NCERT

New Delhi: Petroleum & Natural Gas Minister Dharmendra Pradhan speaks during a cabinet briefing, in New Delhi, Wednesday, Sept 12, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI9_12_2018_000092B)

8 साल की उम्र तक मातृभाषा में पढ़ाएं, नई भाषा सीखने की प्रक्रिया प्रभावित करती है: एनसीएफ

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा जारी की गई नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) में सिफ़ारिश की गई है कि सरकारी और निजी स्कूलों में आठ साल तक के बच्चों के लिए शिक्षा का प्राथमिक माध्यम मातृभाषा या घरेलू भाषा होना चाहिए. एक नई भाषा ‘सीखने की पूरी प्रक्रिया को’ उलट देती है. इसमें कहा गया है कि अंग्रेज़ी दूसरी भाषा के विकल्पों में से एक हो सकती है.

Allahabad: Children attend a class at a Government school on the occasion of 'World Literacy Day', in Allahabad, Saturday, Sept 8, 2018. (PTI Photo) (PTI9_8_2018_000090B)

कर्नाटक: एनईपी के तहत मिड-डे मील से अंडे-मीट बाहर रखने, मनुस्मृति पढ़ाने का प्रस्ताव

कर्नाटक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा दिए गए पोजीशन पेपर में कहा गया है कि मिड-डे मील में अंडे और मांस के नियमित सेवन से स्कूली बच्चों में जीवनशैली संबंधी विकार पैदा हो सकते हैं. एक समिति के प्रस्ताव में पाइथागोरस प्रमेय को ‘फ़र्ज़ी’ बताते हुए कहा गया है कि न्यूटन के सिर पर सेब गिरने की ‘अप्रमाणिक’ बात प्रोपगैंडा है.

एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम से पर्यावरण संबंधी अध्याय हटाने पर शिक्षकों का समूह नाराज़

टीचर्स अगेंस्ट द क्लाइमेट क्राइसिस ने दावा किया कि एनसीईआरटी ने कक्षा 11वीं के भूगोल विषय से ग्रीनहाउस गैस के प्रभाव से संबंधित पूरे अध्याय को हटा दिया है, जबकि 7वीं के पाठ्यक्रम से मौसम, जलवायु और पानी के अध्याय को हटाया है तथा 9वीं से मानसून से संबंधित अध्याय को हटा दिया है. संगठन ने मांग की कि एनसीईआरटी इन अध्यायों को बहाल करे तथा जलवायु संकट के विषय को सभी भाषाओं में स्कूलों में पढ़ाया जाए.

कोविड के बहाने एनसीईआरटी ने समाजशास्त्र की किताब से जातिगत भेदभाव से संबंधित सामग्री हटाई

एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों की सामग्री को ‘व्यवस्थित करने’ और कोविड महामारी के बाद छात्रों पर से पठन सामग्री का भार ‘कम’ करने का हवाला देते हुए एक विशेषज्ञ समिति ने पाठ्यपुस्तकों से जाति, जाति विरोधी आंदोलन, साहित्य और राजनीतिक परिघटनाओं से जुड़े कई मौलिक उल्लेखों को हटा दिया है.

सीबीएसई ने दसवीं कक्षा के नए पाठ्यक्रम से फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की नज़्में हटाईं

नए पाठ्यक्रम के मुताबिक, दसवीं की सामाजिक विज्ञान की किताब में धर्म, सांप्रदायिकता और राजनीति पाठ्यक्रम का हिस्सा बने रहेंगे लेकिन इसमें से पेज संख्या 46, 48, 49 पर बनी तस्वीरों को छोड़ दिया गया है. इन तस्वीरों में दो पोस्टर और एक राजनीतिक कार्टून हैं. इन पोस्टर में फ़ैज़ की नज़्में लिखी हुई थीं.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र

तमिलनाडु: विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर केंद्र से सीयूईटी निर्णय वापस लेने को कहा

केंद्र के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) आयोजित करने के निर्णय के ख़िलाफ़ पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि नीट की तरह यह भी विविध स्कूली शिक्षा प्रणालियों को दरकिनार कर देगा और छात्रों को प्रवेश परीक्षा के अंकों में सुधार के लिए कोचिंग सेंटरों पर निर्भर बना देगा.

प्रोफेसर भैरवी प्रसाद साहू: क्षेत्रीय इतिहास के पैरोकार

स्मृति शेष: इस महीने की शुरुआत में प्रसिद्ध इतिहासकार और दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास के प्राध्यापक भैरवी प्रसाद साहू का निधन हो गया. साहू ने अपने लेखन में राज्य और धर्म के अंतरसंबंध, धार्मिक कर्मकांड, स्थानीयताओं और स्थानीय समाजों के विकास की ऐतिहासिक प्रक्रिया को रेखांकित किया है.

एनसीईआरटी ने ट्रांसजेंडर्स बच्चों के लिए तैयार नियमावली को अपनी वेबसाइट से हटाया

यह नियमावली इसकी सामग्री को लेकर विवादों में थी, जिसके बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एनसीईआरटी को दस्तावेज़  में ‘विसंगतियों’ को ठीक करने के लिए कहा था. जानकारों का कहना है कि इस नियमावली में कुछ भी ग़लत नहीं है, यह स्कूलों में ट्रांसजेंडर्स के लिए समावेशी माहौल बनाने की बात करता है.

भाजपा शासित राज्य में शिक्षा का भगवाकरण किया जा रहाः पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री

यूपी बोर्ड ने नोबेल पुरस्कार विजेता रबींद्रनाथ टैगोर और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन की कृतियों को कक्षा दसवीं और बारहवीं के पाठ्यक्रमों से हटा दिया है. टैगोर की लघु कहानी ‘द होम कमिंग’ और राधाकृष्णन का निबंध ‘द वीमेन एजुकेशन’ को पहले भी कक्षा बारहवीं के पाठ्यक्रम से हटाया गया था.

उत्तर प्रदेशः यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम में रामदेव, योगी आदित्यनाथ की किताबें शामिल

मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के दर्शनशास्त्र पाठ्यक्रम में रामदेव की योग चिकित्सा रहस्य सहित चुनिंदा किताबों को शामिल किया गया है. यह किताब बीमारी से लड़ने में योग के महत्व पर है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की किताब हठयोगः स्वरूप एवं साधना भी पाठ्यक्रम में शामिल की गई है.

केंद्रीय विद्यालय के 27 फीसदी बच्चों के पास ऑनलाइन क्लास के लिए फोन या लैपटॉप की सुविधा नहीं

एनसीईआरटी द्वारा 18 हज़ार से अधिक स्कूलों पर किए गए सर्वे में कुल 35,000 छात्रों, शिक्षकों, प्रिंसिपलों और अभिभावकों को शामिल किया गया था. इसमें से लगभग 28 प्रतिशत ने बिजली बीच में कटने या इसकी कमी को एक बड़ी बाधा बताया, वहीं 33 फीसदी बच्चों ने कहा कि ऑनलाइन लर्निंग कठिन है.

क्या स्कूलों को दोबारा खोलने के लिए हमारी सरकारों के पास पर्याप्त योजनाएं हैं

स्कूली शिक्षा से जुड़े कुछ अधिकारियों का कहना है कि वे दाखिले की तैयारी कर रहे हैं, कुछ पाठ्यक्रम छोटा करने पर ध्यान दे रहे हैं, तो कुछ परीक्षाओं को लेकर चिंतित हैं. लेकिन कोई भी बच्चों और शिक्षकों की भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक ज़रूरतों पर बात करता नहीं दिखता.

कक्षा 12 की एनसीईआरटी राजनीतिक विज्ञान की किताब में जम्मू कश्मीर संबंधी पाठ में बदलाव

एनसीईआरटी की कक्षा 12 की राजनीतिक विज्ञान की किताब में जम्मू कश्मीर की अलगाववादी राजनीति से जुड़ी जानकारियों को हटा दिया है, जबकि चुनावी राजनीति और राज्य के विशेष दर्ज़े को ख़त्म किए जाने संबंधी पाठ को शामिल कर लिया गया है.

सीबीएसई ने ‘लोकतंत्र और विविधता’ पर आधारित अध्याय को दसवीं की परीक्षा से हटाया

सामाजिक विज्ञान की किताब के ‘लोकतंत्र और विविधता’, ‘लोकप्रिय संघर्ष और आंदोलन’ और ‘लोकतंत्र के लिए चुनौतियां’ नाम के तीन अध्यायों को सत्र 2019-20 की बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा.