Jammu Kashmir High Court

मामलों की जांच के लिए सीबीआई द्वारा राज्यों को भेजे गए अनुरोधों के लंबित रहने पर कोर्ट चिंतित

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे मामलों में अपीलीय अदालतों के स्थगन आदेश पर भी चिंता ज़ाहिर की और कहा कि इससे सुनवाई की गति प्रभावित होती है.

रिश्वत आरोप के बाद मलिक ने कहा- सबको पता है कि कश्मीर में आरएसएस प्रभारी कौन था

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था कि जब वे जम्मू कश्मीर के राज्यपाल थे तो उन्हें ‘अंबानी’ और ‘आरएसएस से संबद्ध’ एक व्यक्ति की दो फाइलों को मंज़ूरी देने के बदले में 300 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी, हालांकि उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था. जब आरएसएस नेता राम माधव से कहा गया कि वह उस समय जम्मू कश्मीर में थे, तो उन्होंने कहा कि आरएसएस का कोई भी व्यक्ति ऐसा कुछ नहीं करेगा. 

महबूबा ने अपमानजनक टिप्पणी को लेकर राज्यपाल सत्यपाल मलिक को क़ानूनी नोटिस भेजा

जम्मू कश्मीर के पूर्व और वर्तमान में मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कथित तौर पर कहा था कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती को रोशनी योजना का लाभ मिला था. मुफ़्ती ने एक क़ानूनी नोटिस भेजकर 10 करोड़ रुपये के मुआवजे़ की मांग की हैं. साल 2001 में लागू रोशनी योजना का उद्देश्य राज्य की ज़मीन पर क़ब्ज़ा रखने वाले लोगों को शुल्क के एवज में उसका मालिकाना हक़ देना था. हालांकि हाईकोर्ट ने इसे असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया था.

जम्मू कश्मीर: सरकारी ज़मीन हस्तांतरण के विरोधी भाजपा नेता ख़ुद अवैध क़ब्ज़ाधारक निकले

सूचना का अधिकार के तहत हासिल जवाब में पाया गया कि दो अन्य लोगों के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता राजस्व विभाग के दस्तावेज़ों में साल 2010 से 2017 के दौरान राज्य में सरकारी ज़मीन पर अवैध क़ब्ज़ेधारक के रूप में पाए गए हैं. हालांकि गुप्ता ने इससे इनकार किया है.

राष्ट्रगान के लिए खड़ा नहीं होना अपराध नहीं है: जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू कश्मीर के एक लेक्चरर के ख़िलाफ़ दर्ज प्राथमिकी रद्द करते हुए जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने माना कि राष्ट्रगान के लिए खड़े न होने को राष्ट्रगान के लिए अनादर के रूप में माना जा सकता है लेकिन यह राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के तहत अपराध नहीं है.

रोशनी क़ानून पर पुनर्विचार याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, हाईकोर्ट से फ़ैसला लेने कहा

रोशनी क़ानून निरस्त करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर पुनर्विचार याचिकाएं सुनने से मना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो समानांतर कार्यवाही नहीं चल सकतीं. सभी याचिकाकर्ताओं को पुनर्विचार करने वाली पीठ के पास जाना चाहिए और उच्च न्यायालय को इन सभी को सुनना चाहिए.

Srinagar: Security personnel stand guard during restrictions and strike called by separatists against Prime Minister Narendra Modi's visit to the state, at Lal Chowk, in Srinagar, on Saturday. (PTI Photo/S Irfan) (PTI5_19_2018_000049B)

जम्मू कश्मीर: क्या है रोशनी क़ानून और इसे लेकर विवाद क्यों मचा हुआ है

साल 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला सरकार सरकारी ज़मीन पर काबिज़ लोगों को उसका मालिकाना हक़ दिलाने के लिए रोशनी क़ानून लेकर आई थी. साल 2014 में कैग ने इसे 25 हज़ार करोड़ का घोटाला क़रार दिया. अब जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने रोशनी क़ानून को असंवैधानिक बताते हुए सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं.

महिला वकीलों को नियमित भेदभाव और लैंगिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है: जस्टिस गीता मित्तल

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने कहा महिलाओं के सामने एक बैरियर है, जो हमेशा उन्हें आगे बढ़ने से रोकता है. इस बैरियर के नीचे तो वे प्रमोशन पा जाती हैं, लेकिन इसके उस पार उन्हें प्रमोशन नहीं मिलता है. उन्होंने कहा कि भारत में हाईकोर्ट के मौजूदा 673 जजों में से सिर्फ़ 73 महिलाएं हैं. देश के 28 हाईकोर्ट में से सिर्फ़ वह एकमात्र मुख्य न्यायाधीश हैं.

मीडिया की निष्पक्ष और सही रिपोर्टिंग पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता: जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने श्रीनगर में एक अख़बार के पत्रकार पर कथित फ़र्ज़ी ख़बर लिखने के मामले में दर्ज एफआईआर को ख़ारिज करते हुए कहा कि किसी ऐसी घटना के बारे में बताना, जिसे सच मानने के लिए रिपोर्टर के पास वाजिब वजह है, अपराध नहीं हो सकता.

Doctor Health Medicine Reuters

पाक अधिकृत कश्मीर से डिग्री प्राप्त डॉक्टर देश में नहीं कर सकेंगे प्रैक्टिस

भारतीय चिकित्सा परिषद ने कहा है कि पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से अधिकृत जम्मू कश्मीर और लद्दाख के मेडिकल कॉलेजों को परिषद द्वारा मान्यता नहीं दी गई है, जिसके कारण यहां से से शिक्षा पाने वाले लोग देश में आधुनिक चिकित्सा की प्रैक्टिस के लिए पंजीकरण हासिल करने के योग्य नहीं हैं.

अनुच्छेद 370: चुनौती देने वाली याचिकाओं को बड़ी पीठ के पास भेजने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

23 जनवरी की सुनवाई के दौरान अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द किए जाने की वैधता को चुनौती देनी वाली याचिकाओं को पेश करने वाले वकीलों ने मांग की थी कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने को चुनौती देने वाले मामलों को सात जजों की बड़ी पीठ के पास भेजा जाए क्योंकि अनुच्छेद 370 से जुड़े पिछले दो फैसले पांच जजों की पीठ द्वारा दिए गए थे और दोनों में विवाद था.

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने 26 लोगों पर लगा पीएसए हटाया

जिन 26 लोगों पर से जन सुरक्षा कानून हटाया गया है उनमें से कुछ केंद्र शासित प्रदेश से बाहर उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में बंद हैं. इनमें जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नजीर अहमद रोंगा भी शामिल हैं, जिन्हें उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद सेंट्रल जेल में हिरासत में रखा गया है.

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने अदालतों में भर्ती के लिए देशभर से आवेदन मंगाने की अधिसूचना वापस ली

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने 26 दिसंबर 2019 एक विज्ञापन जारी कर विभिन्न ज़िला अदालतों में ग़ैर-राजपत्रित श्रेणी में ख़ाली 33 अलग-अलग पदों के लिए आवेदन मांगे थे.

जम्मू कश्मीर मानवाधिकार संगठन ने कहा- 2019 में 600 से अधिक लोगों पर लगाया गया पीएसए

वार्षिक मानवाधिकार रिपोर्ट कहती है कि 662 लोगों ने जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की और अपने खिलाफ लगाए गए पीएसए को रद्द करने की मांग की.

जम्मू कश्मीर की ज़िला अदालतों की नौकरियों के लिए देशभर से आवेदन मांगे जाने पर विवाद

विपक्षी दलों ने इन दोनों केंद्र शासित क्षेत्रों के रोज़गार के अवसरों को सभी भारतीयों के लिए खोलने पर कड़ी आपत्ति जताई है. इन दलों ने जम्मू कश्मीर में सरकारी नौकरियों में स्थानीय निवासियों को आरक्षण देने की मांग की है.