Farmers Protest

लखीमपुर खीरी हिंसा: चार्जशीट में केंद्रीय मंत्री के बेटे के ख़िलाफ हत्या और साज़िश के आरोप

उत्तर प्रदेश पुलिस के एसआईटी ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के बेटे आशीष समेत सभी 14 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ अदालत में 5,000 पन्नों आरोप-पत्र दाख़िल किया है. यह पिछले साल तीन अक्टूबर को हिंसा के दौरान गाड़ियों से कुचलकर चार किसानों और एक पत्रकार की कथित रूप से हत्या किए के मामले से संबंधित है.

लखीमपुर खीरी हिंसा: भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या मामले में दो किसान गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में पिछले वर्ष तीन अक्टूबर को हुई हिंसा की जांच कर रहा विशेष जांच दल भाजपा कार्यकर्ताओं की तरफ़ से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के संबंध में कुल छह लोगों को गिरफ़्तार कर चुका है. इस हिंसा में चार किसानों की भी मौत हुई थी, जिसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे मुख्य आरोपी है.

पंजाब: 22 किसान संगठनों ने बनाया राजनीतिक मोर्चा, विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की

ये 22 किसान संगठन पंजाब के उन 32 किसान संगठनों में से हैं, जिन्होंने तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ एक साल से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहा है.

एसएसबी स्थापना दिवस परेड से बतौर मुख्य अतिथि हटाए गए केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा: रिपोर्ट

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में सशस्त्र सीमा बल के 58वें स्थापना दिवस परेड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के मुख्य अतिथि थे. अब उनकी जगह उनके सहयोगी गृह राज्य मंत्री नीसिथ प्रमाणिक को मुख्य अतिथि बनाया गया. लखीमपुर हिंसा के दौरान किसानों की मौत के मामले में अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा आरोपी हैं.

पंजाब: किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने पार्टी बनाई, विधानसभा चुनाव में उतरेंगे

संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और हरियाणा भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने ‘संयुक्त संघर्ष पार्टी’ की घोषणा की है. उनके इस क़दम से एसकेएम में उनके भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि मोर्चे के नेता डॉ. दर्शन पाल कह चुके हैं कि राजनीति में जाने वाले किसानों को एसकेएम छोड़ना होगा.

लखीमपुर हिंसा: केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ने एसआईटी जांच से जुड़े सवाल पर पत्रकार से बदसलूकी की

लखीमपुर खीरी में बीते अक्टूबर माह में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच कर रही एसआईटी ने अब तक की छानबीन और साक्ष्यों के आधार पर दावा किया था कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा और उसके सहयोगियों ने इस घटना को जान-बूझकर, सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया था. इस घटना में चार किसानों और एक पत्रकार की मौत गाड़ी से कुचल दिए जाने से हो गई थी.

योगी-मोदी जवाब दें, लखीमपुर में किसानों की हत्या की साज़िश किसने रची?

वीडियो: बीते अक्टूबर माह में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच कर रही एसआईटी ने अहम खुलासा करते हुए कहा है कि किसानों की मौत दुर्घटना से नहीं बल्कि साज़िश का स्पष्ट मामला है. आरोप है कि केंद्रीय मंत्री गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने प्रदर्शन के दौरान किसानों को अपनी गाड़ी से कुचल दिया था, जिससे चार किसानों और एक पत्रकार की मौत हो गई थी.

लखीमपुर हिंसा: केंद्रीय मंत्री के बेटे समेत 13 पर हत्या के प्रयास का मुक़दमा चलाने का अनुरोध

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में बीते तीन अक्टूबर को हुई हिंसा मामले में आरोप है कि केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा ने इस दौरान किसानों को अपनी गाड़ी से कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी. मामले की जांच कर रही एसआईटी ने आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत चार और आपराधिक आरोप लगाने की मांग करते हुए अदालत में याचिका दायर की है.

किसान आंदोलन के दौरान किसी भी किसान की मौत पुलिस कार्रवाई से नहीं हुई: सरकार

इसके उलट इस साल पांच फरवरी को राज्यसभा में इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि देश के विभिन्न राज्यों में आंदोलनरत किसानों की मौत के बारे में कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है. हालांकि दिल्ली पुलिस ने किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान दो व्यक्तियों की मौत और एक के आत्महत्या करने की जानकारी दी है.

किसानों का आंदोलन स्थगित, 11 दिसंबर से दिल्ली सीमा ख़ाली करना शुरू करेंगे: किसान नेता

केंद्र सरकार के तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसान बीते साल नवंबर महीने से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे थे. आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा को केंद्र सरकार द्वारा हस्ताक्षरित पत्र मिलने के बाद यह घोषणा हुई है, जिसमें किसानों के ख़िलाफ़ मामलों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर एक समिति बनाने सहित उनकी लंबित मांगों पर विचार करने के लिए सहमति व्यक्त की गई है.

लखीमपुर हिंसा: केंद्रीय मंत्री के ख़िलाफ़ अलग से प्राथमिकी की मांग करने वाली याचिका खारिज़

बीते अक्टूबर को लखीमपुर खीरी ज़िले में हुई हिंसा में जान गंवाने वाले आठ लोगों में निजी टीवी चैनल के लिए काम करने वाले पत्रकार रमन कश्यप भी शामिल थे. रमन के भाई ने एक याचिका में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा, उनके बेटे आशीष व अन्य के ख़िलाफ़ अलग से प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी.

कृषि क़ानून वापस होने से किसानों का नुकसान, चंद ‘ख़ालिस्तानी ग़ुंडों’ को फायदा: पूर्व भाजपा सांसद

उत्तर प्रदेश की घोसी सीट से सांसद रह चुके भाजपा नेता हरिनारायण राजभर ने भाकियू नेता राकेश टिकैत व आंदोलनकारी किसान नेताओं को ‘उग्रवादी’ क़रार देते हुए कहा कि टिकैत किसान आंदोलन के दौरान हुई 700 किसानों की मौत के दोषी हैं और उनकी संपत्ति ज़ब्त करके मृतकों के परिवारों को मुआवज़ा दिया जाना चाहिए.

Ahmedabad: BJP MP Feroze Varun Gandhi addresses at IIMA during a talk show on 'A rural manifesto: Realising India's future through villages', in Ahmedabad, Friday, Nov. 30, 2018. (PTI Photo/Santosh Hirlekar)(PTI11_30_2018_000189B)

सरकारी नौकरी ही नहीं है, कब तक सब्र करे देश का नौजवान: वरुण गांधी

पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में पहले के मुकाबले कम सरकारी नौकरियां हैं, लिहाज़ा युवाओं में कुंठा के भाव पैदा हो रहे हैं. पिछले दो वर्षों में सिर्फ उत्तर प्रदेश में पेपर लीक होने की वजह से 17 परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी हैं और अभी तक इसमें शामिल किसी बड़े सिंडिकेट की पहचान नहीं की जा सकी है. 

नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय के सामने धरना दे रहे 600 किसानों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज

81 गांव के किसान अधिग्रहित जमीन की बढ़ी हुई दर से मुआवज़ा देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 93 दिनों से नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने विरोध में कार्यालय के सभी द्वारों पर मवेशी बांध दिए हैं.

प्रदर्शन के दौरान मरने वाले किसानों का कोई रिकॉर्ड नहीं, मुआवज़े का सवाल नहीं उठता: केंद्र

विवादित तीनों कृषि क़ानूनों की वापसी के बाद कृषि संगठन मांग कर रहे हैं कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 700 से अधिक किसानों को उचित मुआवज़ा प्रदान किया जाएगा, जिनका विस्तृत ब्यौरा उनके पास उपलब्ध है.