Minor

विवादित ‘स्किन टू स्किन टच’ फ़ैसला देने वाली जज का कार्यकाल ख़त्म होने से दो दिन पहले इस्तीफ़ा

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ की अतिरिक्त जज पुष्पा वी. गनेडीवाला ने एक बच्ची के यौन उत्पीड़न के लिए पॉक्सो और आईपीसी के तहत दोषी ठहराए गए शख़्स को पॉक्सो से बरी करते हुए कहा था कि त्वचा से त्वचा के संपर्क के बिना यौन हमला नहीं माना जा सकता. उनके इस्तीफ़े की वजह पदोन्नति न होना बताया गया है.

महाराष्ट्र: युवती के अपनी मर्ज़ी से शादी करने पर नाबालिग भाई ने मां के साथ मिलकर की हत्या

यह घटना महाराष्ट्र के औरंगाबाद ज़िले की है. मामले में पुलिस ने 17 वर्षीय लड़के और उसकी मां को गिरफ़्तार कर लिया गया है. आरोप है कि मां और बेटे ने बाद में लड़की के कटे हुए सिर के साथ सेल्फी भी ली थी. 

सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले पर हाईकोर्ट का विवादित ‘स्किन टू स्किन टच’ फ़ैसला ख़ारिज किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक बच्ची के यौन उत्पीड़न को लेकर पॉक्सो के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को इससे बरी करते हुए कहा था कि ‘त्वचा से त्वचा के संपर्क’ के बिना यौन हमला नहीं माना जा सकता है. शीर्ष अदालत ने इसे रद्द करते हुए कहा कि यौन हमले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यौन मंशा है, त्वचा से त्वचा का संपर्क नहीं.

पॉक्सो में ‘यौन उत्पीड़न’ की परिभाषा को पीड़ित के नज़रिये से भी देखा जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के विवादित ‘स्किन टू स्किन टच’ फ़ैसले के ख़िलाफ़ दो याचिकाओं पर निर्णय सुरक्षित रखते हुए शीर्ष अदालत ने ‘यौन अपराध करने के इरादे’ पर ज़ोर देते हुए कहा कि अगर ‘शारीरिक संपर्क’ शब्द की व्याख्या इस तरह से की जाती है जहां अपराध तय करने के लिए ‘त्वचा से त्वचा का संपर्क’ आवश्यक हो, तो इसके नतीजे बेहद ख़तरनाक होंगे.

यूपी: जेल भेजे गए किशोर ने कथित तौर पर ख़ुदकुशी की, एनएचआरसी ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी

मामला एटा ज़िले का है जहां मादक पदार्थ रखने के आरोप में जेल भेजे गए एक 15 वर्षीय किशोर ने ज़मानत पर बाहर आने के बाद बीते 21 सितंबर को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपने जांच विभाग को मामले की जांच का आदेश देते हुए ज़िला पुलिस से सवाल किया है कि किशोर के साथ बालिग के बतौर व्यवहार करने की क्या वजह थी.

अटॉर्नी जनरल ने की बॉम्बे हाईकोर्ट के विवादित ‘स्किन टू स्किन टच’ फ़ैसला पलटने की अपील

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने एक बच्ची के यौन उत्पीड़न के लिए पॉक्सो व आईपीसी के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को पॉक्सो से बरी करते हुए कहा था कि स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट के बिना नाबालिग बच्ची की छाती छूना यौन उत्पीड़न नहीं कहा जा सकता. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने इस निर्णय को अपमानजनक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से इसे पलटने को कहा है.

एक व्यक्ति द्वारा पीड़िता का मुंह बंद करना, बिना हाथापाई उसके कपड़े उतरना असंभवः हाईकोर्ट

बाॅम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ की जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला ने नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार के दो आरोपियों को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि पीड़िता की गवाही आरोपी को अपराधी ठहराने का भरोसा कायम नहीं करती है. इसी पीठ ने लड़की के वक्षस्थल को छूने के एक आरोपी को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि ‘त्वचा से त्वचा’ का संपर्क नहीं हुआ था.

नाबालिग का हाथ पकड़ना, पैंट की जिप खोलना पॉक्सो के तहत यौन हमला नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बीते 19 जनवरी को एक अन्य मामले में बाॅम्बे हाईकोर्ट की इसी पीठ ने अपने एक बेहद विवादित फैसले में कहा था कि त्वचा से त्वचा का संपर्क हुए बिना नाबालिग पीड़िता का स्तन स्पर्श करना, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने संबंधी अधिनियम (पॉक्सो) के तहत यौन हमला नहीं कहा जा सकता. इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट रोक लगा चुका है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

पाॅक्सो के तहत यौन उत्पीड़न के दोषी को बरी करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने एक बच्ची के यौन उत्पीड़न के लिए पॉक्सो और आईपीसी के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को पॉक्सो से जुड़े मामले में बरी करते हुए कहा था कि स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट के बिना यौन हमला नहीं माना जा सकता. इस फैसले पर विवाद होने के बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ कर फ़ैसले पर स्वतः संज्ञान लिया था.

यौन उत्पीड़न पर बॉम्बे हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करे महाराष्ट्र सरकार: एनसीपीसीआर

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के एक बच्ची के यौन उत्पीड़न के लिए पॉक्सो और आईपीसी के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को पॉक्सो से बरी करने के फ़ैसले को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ख़तरनाक बताया है, वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है कि वे इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा.

बिना निर्वस्त्र किए बच्ची की छाती दबाने को यौन हिंसा नहीं कह सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने एक बच्ची के यौन उत्पीड़न के लिए पॉक्सो और आईपीसी के तहत सत्र अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए व्यक्ति को पॉक्सो से बरी करते हुए कहा कि स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट के बिना यौन हमला नहीं माना जा सकता. कार्यकर्ताओं ने इस फ़ैसले को अपमानजनक और अस्वीकार्य बताया है.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

मुख्यमंत्री को धमकी देने के आरोप में 15 वर्षीय बच्चे को यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया

उत्तर प्रदेश के आगरा ज़िले का मामला. पुलिस ने कहा है कि नाबालिग को लखनऊ में एक जुवेनाइल होम में रखा गया है. नाबालिग पर डायल 112 हेल्पलाइन नंबर पर वॉट्सऐप के ज़रिये धमकी भरा संदेश भेजने का आरोप है.

दिल्ली: मोबाइल फोन चुराने के आरोप में युवक की पीट-पीटकर हत्या, चार गिरफ़्तार

मामला पश्चिमी दिल्ली के नारायणा का है. पुलिस ने बताया कि कीर्ति नगर के 23 वर्षीय राहुल पर उसके एक साथी के साथ मिलकर मोबाइल चोरी करने के आरोप था, जिसके चलते चार लोगों ने उसे डंडे, पाइप और लोहे की छड़ से पीटा, जिसके बाद उसकी मौत हो गई.

झारखंड: नाबालिग को एसिड पिलाने के मामले में कोर्ट ने कहा, लगता है पुलिस आरोपी को बचा रही है

पिछले साल दिसंबर में झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले में 13 साल की एक बच्ची को कुछ लोगों ने जबरन एसिड पिला दिया था. वह दो महीने तक बोल नहीं पाई थी, इसलिए दो महीने बाद फरवरी में इस संबंध में केस दर्ज किया जा सका था और पुलिस अब तक आरोपी को पकड़ नहीं सकी है.

गुजरात: नाबालिग आदिवासी लड़की की पिटाई का वीडियो सामने आया, 15 लोगों के खिलाफ केस

गुजरात के छोटा उदयपुर जिले का मामला. पुलिस के अनुसार, लड़की 15​ दिन प​हले एक लड़के के साथ मध्य प्रदेश चली गई थी.