Madhya Pradesh

अगर हम किसानों के साथ नहीं खड़े हैं तो हमारी इंसानियत शक के दायरे में है

ये लोग नारा लगाते हैं जय जवान जय किसान! ज़्यादातर जवान किसान के ही बच्चे हैं. किसानों पर गोली चलाकर, आप सिर्फ़ सैनिकों के सहारे अपनी देशभक्ति प्रमाणित नहीं कर सकते.

भारत कृषिप्रधान देश या किसानों की क़ब्रगाह?

नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार में कहते थे कि देश के संसाधनों पर पहला हक़ ग़रीबों और किसानों का है, लेकिन उनके कार्यकाल में किसान आत्महत्या की दर बढ़ गई.

‘मोदी अमीरों का क़र्ज़ माफ कर सकते हैं किसानों का नहीं’

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने स्वीकार किया कि मंदसौर में प्रदर्शन के दौरान पांच किसानों की मौत पुलिस फायरिंग से हुई. मंदसौर के कलेक्टर और एसपी का तबादला.

किसान से रिश्ता मत तोड़िये, समाज टूट जाएगा

किसान सरकारी कर्मचारियों की तरह काम बंद नहीं करता है. सूखे, बाढ़ समेत तमाम संकट से जूझ रहा है लेकिन अपना पुरुषार्थ नहीं छोड़ता. हमें सरकार के उस भुलावे से बाहर निकलना होगा कि बड़े उद्योगपति आयेंगे और देश में बहार आ जाएगी.

मध्य प्रदेश में किसानों की हत्या के ख़िलाफ़ दिल्ली में प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस फायरिंग के दौरान छह किसानों की मौत के ख़िलाफ़ नई दिल्ली के मध्य प्रदेश भवन पर सात जून को विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया.

‘भाजपा चुनाव में सैंकड़ों करोड़ ख़र्च कर सकती है तो क़र्ज़ माफ़ी में क्यों हिचकिचा रही है?’

नोटबंदी पर छिड़ा सियासी युद्ध, शिवसेना, कांग्रेस और वामदलों ने बोला भाजपा सरकार पर हमला, राजस्थान के किसानों ने की मंदसौर जाकर आंदोलन में शामिल होने की घोषणा.

किसान संगठनों ने कहा, मध्य प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए

छह किसानों की मौत के बाद मध्य प्रदेश के कई इलाक़ों में भड़की हिंसा, कांग्रेस ने मांगा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का इस्तीफ़ा.

नासिक में किसान ने की ख़ुदकुशी, फायरिंग में 6 किसानों की मौत के विरोध में मध्य प्रदेश बंद

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में सातवें दिन किसानों का आंदोलन जारी. मप्र में पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत के बाद कई इलाक़ों में कर्फ़्यू.

मप्र में किसानों पर फायरिंग, 6 की मौत, गोली किसने चलाई सरकार को नहीं पता

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में एक जून से किसान फ़सलों के उचित मूल्य और क़र्ज़ माफ़ी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. मंगलवार को उग्र हुए किसानों पर फायरिंग हुई.

तीसरे दिन हिंसक हुआ किसानों का आंदोलन, लूट, पत्थरबाज़ी, तोड़फोड़

मध्य प्रदेश के कई इलाक़ों में हिंसा, मंडी लूटी, दुकानों में तोड़फोड़, महाराष्ट्र में सरकार का ऋण माफ़ी का ऐलान लेकिन जारी रहेगा आंदोलन.

फसल अच्छी होने के बावजदू हमारा किसान हताश क्यों है?

शायद ही ऐसा कोई दिन बीतता है, जब देश के किसी न किसी कोने से किसानों की आत्महत्या की खबरें न आती हों. हार किसानों की नहीं हुई है. ये हार अर्थशास्त्रियों और नीति-निर्माताओं की है, जिन्होंने किसानों को मझधार में छोड़ दिया है.

किसानों ने शुरू किया आंदोलन, सड़कों पर फेंके दूध और सब्ज़ियां

क़र्ज़ माफ़ी और फ़सलों का उचित दाम न मिलने से नाराज़ किसानों ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में अनाज, फल, दूध और सब्ज़ियों की आपूर्ति रोक दी है.

बुंदेलखंड: जो बूढ़ा या बीमार है वो दो किलोमीटर से पानी कैसे लाए?

बुंदेलखंड के गांवों में बहुत से हैंडपंप हैं, पर उनमें पानी नहीं है. गांव वालों को दो किमी. दूर तालाब पर जाना पड़ता है. गंदे पानी के उपयोग से कई बीमारियां फैल रही हैं