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आईटी नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट के जज अलग हुए

क्विंट डिजिटल मीडिया लिमिटेड, द वायर प्रकाशित करने वाले फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज़्म, फैक्ट-चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ चलाने वाले प्रवदा मीडिया फाउंडेशन और अन्य द्वारा आईटी नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाएं दायर की गई हैं. मामले को जस्टिस भंभानी और जस्टिस जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था.

यूएन के विशेष दूतों ने कहा- आईटी नियम अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन करते हैं

भारत ने नए आईटी नियमों को सोशल मीडिया के साधारण यूजरों को सशक्त बनाने वाला बताते हुए कहा कि विभिन्न हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद नए नियम तय किए गए हैं. उसने कहा कि नए आईटी नियमों के संबंध में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर जताई गई चिंताएं बिल्कुल वाज़िब नहीं हैं.

शिकायतों के निपटारे को वैधानिक तंत्र देने के लिए सरकार ने केबल टीवी नियमों में संशोधन किया

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि पारदर्शी वैधानिक तंत्र मुहैया कराने के लिए नियमों में संशोधन किया गया है और इससे लोगों को लाभ होगा. संशोधित नियम के मुताबिक चैनलों पर प्रसारित किसी भी कार्यक्रम से परेशानी होने पर दर्शक उस संबंध में प्रसारक से लिखित शिकायत कर सकता है.

केंद्र का मुख्यधारा के मीडिया को नये आईटी नियमों से छूट देने से इनकार, कहा- इसे लागू करें

बीते दिनों नेशनल ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने मुख्यधारा के टीवी मीडिया और इसके डिजिटल मंचों को नये आईटी नियमों से बाहर रखने की मांग की थी. इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि नियमों से कुछ को छूट देना उन डिजिटल समाचार प्रकाशकों के साथ भेदभाव होगा, जिनके पास पहले से टीवी या प्रिंट मंच नहीं है.

डिजिटल मीडिया पर सरकार का हमला नरेंद्र मोदी के डर को दिखाता है

दिग्गज सोशल मीडिया मंचों और ऑनलाइन न्यूज़ मीडिया के साथ नये नियमों को लेकर विवादास्पद बहस ऐसे मौके पर हो रही है जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर सामने आई अब तक की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं. ऐसे में आलोचनाओं के दमन में लगी सरकार ने टेक कंपनियों से दो-दो हाथ कर खु़ुद को अपने ही बुने चक्रव्यूह में फंसा लिया है.

समाचार प्रसारकों ने नए आईटी नियमों में सरकार से छूट की मांग की

न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे एक पत्र में कहा है कि यदि आईटी नियम, 2021 लागू होते हैं, तो इससे न केवल समाचार चैनलों या प्रसारकों का उत्पीड़न होगा, बल्कि उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का दमन और उल्लंघन भी होगा तथा इससे निष्पक्ष तरीके से समाचार रिपोर्टिंग भी बाधित होगी.

संसदीय समिति सदस्यों ने ओटीटी, सोशल मीडिया मंचों के लिए नए नियमों पर सवाल खड़े किए

संसदीय समिति के सदस्यों ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से पूछा कि क्या नियम कानूनी ढांचे के अनुरूप हैं? नियामक व्यवस्था में केवल नौकरशाह ही क्यों हैं और नागरिक समाज, न्यायपालिका तथा पेशेवर लोगों का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं है?

संपादकीय: केंद्र के नए नियम स्वतंत्र मीडिया को नियंत्रित करने का प्रयास हैं

अनुचित तरीके से बनाए गए नए सोशल मीडिया नियम समाचार वेबसाइट्स को सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के साथ खड़ा करते हैं. इन्हें वापस लिया ही जाना चाहिए.

नए सोशल मीडिया नियमों में संसदीय स्वीकृति का अभाव, दुरूपयोग की संभावना: कांग्रेस

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा डिजिटल मीडिया के नियमन के लिए दिए गए नए दिशानिर्देशों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि नियम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व रचनात्कता के लिए ‘बेहद ख़तरनाक’ हैं, वहीं कई विशेषज्ञों ने इसके दुरूपयोग को लेकर भी आशंकाएं ज़ाहिर की हैं.

मीडिया बोल: सोशल मीडिया-विनियमन के बहाने डिजिटल न्यूज़ मंचों के ख़ात्मे का फरमान!

वीडियो: सरकार ने सोशल मीडिया, डिजिटल न्यूज़ प्लेटफार्म और ओटीटी के लिए जिस तरह के दिशानिर्देश जारी किए हैं, उससे देश में स्वतंत्र सूचना प्रवाह और लेखन पर अंकुश-सा लग जाएगा. मीडिया बोल में इस मुद्दे पर द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेण, सत्य हिंदी के संपादक आशुतोष और द हिंदू की एसोसिएट एडिटर अनुराधा प्रधान से उर्मिलेश की बातचीत.

New Delhi: HRD Minister Prakash Javadekar speaks during a press conference at BJP Headquarter in New Delhi, on Friday. PTI Photo by Manvender Vashist(PTI3_23_2018_000241B)

डिजिटल प्रकाशकों ने किया नए आईटी नियमों का विरोध, कहा- ख़बरों के मूल सिद्धांतों के विपरीत

डिजिटल पब्लिकेशन के एसोसिएशन डिजिपब ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस) नियम 2021 का विरोध किया है. उन्होंने नए नियमों को अनुचित और इसके क्रियान्वयन के तरीके को अभिव्यक्ति की आज़ादी का उल्लंघन बताया है.

सरकार का निर्देश, न्यूज वेबसाइट्स को देनी होगी संपादकीय प्रमुख, स्वामित्व पर पूरी जानकारी

सोशल मीडिया मंचों का दुरुपयोग रोकने के लिए लाए गए केंद्र के नए दिशानिर्देश ऑनलाइन न्यूज़ और डिजिटल मीडिया इकाइयों भी पर भी लागू होंगे. सूचना एवं प्रसारण सचिव के अनुसार अब से न्यूज़ पोर्टल्स को अपने संपादकीय प्रमुख, स्वामित्त्व समेत अन्य कई जानकारियां सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को देनी होंगी.

तबलीगी जमात पर मीडिया रिपोर्टिंग को संतुलित बताने के केंद्र के जवाब से सुप्रीम कोर्ट असंतुष्ट

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने एक याचिका में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने देश में कोरोना वायरस की शुरुआत में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए फैलाई फेक न्यूज़ रोकने के लिए ज़्यादा कुछ नहीं किया. इसके जवाब में केंद्र ने हलफनामा दाखिल कर कहा था कि अधिकांश प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों ने ‘मोटे तौर पर तथ्यात्मक रिपोर्ट ’ प्रकाशित की थीं और मीडिया के सिर्फ एक छोटे-से वर्ग ने ही ऐसा किया था.

दूरदर्शन, आकाशवाणी के महानिदेशक की नियुक्ति का अधिकार अपने पास रखना चाहती थी मोदी सरकार

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक मसौदा तैयार किया था, जिसके तहत दूरदर्शन और आकाशवाणी के महानिदेशक की नियुक्ति का अधिकार केंद्र सरकार को मिल जाता लेकिन मंत्रालय ने इस मसौदा विधेयक को कुछ ही दिनों के भीतर वापस ले लिया.

मीडिया बोल, एपिसोड 93: नमो टीवी की अनोखी लीला

मीडिया बोल की 93वीं कड़ी में उर्मिलेश लोकसभा चुनाव से ऐन पहले लॉन्च हुए नमो टीवी पर वरिष्ठ पत्रकार प्रंजॉय गुहा ठाकुरता और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु से चर्चा कर रहे हैं.