Muslim Voters

यूपी उपचुनाव: मुस्लिमों का आरोप- पुलिस ने मतदान से रोका, पुलिस बोली- भीड़ नियंत्रित कर रहे थे

उत्तर प्रदेश की रामपुर और आज़मगढ़ लोकसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान के दौरान ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि पुलिस मुस्लिम मतदाताओं को मतदान केंद्रों के अंदर प्रवेश करने से रोक रही है. मुख्य विपक्षी दल सपा ने भी उपचुनाव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कई ट्वीट किए हैं.

क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करके वोट बैंक बनाना चाहती है भाजपा?

वीडियो: जब भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात आती है तो जाटों और मुसलमानों की चर्चा होती है, क्योंकि यहां दोनों की अच्छी ख़ासी आबादी है. दोनों समुदायों को कुल मिलाकर 43 फीसदी वोट है. पश्चिमी यूपी में क्या करेगी भाजपा? क्या अखिलेश का जाट-मुस्लिम फैक्टर चलेगा या भाजपा का 80 बनाम 20 का दांव काम करेगा? बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022: ‘कोरोना काल में न क़ब्रिस्तान मिले और न श्मशान’

वीडियो: उत्तर प्रदेश में चुनावी हलचल होनी शुरू हो गई है. समाजवादी पार्टी, बसपा, कांग्रेस के अलावा सत्तारूढ़ भाजपा मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कवायद में जुट गई हैं. द वायर की टीम ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर ज़िले के नरौरा जाकर लोगों से आने वाले चुनाव के संबंध में प्रतिक्रिया ली और उनका मूड जानने की कोशिश की.

अखिलेश या ओवैसी: किसको वोट देगा उत्तर प्रदेश का मुसलमान

वीडियो: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रही हैं. हर पार्टी अपने वोटर को हाथ से जाने नहीं देना चाहती. उनकी नज़र राज्य के मुस्लिम वोटर पर है. द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने लखनऊ के मुस्लिम समुदाय से बात की और वहां बन रहे चुनावी समीकरण को जाना.

Bulandshahr: An elderly Muslim along with other voters shows his ink-marked finger after casting vote at a polling station at Siyana, during the 2nd phase of Lok Sabha elections, Bulandshahr, Thursday, April 18, 2019. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI4_18_2019_000093B)

बिहार: क्या इस बार के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम मतों का विभाजन हुआ है?

इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं में नीतीश सरकार द्वारा उनके कल्याण के लिए की गई पहल की बातें थीं, लेकिन महागठबंधन से अलग होने और बीजेपी के साथ सरकार बनाने को अल्पसंख्यक समुदाय में उनके जनादेश के तौहीन की तरह देखा जा रहा था.

पिछले 30 सालों में गुजरात से कोई भी मुस्लिम लोकसभा सांसद नहीं चुना गया

गुजरात से आख़िरी बार 1984 में मुस्लिम सांसद के रूप में कांग्रेस से अहमद पटेल लोकसभा पहुंचे थे. इससे पहले 1977 में राज्य से दो नेता- अहमद पटेल और एहसान ज़ाफ़री सांसद बने. गुजरात से एक बार में इससे ज़्यादा मुस्लिम सांसद लोकसभा नहीं पहुंचे हैं.

अयोध्या में मस्जिद नहीं बचाते तो ठीक नहीं होता: मुलायम सिंह यादव

अपने जन्मदिन पर बोले मुलायम, मुख्यमंत्री रहते देश की एकता के लिए कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं, 28 लोग मारे गए. अगर और मारने होते तो हमारे सुरक्षाबल और मारते.