Murder Case

कानपुर कारोबारी मौत मामला: सीबीआई ने चार्जशीट दायर की, छह पुलिसवालों के ख़िलाफ़ हत्या का आरोप

आरोप है कि गोरखपुर के एक होटल में ठहरे कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता के साथ 27 सितंबर 2021 की आधी रात को शहर के रामगढ़ ताल थाने के पुलिसकर्मियों ने मारपीट की थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी. सीबीआई ने पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ हत्या, सबूत नष्ट करने, सामान्य इरादे से साज़िश के आरोप लगाए हैं.

उत्तर प्रदेश: छेड़छाड़ के मामले में ज़मानत पर बाहर आरोपी ने पीड़िता की हत्या की

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले का मामला. पुलिस ने इस संबंध में एक और व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है, जबकि एक अन्य की तलाश की जा रही है. पुलिस ने बताया कि युवती के परिवार ने आरोपी के ख़िलाफ़ साल 2017 में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था. इस मामले में आरोपी ज़मानत पर बाहर था.

अग्रिम ज़मानत देने से पहले अदालत को अपराध की गंभीरता देखनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा हत्या के दो आरोपियों को दी गई अग्रिम ज़मानत के आदेश को रद्द करते हुए की. शीर्ष अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है, जिसमें एक व्यक्ति की हत्या की गई. प्राथमिकी और बयान संकेत देते हैं कि आरोपी की अपराध में विशेष भूमिका है.

क्या हिंसा की संस्कृति अब भारत की पहचान बनती जा रही है

अगर किसी के ख़िलाफ़ शक़ और नफ़रत समाज में भर दी जाए तो उस पर हिंसा आसान हो जाती है क्योंकि उसका एक कारण पहले से तैयार कर लिया गया होता है. आज हिंसा और हत्या की इस संस्कृति को समझना हमारे लिए बहुत ज़रूरी है इसके पहले कि यह देश को पूरी तरह तबाह कर दे.

मनीष गुप्ता की मृत्यु फिर एक मौक़ा है कि उत्तर प्रदेश के लोग यह साबित करें कि वे ज़िंदा इंसान हैं

उत्तर प्रदेश पुलिस की बुनियादी गै़र क़ानूनी हरकत पर सवाल नहीं किया गया है. हम मान बैठे हैं कि पुलिस को कहीं भी, किसी भी वक़्त बेधड़क घुस जाने, किसी को, किसी भी अवस्था में उठा लेने का हक़ है. वह मारपीट कर सकती है, यह तो उसे सच उगलवाने के लिए करना ही पड़ता है: यही हमारी समझ है और इसलिए पुलिस कार्रवाई में कोई मारा जाए, इससे तब तक विचलित नहीं होते जब तक वह हमारा अपना न हो.

यूपी: होटल में पुलिस की छापेमारी के दौरान कारोबारी की मौत, छह पुलिसकर्मी निलंबित

आरोप है कि गोरखपुर में एक होटल में देर रात हुई चेकिंग के दौरान पुलिस द्वारा पीटे जाने के चलते कानपुर निवासी एक व्यवसायी की मौत हुई है. वहीं, पुलिस का दावा है कि नशे की हालत में ज़मीन पर गिरने से पीड़ित के सिर में चोट आई थी, जिसके चलते उनकी मौत हो गई.

स्वतंत्र न्यायपालिका लोकतंत्र का आधार, इस पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं होना चाहिए: कोर्ट

मध्य प्रदेश के एक कांग्रेस नेता की हत्या के मामले में बसपा विधायक के पति को मिली ज़मानत ख़ारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संसाधनों से युक्त और राजनीतिक रूप से ताक़तवर लोगों और न्याय तक पहुंच व संसाधनों से वंचित लोगों के लिए अलग-अलग समानांतर क़ानूनी प्रणालियां नहीं हो सकती. ऐसी व्यवस्था क़ानून की वैधता को ही ख़त्म कर देगी.

सिर्फ़ इस बिना पर क्लोज़र रिपोर्ट नहीं पेश की जा सकती कि सूचना देने वाले ने सबूत नहीं दिए: कोर्ट

हत्या के एक मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य है कि वह अपराध की निष्पक्ष जांच करे. समाज में शांति एवं कानून का शासन बनाए रखने के संवैधानिक ज़िम्मेदारी के अलावा यह आपराधिक प्रक्रिया संहिता के तहत क़ानूनी कार्य है.

मध्य प्रदेश: जंगल से लकड़ी ले जाने पर पीट-पीट कर हत्या, डिप्टी रेंजर समेत आठ वनकर्मी गिरफ़्तार

मध्य प्रदेश के सिवनी ज़िले में राज्य वन विकास निगम के वन परिक्षेत्र बरहई में हुई घटना. हत्या के बाद वन कर्मचारियों ने सबूत मिटाने के लिए ग्रामीण का शव जला दिया.