National Investigation Agency

नागरिकता क़ानून प्रदर्शन: असम के सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज

राज्य में नागरिकता क़ानून को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच अखिल गोगोई को बीते गुरुवार को गिरफ़्तार किया गया था. शनिवार को दायर एफआईआर में एनआईए ने नए यूएपीए क़ानून के तहत मामला दर्ज करते हुए भाकपा माओवादी से संबद्ध बताया है.

यूएपीए संशोधन संबंधी दस्तावेज़ राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण नहीं दिए जा सकते हैं: गृह मंत्रालय

विशेष रिपोर्ट: अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाकर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने के संबंध में आरटीआई के तहत द वायर की ओर से मांगी गई जानकारी देने से भी गृह मंत्रालय ने मना कर दिया है.

यूएपीए संशोधन के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

याचिकाकर्ताओं की मांग है कि इस विधेयक को असंवैधानिक घोषित किया जाए क्योंकि ये संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

ब्लड टेस्ट रिपोर्ट को हवाला लेन-देन समझ बैठी एनआईए, प्रतिष्ठित हृदय रोग डॉक्टर से पूछताछ

पद्मश्री से सम्मानित कॉर्डियोलॉजिस्ट उपेंद्र कौल कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक के डॉक्टर हैं और उन्होंने मलिक को उनकी ब्लड रिपोर्ट के संबंध में कुछ टेक्स्ट मैसेज किए थे.

किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने संबंधी यूएपीए संशोधन विधेयक को संसद ने दी मंज़ूरी

यूएपीए संशोधन विधेयक को राज्यसभा ने 42 के मुकाबले 147 मतों से मंज़ूरी दी. कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि इस संशोधन विधेयक के ज़रिये एनआईए को और अधिक शक्तिशाली बनाने की बात कही गई है, लेकिन सच यह है कि इसके ज़रिये अधिक शक्तियां केंद्र सरकार को मिल रही हैं.

समझौता विस्फोट: असीमानंद सहित चार को बरी किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती

पाकिस्तान की एक महिला ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दाख़िल की याचिका. फरवरी 2007 में दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट के मामले के चारों आरोपियों स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी को बीते मार्च महीने में अदालत ने बरी कर दिया था.

जब मुक़दमा चलानेवाले एनआईए जैसे हों, तो बचाव में वकील रखने की क्या ज़रूरत है

समझौता एक्सप्रेस मामले की सुनवाई कर रहे जज ने कहा कि अभियोजन कई गवाहों से पूछताछ और उपयुक्त सबूत पेश करने में नाकाम रहा इसलिए मजबूरन आरोपियों को बरी करना पड़ा. जब एनआईए जैसी शीर्ष जांच एजेंसी एक भयानक आतंकी हमले के हाई-प्रोफाइल मामले में इस तरह बर्ताव करती है, तो देश की जांच और अभियोजन व्यवस्था की क्या साख रह जाती है?

New Delhi: **FILE** File photo of Mecca Masjid blast accused Swami Aseemanand who was acquitted by a special NIA court in Hyderabad on Monday. PTI Photo (PTI4_16_2018_000050B)

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट: अदालत ने कहा, सबूतों के अभाव में गुनहगारों को सजा नहीं मिल पाई

एनआईए अदालत के जज जगदीप सिंह ने अपने फैसले में कहा, ‘मुझे गहरे दर्द और पीड़ा के साथ फैसले का समापन करना पड़ रहा है क्योंकि विश्वसनीय और स्वीकार्य साक्ष्यों के अभाव की वजह से इस जघन्य अपराध में किसी को गुनहगार नहीं ठहराया जा सका.’

New Delhi: **FILE** File photo of Mecca Masjid blast accused Swami Aseemanand who was acquitted by a special NIA court in Hyderabad on Monday. PTI Photo (PTI4_16_2018_000050B)

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट: असीमानंद समेत सभी आरोपी एनआईए कोर्ट द्वारा बरी

दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस में फरवरी 2007 को पानीपत के नज़दीक हुए थे दो बम विस्फोट हुए थे. एनआईए के विशेष न्यायाधीश ने एक पाकिस्तानी महिला द्वारा देश के गवाहों से पूछताछ की याचिका ख़ारिज करते हुए कहा कि इसमें कोई विचारणीय मुद्दा नहीं है.

आतंकी वीडियो देखने, जेहादी साहित्य पढ़ने से कोई आतंकवादी नहीं बन जाता: केरल हाईकोर्ट

याचिकाकर्ता ने अपनी अपील में दलील दी थी कि उससे अलग रह रही उसकी हिंदू पत्नी की शिकायत के बाद उसे आतंकी आरोपों पर गिरफ़्तार किया गया था. यह केवल वैवाहिक विवाद से जुड़ा मामला है. हाईकोर्ट ने आरोपी को ज़मानत दी.

हम भी भारत, एपिसोड 30: मक्का मस्जिद ब्लास्ट में सभी आरोपी बरी

हम भी भारत की 30वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी मक्का मस्जिद ब्लास्ट में एनआईए कोर्ट के सभी आरोपियों को बरी करने के फ़ैसले पर चर्चा कर रही हैं.

मक्‍का मस्जिद मामला: फ़ैसला देने वाले जज पर भ्रष्टाचार का आरोप, एनआईए वकील का एबीवीपी से जुड़ाव

हैदराबाद की मक्का मस्जिद धमाका मामले में 16 अप्रैल को एनआईए कोर्ट ने स्वामी असीमानंद समेत सभी पांच आरोपियों को बरी किया था. 2007 में हुए इन धमाकों में नौ लोग मारे गए थे, जबकि करीब 58 लोग घायल हुए थे.

मक्का मस्जिद विस्फोट: आरोपियों को बरी करने वाले न्यायाधीश रवींद्र रेड्डी ने दिया इस्‍तीफ़ा

एनआईए की विशेष अदालत के जज के. रवींद्र रेड्डी ने इस्तीफ़े के पीछे निजी कारणों को वजह बताया है.

कश्मीरी फोटो पत्रकार को मिली ज़मानत, एनआईए ने पत्थरबाज़ी के आरोप में किया था गिरफ़्तार

एनआईए ने फोटो पत्रकार कामरान यूसुफ़ की गिरफ़्तारी के पक्ष में दलील दी थी कि एक पत्रकार की ज़िम्मेदारी होती है कि वह सरकारी विभागों के विकास कार्यों, स्कूल और अस्पताल के उद्घाटन या सत्तारूढ़ दल के बयान को कवरेज दे.