Kumbh Mela

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उत्तराखंड: कुंभ के दौरान निजी लैब से ‘फ़र्ज़ी’ कोविड-19 रिपोर्ट जारी होने का आरोप, जांच के आदेश

कोरोना संक्रमण के बीच हरिद्वार में एक से 30 अप्रैल तक कुंभ मेले का आयोजन किया गया था. एक शख़्स ने आईसीएमआर से शिकायत की है कि इस दौरान उन्हें हरिद्वार से कोविड सैंपल लिए जाने का मैसेज आया जबकि वे पंजाब में थे. उनका आरोप है कि फ़र्ज़ी टेस्ट के लिए उनके मोबाइल नंबर और आधार का दुरुपयोग किया गया.

(फाइल फोटोः पीटीआई)

उत्तराखंड: हाईकोर्ट का आदेश, राज्य में कोविड की दूसरी लहर में हुई मौतों का ऑडिट करे सरकार

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध वेंटिलेटर और आईसीयू उपकरणों का ऑडिट कराया जाए ताकि पता चल सके कि कितने वेंटिलेटर और उपकरण इस्तेमाल नहीं हुए और इसकी क्या वजह है. अदालत ने सरकार से कोविड जांच में कथित अनियमितताओं पर भी रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.

कुंभ मेले के दौरान 11 अप्रैल 2021 को हर की पौड़ी घाट. (फोटो: पीटीआई)

कुंभ 2021: आलोचनाओं के बाद सरकार ने कहा- 49 लाख नहीं केवल 21 लाख लोग शामिल हुए

उत्तराखंड में हुए हालिया कुंभ मेले के पुलिस महानिरीक्षक ने बताया है कि वहां 12 अप्रैल को इक्कीस लाख, 13 अप्रैल को क़रीब तीन लाख और 14 अप्रैल को लगभग बारह लाख श्रद्धालु एकत्र हुए थे. यह संख्या राज्य सरकार द्वारा इससे पहले दिए इन तीन दिनों के कुल आंकड़े 49 लाख से काफ़ी कम है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

बद्रीनाथ-केदारनाथ में कोविड नियम उल्लंघन पर कोर्ट ने कहा, हम शर्मिंदगी का कारण क्यों बन रहे

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी उन वीडियो के आधार पर की, जिसमें ये देखा जा सकता है कि चार धामों में से दो- बद्रीनाथ और केदानाथ में बड़ी संख्या में साधू/पुजारी कोरोना नियमों को उल्लंघन करते हुए घूम रहे हैं. इसके साथ ही अदालत ने राज्य के दूरदराज़ के इलाकों में रह रहे लोगों की चिकित्सकीय ज़रूरतों पर ध्यान नहीं देने के लिए केंद्र की खिंचाई करते हुए कहा कि वह पर्वतीय प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है.

कुंभ 2021 के दौरान हरिद्वार. (फोटो: रॉयटर्स)

उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकारा, पूछा- साल भर में भी महामारी के लिए तैयार क्यों नहीं

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोविड के बीच राज्य में धार्मिक आयोजन करने के लिए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नागरिकों का जीवन सुरक्षित रखना राज्य का पहला दायित्व है. हम एक अदृश्य दुश्मन से विश्वयुद्ध लड़ रहे हैं और हमें अपने सभी संसाधन लगा देने चाहिए.

केदारनाथ मंदिर. (फोटो: पीटीआई)

उत्तराखंड: हाईकोर्ट की तल्ख़ टिप्पणी के बाद चारधाम यात्रा स्थगित

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि महामारी की स्थिति के बीच चारधाम यात्रा का संचालन संभव नहीं है. बीते हफ़्ते हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यात्रा संबंधी एसओपी जारी करने का निर्देश देते हुए कहा था कि चारधाम यात्रा को दूसरा कुंभ बनने नहीं दिया जा सकता.

हरिद्वार कुंभ 2021 के दौरान निकला नागा साधुओं का जत्था. (फोटो: रॉयटर्स)

कुंभ 2021: क्या नेताओं के लिए ग्रहों की चाल आम ज़िंदगियों से ज़्यादा महत्वपूर्ण है

अमूमन कुंभ मेला हर बारह साल पर लगता है, लेकिन इस बार हरिद्वार में हुआ कुंभ पिछली बार हुए आयोजन के ग्यारह साल बाद हुआ क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने से कहीं अधिक ज़रूरी ज्योतिषियों को ख़ुश रखना था.

हरिद्वार के कुंभ में जुटी श्रद्धालुओं की भारी भीड़. (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा, चारधाम यात्रा को दूसरा कुंभ बनने नहीं दिया जा सकता

तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार को हाईकोर्ट ने आगामी चारधाम यात्रा के लिए जल्द मानक परिचालन प्रक्रिया जारी करने का निर्देश दिया है. राज्य में कुंभ मेला भी चल रहा है, जिसे लेकर संक्रमण के मामलों के बढ़ने की बार-बार आशंका जताई गई है.

(फोटो साभार: विकीपीडिया)

हरिद्वार: रामदेव के पतंजलि योगपीठ के 39 कर्मचारी और छात्र कोरोना संक्रमित पाए गए

उत्तराखंड में तेज़ी से बढ़ रहे संक्रमण के मामलों के बीच हरिद्वार में पतंजलि योग ग्राम में 20, पतंजलि योगपीठ में 10 और आचार्यकुलम में नौ लोगों की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है. इससे पहले पिछले सप्ताह योगपीठ में पांच लोग कोरोना संक्रमित मिले थे.

कुंभ मेले के दौरान 11 अप्रैल 2021 को हर की पौड़ी घाट. (फोटो: पीटीआई)

गुजरात: कुंभ मेला से लौटने वाले 49 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने घोषणा की थी कि कुंभ मेला में हिस्सा लेकर राज्य लौटने वाले लोगों को अपने शहरों एवं गांवों में जाने से पहले कोविड-19 की जांच करवानी होगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19ः कुंभ से लौटने वालों पर सख़्त हुईं कई राज्य सरकारें, अनिवार्य क्वारंटीन के निर्देश

दिल्ली, ओडिशा और मध्य प्रदेश सरकारों ने हरिद्वार में चल रहे कुंभ से लौट रहे लोगों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट, क्वारंटीन और ज़िला प्रशासन को सूचित करने जैसे विभिन्न निर्देश दिए हैं. कुंभ में कोविड के बढ़ते जोखिम के बीच उत्तराखंड सरकार ने इसे सीमित करने की संभावना से इनकार किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उत्तराखंड कुंभ में शामिल महामंडलेश्वर का कोविड-19 संक्रमण से निधन, कई अखाड़े आयोजन से बाहर

एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में चल रहे कुंभ में शामिल मध्य प्रदेश के निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देव दास की कोविड 19 संक्रमण से बीते 13 अप्रैल को मौत हुई है. कुंभ मेले में कोरोना की बिगड़ती रही स्थिति को देखते हुए 13 अखाड़ों में से निरंजनी और तपो निधि श्री आनंद अखाड़े ने इस आयोजन से हटने का ऐलान किया है.

कुंभ मेले के दौरान 11 अप्रैल 2021 को हर की पौड़ी घाट. (फोटो: पीटीआई)

हरिद्वार: शाही स्नान में न थर्मल स्क्रीनिंग, न कोविड नियमों का पालन, कोरोना पॉज़िटिव मिले 102 लोग

हरिद्वार में कुंभ मेले में सोमवार को अमावस्या के अवसर पर हुए दूसरे शाही स्नान में 28 लाख के क़रीब श्रद्धालु पहुंचे. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, रविवार सुबह 11.30 बजे से सोमवार की शाम तक 18,169 श्रद्धालुओं का कोविड टेस्ट किया गया, जिनमें से 102 कोरोना पॉज़िटिव पाए गए.

हालिया कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार के घाट. (फोटो: रॉयटर्स)

घाटों पर सामाजिक दूरी का पालन मुश्किल, बन सकते हैं भगदड़ के हालातः हरिद्वार कुंभ मेला अधिकारी

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच उत्तराखंड के हरिद्वार में कुंभ मेला जारी है. रविवार को हरिद्वार में सर्वाधिक 401 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. इनमें साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि सहित जूना अखाड़े के करमा गिरि और जूना अखाड़े के नितिन गिरि भी शामिल हैं.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi performing the Ganga Pujan, at Prayagraj, in Uttar Pradesh on December 16, 2018.
The Chief Minister of Uttar Pradesh, Shri Yogi Adityanath is also seen. PIB Photos

एनजीटी को क्यों कहना पड़ा कि कुंभ के बाद इलाहाबाद महामारी के कगार पर पहुंच गया है

ग्राउंड रिपोर्ट: कुंभ के बाद जमा कचरे को लेकर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने जस्टिस अरुण टंडन की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति बनाई थी. इस समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक इलाहाबाद के बसवार प्लांट में इस समय करीब 60,000 मिट्रिक टन कचरा जमा हुआ है. इसमें से करीब 18,000 मिट्रिक टन कचरा कुंभ मेले का है.