Gautam Navlakha

एल्गार परिषद केस: गौतम नवलखा की नज़रबंदी 17 फरवरी तक बढ़ाई गई

एल्गार परिषद मामले में आरोपी 70 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को बीते 18 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नज़रबंद करने का आदेश दिया था.

भीमा कोरेगांव आरोपियों के वकील ने कहा- 5 साल बाद भी सबूतों की 60% प्रतियां उन्हें नहीं दी गईं

भीमा-कोरेगांव और एल्गार परिषद मामले में कुछ आरोपियों की पैरवी कर रहे वकील ने कहा है कि अदालत ने मई 2022 में आरोपियों को उनके ख़िलाफ़ जुटाए गए सबूतों की सभी क्लोन कॉपी प्रदान करने का निर्देश एनआईए को दिया था, लेकिन इसके बावजूद भी केवल 40 फीसदी कॉपी ही साझा की गई हैं.

विवेक अग्निहोत्री ने जज पर पक्षपात के आरोप लगाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट से माफ़ी मांगी

2018 में फिल्मकार विवेक अग्निहोत्री ने ट्विटर पर लिखा था कि दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस एस. मुरलीधर ने एल्गार परिषद मामले में आरोपी गौतम नवलखा की नज़रबंदी का आदेश इसलिए रद्द किया था क्योंकि वे जज की पत्नी के दोस्त थे. अग्निहोत्री की माफ़ी के बाद कोर्ट ने कहा कि वे उसके समक्ष पेश होकर खेद जताएं.

अदालत ने एनआईए की याचिका ख़ारिज की, नवलखा को 24 घंटे के अंदर घर में नज़रबंद करने को कहा

एनआईए ने सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा के माओवादियों के साथ संबंधों का हवाला देते हुए उन्हें जेल के बजाय घर में नज़रबंद करने के सुप्रीम कोर्ट के 10 नवंबर के आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया था. 70 वर्षीय नवलखा एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में अप्रैल 2020 से जेल में बंद हैं और अनेक रोगों से जूझ रहे हैं.

एल्गार परिषद: नज़रबंदी के लिए चुने गए परिसर की ‘सुरक्षा चिंताओं’ के कारण नवलखा की रिहाई में देरी

एल्गार परिषद मामले में आरोपी 70 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को बीते 10 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नज़रबंद रखने की अनुमति देते हुए कहा था कि उसके आदेश का क्रियान्वयन 48 घंटे के अंदर किया जाना चाहिए.

एल्गार परिषद मामला: अदालत के आदेश के चार दिन बाद भी मुंबई की तलोजा जेल में हैं नवलखा

एल्गार परिषद मामले में आरोपी 70 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को बीते 10 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नज़रबंद रखने की अनुमति देते हुए कहा था कि उसके आदेश का क्रियान्वयन 48 घंटे के अंदर किया जाना चाहिए. हालांकि सोमवार शाम तक वह जेल में ही थे, क्योंकि उनकी रिहाई की औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकी हैं.

एल्गार परिषद केस: सुप्रीम कोर्ट ने गौतम नवलखा को नज़रबंद करने की अनुमति दी

एल्गार परिषद मामले में आरोपी 70 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा के मुंबई की तलोजा जेल में पर्याप्त चिकित्सा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के मद्देनज़र घर में नज़रबंदी के अनुरोध को स्वीकारते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि उनकी मेडिकल रिपोर्ट को ख़ारिज करने की कोई वजह नहीं है.

एल्गार परिषद केस: सुप्रीम कोर्ट ने गौतम नवलखा को जेल से अस्पताल ले जाने का आदेश दिया

एल्गार परिषद मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा के वकील ने अदालत को बताया कि वे कैंसर से जूझ रहे हैं और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की ज़रूरत है. इसके अलावा वे दांत और त्वचा संबंधी एलर्जी से पीड़ित हैं. शीर्ष अदालत ने कहा कि चिकित्सकीय इलाज एक क़ैदी का मौलिक अधिकार है.

गौतम नवलखा की नज़रबंदी अर्ज़ी पर सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए, महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा

एल्गार परिषद मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा मुंबई की तलोजा जेल में पर्याप्त चिकित्सा और मूलभूत सुविधाओं की कमी का हवाला देते हुए नज़रबंदी के अनुरोध वाली उनकी याचिका ख़ारिज किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

अदालत ने गौतम नवलखा की ज़मानत याचिका ख़ारिज करते हुए कहा, उनके ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत मौजूद

एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा की याचिका को ख़ारिज करते हुए एनआईए की विशेष अदालत ने कहा कि प्रथमदृष्टया आवेदक के ख़िलाफ़ मौजूद सबूत के मद्देनज़र वह ज़मानत के हक़दार नहीं हैं.

एल्गार परिषद मामला: 16 आरोपियों में से एक की मौत, दो ज़मानत पर रिहा, 13 अब भी जेल में बंद

एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मामले के एक आरोपी फादर स्टेन स्वामी की न्यायिक हिरासत के दौरान पिछले साल मुंबई के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी, जबकि तेलुगू कवि वरवरा राव चिकित्सकीय ज़मानत पर जेल से बाहर हैं. सुधा भारद्वाज को भी नियमित ज़मानत पर रिहा किया गया है. 13 अन्य आरोपी विभिन्न जेलों में बंद हैं.

एल्गार परिषद: नवलखा और गोरखे को जेल में मच्छरदानी इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार

एल्गार परिषद मामले के आरोपी गौतम नवलखा और सागर गोरखे जेल में मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी थी. सुनवाई के दौरान जेल अधिकारियों ने बताया कि क़ैदियों द्वारा मच्छरदानी का उपयोग देना जोख़िम भरा है, क्योंकि इनका उपयोग कोई व्यक्ति स्वयं या दूसरों का गला घोंटने के लिए कर सकता है. इधर, अदालत ने मामले में शोमा सेन, सुधीर धावले, रोना विल्सन, सुरेंद्र गाडलिंग और महेश राउत की ज़मानत याचिका भी ख़ारिज कर दी है.

गौतम नवलखा को जेल में पढ़ने के लिए पीजी वुडहाउस की किताब न देना हास्यास्पद: हाईकोर्ट

महाराष्ट्र की तलोजा जेल में एल्गार परिषद मामले में गिरफ़्तार मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को जेल अधिकारियों ने प्रसिद्ध अंग्रेज़ी लेखक पीजी वुडहाउस की एक किताब देने से इनकार कर दिया. अधिकारियों ने तर्क दिया था कि इससे ‘सुरक्षा को ख़तरा’ हो सकता था. 

एल्गार परिषद: नवलखा की पार्टनर बोलीं, वह जेल के अंडा सेल में भेजे गए, फोन करने की भी मंज़ूरी नहीं

मानवाधिकार कार्यकर्ता और पत्रकार गौतम नवलखा की पार्टनर सहबा हुसैन ने बताया कि उन्हें बीते 12 अक्टूबर को नवी मुंबई स्थित तलोजा जेल के अंडा सेल में शिफ्ट किया गया है और उनका स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया है. एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ़्तार कार्यकर्ताओं, वकीलों और विद्वानों में नवलखा सबसे उम्रदराज़ हैं.

एल्गार परिषद मामले के आरोपी देश के ख़िलाफ़ जंग छेड़ना चाहते थे: एनआईए का मसौदा आरोप

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एल्गार परिषद और माओवादियों के बीच संबंधों से जुड़े मामले में एक विशेष अदालत में मसौदा आरोप पेश किया है. मामले में शुरुआती जांच करने वाली पुणे पुलिस ने अपने प्रस्तावित मसौदा आरोपों में कहा था कि हथियार ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या’ की साज़िश से जुड़े थे, जबकि एनआईए ने प्रधानमंत्री का उल्लेख नहीं किया है.