IIM

आईआईएम के छात्रों-शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को लिखा- आपके मौन ने नफ़रती आवाज़ों को साहस दिया

बेंगलुरु और अहमदाबाद स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम ) के छात्रों एवं फैकल्टी सदस्यों के एक समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे विभाजनकारी ताक़तों को दूर रखते हुए देश को आगे ले जाने का आग्रह किया है. एक सदस्य ने कहा कि पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों का उद्देश्य इस बात को रेखांकित करना है कि अगर नफ़रत को बढ़ावा देने वालों की आवाज़ें तेज़ हैं, तो तार्किक आवाज़ें भी तेज़ होनी चाहिए.

Research has shown that LGBTQ people face a higher risk of having mental health issues such as depression, anxiety, substance abuse, suicide and self-harm than heterosexuals. ― Picture by Gift Habeshaw/Unsplash via Reuters

आईआईटी, आईआईएम समेत उच्च शिक्षण संस्थानों में 2014-21 के बीच 122 छात्रों ने आत्महत्या की: केंद्र

लोकसभा में दिए गए इस आंकड़े में अनुसूचित जाति वर्ग के 24, अनुसूचित जनजाति वर्ग के तीन, अन्य पिछड़ा वर्ग के 41 छात्र तथा अल्पसंख्यक वर्ग के तीन छात्र शामिल हैं.

केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी व आईआईएम में शिक्षकों के क़रीब 9,800 पद ख़ाली: केंद्र

शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने राज्यसभा में बताया कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 6,229 पद जबकि ग़ैर-शिक्षण श्रेणी में 13,782 पद ख़ाली हैं. आईआईटी में शिक्षकों के 3,230 व ग़ैर-शिक्षण वर्ग में 4,182 पद रिक्त हैं. इसके अलावा आईआईएम में शिक्षकों के 403 पद ख़ाली हैं. 

मोदी सरकार को समझना चाहिए कि उच्च शिक्षा संस्थान जनसंपर्क कार्यालय नहीं होते

सीसीएस जैसे क़ानूनों का उद्देश्य उच्च शिक्षा के उद्देश्यों को ही ध्वस्त कर देना है. उच्च शिक्षा में विकास तब तक संभव नहीं है जब तक विचारों के आदान-प्रदान की आज़ादी नहीं हो. अगर इन संस्थाओं की ये भूमिका ही समाप्त हो जाए तो उच्च शिक्षा की आवश्यकता ही क्या रहेगी? शिक्षक और शोधार्थी सरकारी कर्मचारी की तरह व्यवहार नहीं कर सकते.

आईआईएम रोहतक के निदेशक के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न का मुक़दमा दर्ज

संस्थान का कहना है कि शिकायतकर्ता को बीती 10 मई को बर्खास्त कर दिया गया था. निदेशक के ख़िलाफ़ यह शिकायत उसी का नतीजा है.

Kolkata: Former President Pranab Mukherjee addresses a special session on 'Prospects for Economic Growth and the Policy Imperatives for India' in Kolkata on Wednesday evening. PTI Photo by Swapan Mahapatra (PTI2_28_2018_000219B)

भारतीय प्रतिभाएं दुनिया को आकर्षित करती हैं, लेकिन गिने-चुने ही मानवता के काम आ सके: प्रणब

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, मेडिकल के क्षेत्र में तैयार प्रतिभाएं बड़ी-बड़ी कंपनियों में चली जाती हैं. लेकिन सीवी रमण के बाद किसी भारतीय को नोबेल पुरस्कार नहीं मिला है.

बजट 2018: वादों और दावों की भूलभुलैया

दो हज़ार करोड़ के फंड के साथ पचास करोड़ लोगों को बीमा देने की करामात भारत में ही हो सकती है. यहां के लोग ठगे जाने में माहिर हैं. दो बजट पहले एक लाख बीमा देने का ऐलान हुआ था, आज तक उसका पता नहीं है.

क्यों आईआईएम में वंचित समुदाय से आने वाले शिक्षकों के लिए जगह नहीं है?

एक सर्वे के अनुसार, देश के छह आईआईएम में जुलाई 2015 तक कुल 233 शिक्षक थे. इनमें से सिर्फ़ दो अनुसूचित जाति और पांच अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं. अनुसूचित जनजाति से कोई भी शिक्षक यहां नहीं था.