Myanmar Military Regime

यंगून में तख्तापलट के खिलाफ नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी का झंडा लेकर प्रदर्शन करते हुए एक प्रदर्शनकारी. (फोटो: रॉयटर्स)

यूएन ने म्यांमार तख़्तापलट के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित किया, भारत मतदान में शामिल नहीं हुआ

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश मसौदा प्रस्ताव पड़ोसी एवं क्षेत्रीय देशों से सलाह किए बगैर जल्दबादी में लाया गया. यह न सिर्फ़ ग़ैर-मददगार है, बल्कि म्यांमार में मौजूदा स्थिति का समाधान तलाशने के लिए आसियान के प्रयासों के प्रतिकूल भी साबित हो सकता है.

Myanmar Nationals Mizoram Reuters

म्यांमार के चिन प्रांत के मुख्यमंत्री समेत 9,000 से अधिक नागरिकों ने मिज़ोरम में शरण ली

मिज़ोरम पुलिस के अपराध जांच शाखा के आंकड़े के अनुसार राज्य के दस ज़िलों में म्यांमार के करीब 9,247 लोग ठहरे हुए हैं और उनमें से सबसे अधिक 4,156 चंफाई में हैं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि म्यांमार के इन नागरिकों को स्थानीय लोगों ने आश्रय दिया है और कई नागरिक एवं छात्र संगठन भी उनके रहने एवं खाने-पीने का प्रबंध कर रहे हैं.

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म्यांमार: आंदोलन करने के चलते सेना ने 1.25 लाख से अधिक शिक्षकों को निलंबित किया

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद जून महीने से स्कूल के नए सत्र की शुरुआत हो रही है, लेकिन कई परिवारों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का फैसला लिया है. उन्होंने कहा है कि वे तानाशाही सरकार से शिक्षा नहीं लेना चाहते हैं. शिक्षक समूह के अनुसार, लगभग 19,500 विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को भी निलंबित कर दिया गया है.

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म्यांमार में तख़्तापलट के बाद सुरक्षाबलों की कार्रवाई में 800 से अधिक लोगों की मौत हुई: रिपोर्ट

असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिज़नर्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों पर की गई जुंटा की कार्रवाई में सोमवार तक 802 लोगों की मौत हो चुकी है. कार्यकर्ता समूह ने कहा कि वर्तमान में 4,120 लोगों को हिरासत में रखा गया है, जिनमें 20 को मौत की सज़ा सुनाई गई है. म्यांमार की मिस यूनिवर्स प्रतियोगी थूजर विंट ल्विन ने भी प्रतियोगिता के मंच से दुनिया से जुंटा की सेना के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की अपील की है.

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म्यांमार: सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को 82 लोकतंत्र समर्थकों की हत्या की, कुल 701 लोगों की मौत

असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिज़नर्स द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक, बीते एक फरवरी को म्यांमार में तख़्तापलट के बाद सैन्य शासन के ख़िलाफ़ लगातार चल रहे प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक कार्रवाई में अब मृतकों की कुल संख्या 701 हो चुकी है. साथ ही क़रीब 3,012 लोगों को हिरासत में लिया गया या सज़ा दी गई है.

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म्यांमार: तख़्तापलट के बाद हुई सैन्य कार्रवाई में क़रीब 46 बच्चों की मौत, अब तक 550 लोगों की जान गई

म्यांमार में तख़्तापलट के बाद सैन्य शासन के ख़िलाफ़ हुए लगातार प्रदर्शनों में हुई हिंसक कार्रवाई में मारे गए लोगों में 46 बच्चे भी शामिल हैं. साथ ही क़रीब 2,751 लोगों को हिरासत में लिया गया या सज़ा दी गई है.

मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा. (फोटो साभार: एएनआई)

मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ने कहा, म्यांमार शरणार्थियों के लिए विदेश नीति में बदलाव करे केंद्र

मिज़ोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा का कहना है कि भारत को म्यांमार से आने वाले लोगों के प्रति उदार रवैया रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे अपने एक प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली भेजकर केंद्र सरकार से म्यांमार के शरणार्थियों को वापस न भेजने को लेकर विदेश नीति में बदलाव करने का निवेदन करेंगे.

27 मार्च 2021 को म्यांमार के मांडले में सैन्य तख्तापलट के दौरान विरोध प्रदर्शन में जलते टायर. (फोटो: रॉयटर्स)

म्यांमार में जिस दिन सबसे अधिक लोग मारे गए, उस दिन भारत ने वहां सैन्य परेड में हिस्सा लिया

तख़्तापलट के बाद सैन्य शासन के ख़िलाफ़ म्यांमार में चल रहे प्रदर्शन के दौरान हुए संघर्ष में बीते 27 मार्च को तकरीबन 90 लोगों की मौत हो गई थी. लोकतंत्र समर्थक समूहों ने पूछा है कि दुनिया के सबसे महान लोकतंत्रों में से एक भारत ने क्यों जनरलों से हाथ मिलाने के लिए एक प्रतिनिधि क्यों भेजा, जिनके हाथ हमारे खून से लथपथ हैं.

यंगून में तख्तापलट के खिलाफ नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी का झंडा लेकर प्रदर्शन करते हुए एक प्रदर्शनकारी. (फोटो: रॉयटर्स)

मणिपुर: आलोचना के बाद राज्य सरकार ने वापस लिया म्यांमार शरणार्थियों को रोकने संबंधी आदेश

मणिपुर सरकार द्वारा म्यांमार की सीमा से सटे ज़िलों के उपायुक्तों को 26 मार्च को जारी एक आदेश में सैन्य तख़्तापलट के बाद म्यांमार से भागकर आ रहे शरणार्थियों को आश्रय और खाना देने से इनकार और उन्हें ‘शांतिपूर्वक’ लौटाने की बात कही गई थी. कड़ी आलोचना के बाद इस आदेश को वापस ले लिया गया.

म्यांमार से भागकर भारत आने वाले वहां के एक पुलिसकर्मी. (फोटो: रॉयटर्स)

मिज़ोरम जातीय समूह ने केंद्र से म्यांमार से आने वालों को शरणार्थी का दर्जा देने की मांग की

भारत, म्यांमार और बांग्लादेश में मौजूद जातीय समूह का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ने गृह मंत्रालय से यह भी आग्रह किया कि वह म्यांमार की सीमा से लगे चार पूर्वोत्तर राज्यों- मिज़ोरम, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश को उस देश से आने वाले लोगों को रोकने का अपना आदेश वापस ले.

मिजोरम के सीमाई जिले चम्पाई के एक गांव में टीओ नदी पार करते लोग. (फोटो: रॉयटर्स)

मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से म्यांमार के नागरिकों को शरण देने की अपील की

मिज़ोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट के चलते राज्य में आ रहे वहां के नागरिकों को मानवीय आधार पर शरण देने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है.

14 मार्च को यंगून में गोली लगने के बाद एक घायल को ले जाते लोग. (फोटो: रॉयटर्स)

म्यांमार में सैन्य शासन के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों में लगभग 138 लोगों की मौत: संयुक्त राष्ट्र

बीते एक फरवरी को म्यांमार की सेना ने चुनावों में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए देश का नियंत्रण अपने हाथ में लेते हुए आंग सान सू ची और अन्य नेताओं को नज़रबंद कर दिया है. 14 मार्च सबसे हिंसक दिनों में से एक रहा. इस दिन प्रदर्शनों के खिलाफ कार्रवाई में कम से कम 38 लोगों की मौत हुई.

Demonstrators hold up signs during a protest against the military coup and demanding the release of elected leader Aung San Suu Kyi, in Yangon, Myanmar, February 13, 2021. REUTERS/Stringer

म्यांमार में बुधवार को हुई हिंसा में 38 लोगों की मौत: संयुक्त राष्ट्र विशेष दूत

बीते एक फरवरी को म्यांमार की सेना ने चुनावों में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए देश का नियंत्रण अपने हाथ में लेते हुए आंग सान सू ची और अन्य नेताओं को नज़रबंद कर दिया है. म्यांमार में संयुक्त राष्ट्र विशेष दूत ने कहा कि तख्तापलट के बाद से जारी प्रदर्शनों में अभी तक कुल 50 लोग मारे गए हैं.