लखनऊ पुलिस ने बताया कि कांवड़ियों की एक मोटरसाइकिल स्कूल वैन से टकराने के बाद गुस्साए कांवड़ियों ने कथित तौर पर वैन के पिछले शीशे और साइड मिरर को क्षतिग्रस्त कर दिया और मौके से फ़रार हो गए. उधर, कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र अब ग़ाज़ियाबाद और बाग़पत में भी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे. वहीं एनसीआरटीसी ने भी बताया है कि यात्रा के चलते 4 से 12 अगस्त तक नमो भारत ट्रेन के 17 स्टेशनों के कई प्रवेश व निकास द्वार बंद
तीन अगस्त से शुरू हुई कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों- जैसे मेरठ, मुज़फ़्फ़रनगर में हफ्ते भर तक स्कूल बंद रहेंगे, वहीं कई अन्य ज़िलों में सावन के हर सोमवार का अवकाश रखा गया है. इसकी वजह कांवड़ यात्रा के दौरान छात्रों की सुरक्षा, यातायात को आसान बनाने और क़ानून-व्यवस्था बताई गई है.
मेरठ के सरधना के सेंट जोसेफ गर्ल्स इंटर कॉलेज में 27 मार्च को छात्राएं वार्षिक उत्सव के लिए एकत्रित हुई थीं, तभी कथित तौर पर बजरंग दल सदस्यों ने विरोध करते हुए हंगामा मचाया. उनका दावा था कि वहां रामनवमी के दिन ईद मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था.
मेरठ में एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा हिंदू परिवार का घर को खरीदने का सौदा नया विवाद बन गया है. स्थानीय हिंदू समूहों ने इसे लेकर पुलिस थाने और बाद में घर के बाहर विरोध प्रदर्शन और हनुमान चालीसा का पाठ किया. बेचने वाले परिवार का कहना है कि उसे ख़रीदार के मुस्लिम होने से कोई समस्या नहीं है. जिसने अच्छी क़ीमत दी, उन्होंने उसे मकान बेच दिया.
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने मेरठ कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. सीमा पवार को परीक्षा कार्यों से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया है. एबीवीपी ने उनके द्वारा तैयार एक प्रश्नपत्र में आरएसएस को लेकर पूछे गए सवालों पर आपत्ति जताई थी और उन्हें 'राष्ट्र-विरोधी मानसिकता' वाला बताया था.
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में मेरठ के आईआईएमटी विश्वविद्यालय के लगभग 50 छात्र परिसर में एक खुले मैदान में नमाज़ करते हुए दिख रहे थे, जिसके बाद हिंदुत्व समूहों ने क़ानूनी कार्रवाई की मांग की थी. इसे लेकर एक छात्र को हिरासत में लिया गया, जिसका अन्य छात्र विरोध कर रहे हैं.
1987 में यूपी के हाशिमपुरा में 42 लोगों की हत्या के आरोप में दिल्ली हाईकोर्ट ने 2018 में 16 पीएसी जवानों को दोषी मानते हुए उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दो और दोषियों को ज़मानत दी है. शीर्ष अदालत आठ दोषियों को पहले ही ज़मानत दे चुकी है.
1987 में उत्तर प्रदेश के हाशिमपुरा में 42 लोगों की हत्या के आरोप में दिए निचली अदालत के फ़ैसले को पलटते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने 2018 में 16 पीएसी जवानों को दोषी मानते हुए उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने उनमें से आठ दोषियों को ज़मानत दी है.
उत्तर प्रदेश में मेरठ ज़िले के मवाना क्षेत्र का मामला. जिलाधिकारी ने बताया कि घटना बीते 4 जनवरी को वन और राजस्व विभाग द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान से जुड़ी है. उन्होंने बताया कि किसान ने दावा किया था कि उन्हें ज़मीन के एक भूखंड से ग़लत तरीके से बेदख़ल किया गया था और कार्रवाई के विरोध में उन्होंने आत्मदाह कर लिया था.
मेरठ ज़िले का मामला. पुलिस ने बताया है कि एक 17 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार, उसे नग्न घुमाने और मारपीट के मामले में पांच लोगों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया है. बताया गया कि अप्रैल में हुई उक्त घटना का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर सामने आया.
उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी रॉबिन उपाध्याय को पेशे से सिविल इंजीनियर बताया जा रहा है. वर्तमान में बेरोज़गार उपाध्याय की नज़र गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के उपाध्यक्ष-सह-परियोजना समन्वयक के पद पर थी, जिसके लिए उन्होंने ख़ुद को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ऑफिसर-ऑन-स्पेशल-ड्यूटी के रूप में प्रस्तुत किया था.
उत्तर प्रदेश में मेरठ शहर के ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र के न्यू मेवला कॉलोनी स्थित घर के गेट पर महिला वकील को अज्ञात हमलावरों ने सिर पर गोली मार दी थी. पुलिस ने बताया कि वकील का उनके पूर्व पति और पूर्व ससुर के साथ संपत्ति का विवाद चल रहा था.
मेरठ के मलियाना में 23 मई 1987 को दंगे भड़क गए थे, जिनमें 63 लोगों की मौत हुई थी. बीते अप्रैल महीने में मेरठ की एक अदालत ने 36 साल पुराने इस मामले में आगजनी, हत्या और दंगा करने के आरोपी 40 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था.
उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले के पालदा गांव में एक हिंदू व्यक्ति की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उनके परिवार ने कुछ मुस्लिम युवकों पर इसका आरोप लगाया था. हत्या मामले में चार लोगों की गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस ने कहा है कि मुस्लिमों के घरों में आगज़नी की कोशिश करने वालों की पहचान कर केस दर्ज किया जाएगा.
मलियाना दंगे और जयपुर विस्फोट मामले में अदालतों ने घटिया जांच और आपराधिक जांच प्रणाली में जवाबदेही की कमी की बात कही है. जहां राजस्थान में विपक्षी भाजपा के साथ कांग्रेस सरकार फैसले के ख़िलाफ़ अपील की बात कह रही है, वहीं मलियाना मामले में यूपी की भाजपा सरकार के साथ विपक्ष ने भी कोई ख़ास प्रतिक्रिया नहीं दी है.