Jammu and Kashmir

कश्मीर में सेना के जवान ‘शहीद’ होते हैं, पुलिस के जवान ‘मारे’ जाते हैं

जब एक आतंकवादी मारा जाता है, तो उसे भी उसके हिस्से का सम्मान मिलता है, उसके परिवार को खुलकर मातम मनाने की आजादी मिलती है. लेकिन, पुलिसकर्मियों की मातमपुर्सी में बहुत कम लोग आते हैं.

ईद: देश के कई हिस्से में काली पट्टी बांधकर मनाया त्योहार, कश्मीर में हिंसक झड़प

हरियाणा के खंदावली गांव के किशोर जुनैद की ईद के दो दिन पहले चलती ट्रेन में पीटकर हत्या कर दी गई थी, जिसके विरोध में गांव वालों ने ईद नहीं मनाई.

क्या यह दावा कमज़ोर हुआ है कि हिंदू बहुसंख्यक हैं इसलिए देश धर्मनिरपेक्ष है?

2017 की ढलती जून की इस सुबह ईद मुबारक कहना झूठी तसल्ली जान पड़ती है, एक झूठा आश्वासन, सच्चाई से आंख चुराना! सच यह है कि यह ईद मुबारक नहीं है.

कुलभूषण जाधव और फ़ारूक़ अहमद डार: एक देश, दो नागरिक, दो सुलूक

बीते दिनों सेना के हाथों दो भारतीय अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का शिकार हुए हैं, लेकिन भारत सरकार के अधिकारी और पूरा देश इनमें से सिर्फ एक के अधिकारों के लिए लड़ता दिख रहा है.

इस माहौल में क्या मेजर गोगोई को सम्मानित किया जाना ज़रूरी था?

मेजर गोगोई को पुरस्कृत कर सेना ने एक झटके में कश्मीर घाटी के सभी वासियों को संदेश दे डाला है कि सेना तुम्हारी दोस्त नहीं है.

हर दिन कम से कम एक बार पाकिस्तानी सेना कर रही है संघर्षविराम का उल्लंघन: गृह मंत्रालय

सरकार भले ही ये दावा करे कि आतंकी घटनाओं में कमी आई है, लेकिन एक आरटीआई के मुताबिक देश में हर दूसरे दिन एक आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया है.

People look out from a window as they watch a protest against the recent killings in Kashmir, on the outskirts of Srinagar

कश्मीर घाटी में ऐसा क्या हुआ कि 2014 के बाद हालात तेज़ी से ख़राब होने लगे?

कश्मीर के मामले में मोदी सरकार ने न तो पहले की सरकारों की विफलताओं से कोई सबक लिया और न ही कामयाबियों से.

‘मैंने वोट किया था, सेना पर कभी पत्थर नहीं फेंका… मेरा क़सूर क्या था’

सोशल मीडिया पर वायरल हुए कश्मीर के वीडियो में दिख रहे फ़ारूक़ अहमद डार ने बताया कि उन्हें बंदूक के बट से पीटा गया और सेना द्वारा 5 घंटे तक जीप पर बांधकर घुमाया गया.

क्या कश्मीर में भारत सरकार ने ख़ुद ही लोकतंत्र का गला घोंटा है?

श्रीनगर लोकसभा उपचुनाव में मात्र 6.5 फ़ीसदी वोट पड़े. तीन साल पहले तक चुनावों में हुर्रियत के बहिष्कार की अपील को ठुकरा कर बड़ी संख्या में मतदान करने वाले लोग आज जनाज़ों के पीछे भारत-विरोधी नारों के साथ क्यों हैं?

महज़ 7 फीसदी मतदान वाले श्रीनगर लोकसभा उपचुनाव में फ़ारूक़ जीते

फ़ारूक़ ने कहा, घाटी के खराब हालातों के बावजूद लोग बाहर आए और वोट किया जो ये साबित करता है कि उनका नेशनल कांफ्रेस पर भरोसा है.

कश्मीर में व्यक्ति को ढाल की तरह इस्तेमाल के आरोप की जांच कर रही है सेना

द वायर से बातचीत में श्रीनगर में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा, ‘ वीडियो की विश्वसनीयता की जांच की जा रही है.’