावनी

केंद्र सरकार के तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में दस महीने से आंदोलन कर रहे किसानों के संगठन ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच और जांच आयोग को ख़ारिज करता है. मोर्चा ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और इसकी निगरानी सीधे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश द्वारा किए जाने की मांग उठाई.