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यूपी: पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के आरोपी कश्मीरी छात्रों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल

पिछले साल अक्टूबर में टी-20 विश्व कप क्रिकेट मैच में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत की हार हो गई थी. आरोप है कि आगरा के राजा बलवंत सिंह मैनेजमेंट टेक्निकल कैंपस में पढ़ रहे तीनों कश्मीरी छात्रों ने पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाज़ी की थी. उनके ख़िलाफ़ राष्ट्रद्रोह, साइबर आतंकवाद और सामाजिक द्वेष फैलाने की धाराओं में मुक़दमा दर्ज हुआ था. तब से वे जेल में बंद हैं.

यूपी: भारत-पाक मैच के बाद से जेल में बंद कश्मीरी छात्र, परिजन कर रहे इंसाफ़ की मांग

वीडियो: उत्तर प्रदेश में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध एक निजी कॉलेज के तीन कश्मीरी छात्रों को 24 अक्टूबर को टी-20 क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तान से भारत की हार के बाद जीत का जश्न मनाने के आरोप में जेल में डाल दिया गया था. इन छात्रों के परिवार अभी तक न्याय की गुहार लगा रहे हैं और इंतज़ार कर रहें हैं कि उन्हें आख़िर कब रिहा किया जाएगा.

टी-20 में पाकिस्तान की जीत: जेल गए कश्मीरी छात्रों के परिवार दहशत में, नहीं हो रही ज़मानत पर सुनवाई

उत्तर प्रदेश में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध एक निजी कॉलेज के तीन छात्रों को 24 अक्टूबर को पाकिस्तान द्वारा टी-20 क्रिकेट विश्व कप में भारत को हराने के चार दिन बाद जेल में डाल दिया गया था. इनकी ज़मानत याचिकाओं पर सुनवाई नहीं होने से इनके परिवार निराश हैं.

टी-20 में पाकिस्तान की जीत पर जश्न: तीन कश्मीरी छात्र ज़मानत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे

बीते अक्टूबर माह में टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप मैच के दौरान भारत पर पाकिस्तान की जीत के बाद कथित तौर पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने के लिए देशद्रोह के आरोप में गिरफ़्तार कश्मीर के तीनों छात्रों का कहना है कि आगरा में वकीलों ने अदालत में उनकी पैरवी करने से मना कर दिया है, जिसकी वजह से उन्हें सीधे हाईकोर्ट का रुख़ करना पड़ा है.

भारतीय क्रिकेट टीम के ‘घुटने के बल खड़े होने’ में असल में कितना प्रतिरोध छिपा है

भारतीय क्रिकेट टीम के एकमात्र मुस्लिम खिलाड़ी के समर्थन में साथी खिलाड़ियों के वक्तव्यों की एक सीमा थी, वे उन्हें इस प्रसंग को भूल जाने और अगले मैच में अपनी कला का जौहर दिखाने के लिए ललकार रहे थे, पर किसी ने भी इस पर मुंह नहीं खोला कि पूरे मुल्क में एक समुदाय के ख़िलाफ़ किस तरह ज़हर फैलाया जा रहा है, जिसके निशाने पर अब कोई भी आ सकता है.

पाक समर्थन में नारेबाज़ी: गिरफ़्तार कश्मीरी छात्रों के परिवारों के पास केस लड़ने के पैसे नहीं

उत्तर प्रदेश के आगरा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे कश्मीर के तीन छात्रों को बीते 24 अक्टूबर को भारत-पाकिस्तान के बीच टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट मैच में पाक की जीत पर जश्न मनाने के आरोप में राजद्रोह से संबंधित धाराओं में गिरफ़्तार किया गया है. तीनों छात्र ग़रीब परिवारों से हैं और प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना के तहत पढ़ रहे हैं. उनके परिजनों ने उन्हें माफ़ करने की अपील सरकार से की है.

क्रिकेट मैच में भारत की हार के लिए क्यों निशाना बने कश्मीरी छात्र और मोहम्मद शमी?

देश में भारत-पाकिस्तान का क्रिकेट मैच महज़ एक खेल की तरह नहीं, एक जंग की तरह देखा जाता है और खेलभावना को बाहर कर इसे अहं की लड़ाई बना दिया जाता है. इस बार जब भारत की हार हुई तो सोशल मीडिया पर इसका ठीकरा भारतीय टीम के सदस्य मोहम्मद शमी पर फोड़ा जाने लगा और पाकिस्तान की जीत पर कथित तौर पर ‘खुश’ होने के लिए कश्मीरी छात्रों को पीटे जाने की ख़बर आई.

क्या भारतीय महिला क्रिकेट के आगे बढ़ने की राह में बीसीसीआई ही सबसे बड़ा रोड़ा है

विशेष रिपोर्ट: महिला क्रिकेट की कम लोकप्रियता के लिए हमेशा व्यूअरशिप यानी उसे कम देखे जाने को ज़िम्मेदार बताया जाता है. इसके बावजूद भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पहली बार हो रहे डे-नाइट टेस्ट मैच के दिनों में ही बीसीसीआई ने आईपीएल मैच रखे हैं. आंकड़े दिखाते हैं कि बीसीसीआई में महिला क्रिकेट का विलय होने के बाद से टीम को न सिर्फ खेलने के कम मौके मिले, बल्कि उनके मैच भी ऐसे दिन हुए जब पुरुष टीम भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रही थी.

मिताली राज महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली क्रिकेटर बनीं

भारतीय महिला टेस्ट और एकदिवसीय टीम की कप्तान 38 वर्षीय मिताली राज ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीसरे एकदिवसीय में खेलते हुए इंग्लैंड की पूर्व कप्तान चार्लोट एडवर्ड के 10,273 अंतरराष्ट्रीय रन के आंकड़े को पीछे छोड़ा. अब दो भारतीयों- सचिन तेंदुलकर और मिताली राज के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड है.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10 हज़ार रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं मिताली राज

दो दशक से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहीं 38 वर्षीय मिताली राज ने दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ लखनऊ में तीसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान यह उपलब्धि हासिल की. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10 हज़ार रन पूरा करने वाली वह दूसरी महिला खिलाड़ी हैं. इससे पहले इंग्लैंड की चार्लोट एडवर्ड्स ने यह उपलब्धि हासिल की थी.

महेंद्र सिंह धोनी: पल दो पल का क़िस्सा नहीं, मक़बूल दास्तान

जनवरी 2017 में जबसे महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ी, तबसे करिअर के अंतिम ढाई सालों में उन्हें तारीफ़ से ज़्यादा आलोचना मिली. टीम के हर कमज़ोर प्रदर्शन के बाद उनके संन्यास के कयास लगने शुरू हो जाते, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इन सालों में भी उनकी चमक फ़ीकी नहीं पड़ी थी.

धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 मैच खेलकर करीब 17,000 रन बनाए और विकेट के पीछे 829 खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा है. 2007 में टी20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप और 2013 में उन्होंने चैंपियंस ट्राफी जीता है. वह एकमात्र क्रिकेट कप्तान हैं, जिसने आईसीसी के इन तीन ख़िताबों पर क़ब्ज़ा किया है. सुरेश रैना ने भी संन्यास की घोषणा की.

शेफाली वर्मा: भारतीय महिला क्रिकेट की नई पहचान

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारतीय महिला क्रिकेट टीम आईसीसी टी-ट्वेंटी विश्वकप के फाइनल में है और इसका श्रेय 16 वर्षीय शेफाली वर्मा की बल्लेबाज़ी को जाता है. महज़ छह महीने पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आई शेफाली अपने शानदार प्रदर्शन के चलते दुनिया के उत्कृष्ट बल्लेबाज़ों की आईसीसी रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच गई हैं.

क्रिकेट प्रेमी भारत में महिला टी20 क्रिकेट विश्वकप की चर्चा क्यों नहीं हो रही है?

आईसीसी की एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 क्रिकेट की विभिन्न श्रेणियों को जोड़कर देखें तो 11 भारतीय महिला क्रिकेटर टॉप 10 रैंकिंग वाली हैं जबकि पुरुष क्रिकेटरों की संख्या महज 6 है. वर्तमान पुरुष क्रिकेटरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद देश में महिला क्रिकेट को न दर्शकों से समुचित तवज्जो मिलती है न ही मीडिया से.

धोनी के साथ बीसीसीआई ने क़रार तोड़ा, पूर्व क्रिकेट कप्तान केंद्रीय अनुबंध सूची से बाहर

बीसीसीआई ने धोनी के अलावा दिनेश कार्तिक, ख़लील अहमद और अंबाती रायडु से भी क़रार ख़त्म कर लिया है. वहीं कप्तान विराट कोहली, उप-कप्तान रोहित शर्मा और तेज गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह ‘ए प्लस’ ग्रेड में बने हुए हैं, जिन्हें अनुबंध के तहत प्रति वर्ष सात करोड़ रुपये मिलते हैं.