Nitish Kumar

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बिहार चुनाव: कितनी रिपोर्टिंग-कितना प्रोपगेंडा!

मीडिया बोल: बिहार में मतदान का दूसरा चरण मंगलवार को संपन्न हो गया. मीडिया में राज्य के मुद्दों और लोगों के सरोकारों की अभिव्यक्ति किस तरह हो रही है? मीडिया बोल की इस कड़ी में टाइम्स ऑफ इंडिया पटना के पूर्व रेज़िडेंट एडिटर और वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता निवेदिता झा के साथ वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश की बातचीत.

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कोरोना, बाढ़, बेरोज़गारी: बिहार के इस गांव से नीतीश की बेरुख़ी

वीडियो: बाढ़ बिहार की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है. इसके बावजूद बिहार के लोगों को इस समस्या से बाहर निकालने के लिए किसी भी सरकार द्वारा पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं. द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा खानम शेरवानी की सारण ज़िले कुछ गांवों में लोगों से बातचीत.

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बिहार चुनाव फेज़-2: क्या तेजस्वी तय है?

वीडियो: बिहार विधानसभा चुनाव पर द वायर के पोलिटिकल अफ़ेयर्स एडिटर अजय आशीर्वाद, वरिष्ठ पत्रकार मनोज सिंह और पत्रकार एवं लेखक नलिन वर्मा के साथ द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

कुबौल गांव. (सभी फोटो: रोहित उपाध्याय)

कुबौल: नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ पर सवाल खड़े करता बिहार का एक गांव

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के दरभंगा ज़िले के किरतपुर प्रखंड का कुबौल गांव कोसी नदी के बाढ़ क्षेत्र में आता है. बाढ़ के कई महीनों बाद तक पानी में डूबा रहने वाला यह गांव उन बुनियादी सुविधाओं से भी महरूम है, जिन्हें नीतीश सरकार अपनी उपलब्धि के तौर पर गिनवा रही है.

महुआ के चपेठ गांव में परवेज आलम. (फोटो: पवनजोत कौर/द वायर)

सामाजिक न्याय का दावा करने वाली राजद से क्यों नाराज़ हैं अंसारी मुसलमान

ग्राउंड रिपोर्ट: मुस्लिम और यादवों को आम तौर पर राजद का समर्थक माना जाता है, लेकिन मुस्लिमों का अंसारी समुदाय राजद द्वारा उनके नेताओं को राज्य की चुनावी राजनीति में समुचित प्रतिनिधित्व न देने को लेकर ख़ासा नाराज़ है.

मतदान करने के बाद अपनी स्याही लगी उंगली दिखाते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फोटो: पीटीआई)

बिहार: दूसरे चरण में 53.51 फ़ीसदी मतदान, रैली में नीतीश कुमार पर फेंके गए प्याज

बिहार चुनाव राउंडअप: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिहार में ‘जंगलराज’ लाने वालों को ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्रीराम’ से दिक्कत है. राजद प्रवक्ता मनोज झा ने प्रधानमंत्री तंज करते हुए कहा कि स्टेशन पर मरी पड़ी मां भी भारत मां थी. राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार ने बिहार को लूटा है. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि 10 नवंबर को तेजस्वी यादव के आलोचक ‘खामोश’ हो जाएंगे.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

तेजस्वी को ‘जंगलराज का युवराज’ कहने के पीछे मोदी की क्या मंशा है

प्रधानमंत्री के गब्बर शैली के चुनावी डायलॉग्स में तेजस्वी यादव और महागठबंधन के लिए चेतावनी-सी छुपी लगती है. शायद वे अपने जुमलों के ज़रिये यह जता रहे हैं कि जनता उन्हें भले बहुमत देकर सत्ता सौंप दे, मगर मोदी सरकार उन्हें राज नहीं करने देगी.

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किसको वोट दे रहा है बिहार का मुस्लिम मतदाता?

वीडियो: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम सवाल हैं. क्या बिहार का वोटर जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखकर वोट डालेगा या विकास के मुद्दे पर. बिहार में सबसे बड़ा धार्मिक अल्पसंख्यक वर्ग यानी कि मुसलमान किसे वोट देंगे? इन्हीं सवालों पर कुछ विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर रही हैं आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

नीतीश कुमार. (फोटो: रॉयटर्स)

बिहार चुनाव: नीतीश कुमार के मन में क्या है

विशेष रिपोर्ट: नीतीश कुमार इस समय अपने राजनीतिक जीवन के एक कठिन चुनाव का सामना कर रहे हैं. एक तरफ तेजस्वी यादव आक्रामक तरीके से उन पर निशाना साध रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिस एनडीए गठबंधन का वे हिस्सा हैं, वहां भी उनके लिए सब कुछ ठीक नहीं है.

सीवान का बंद पड़ा सूत मिल. (फोटो: मनोज सिंह)

सीवान सूत मिल: धराशायी होती कामगारों की उम्मीदें

ग्राउंड रिपोर्ट: 80 के दशक में सीवान में शुरू हुई सूत मिल साल 2000 में मज़दूरों को उनका बकाया दिए बिना ही बंद हो गई. मज़दूरों को लगता था कि मिल दोबारा शुरू होगी, लेकिन चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार द्वारा यहां इंजीनियरिंग कॉलेज बनाने के ऐलान के बाद उनकी रही-सही उम्मीदें भी ख़त्म हो गईं.

अगस्त महीने में बिहार सरकार द्वारा अनुमोदित नियोजित शिक्षक सेवाशर्त 2020 की प्रति जलाकर विरोध जताते बिहार के नियोजित शिक्षक. (फोटो साभार: ट्विटर/@Dharmendrajee1)

बिहार चुनाव: ‘नियोजित शिक्षकों में जैसा गुस्सा है उससे साफ है कि ये सरकार नहीं रहेगी’

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के क़रीब चार लाख से अधिक नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त, पूर्ण वेतनमान जैसी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से नीतीश सरकार से ठनी हुई है. अब शिक्षक संघ और शिक्षकों का कहना है कि वे इस चुनाव में सरकार से आर पार की लड़ाई करने जा रहे हैं.

बस्सीपट्टी में चुनाव को लेकर चौक-चौराहे पर होने वाली बहसों में पलायन कोई मुद्दा नहीं है. (सभी फोटो: हेमंत कुमार पांडेय)

बिहार चुनाव: पलायन से प्रभावित गांव में न सरकार से नाराज़गी है, न ही कोई उम्मीद

ग्राउंड रिपोर्ट: आजीविका की तलाश में राज्य से पलायन की जिस बात को बिहार में चुनावी मुद्दा बताया जा रहा है, उसे मधुबनी ज़िले के बस्सीपट्टी गांव के लोग अपनी नियति मानकर स्वीकार कर चुके हैं.

बिहार चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी करतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण व अन्य भाजपा नेता. (फोटो: पीटीआई)

भाजपा का फ्री कोरोना वैक्सीन का वादा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं: चुनाव आयोग

बिहार विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में भाजपा ने कहा है कि अगर उनकी सरकार आई तो हर बिहारवासी को कोरोना वायरस का फ्री टीका मिलेगा. इस पर राजद, कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने भाजपा पर महामारी के राजनीतिकरण और लोगों में बीमारी और डर बेचने का आरोप लगाया था.

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बिहार के बेरोज़गार युवा चाहते हैं सत्ता परिवर्तन

वीडियो: बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो चुका है. राज्य में बेरोज़गारी एक प्रमुख मुद्दा है. इस मुद्दे पर सारण के युवाओं से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

डुमरी गांव का चंचरी पुल. (सभी फोटो: मनोज सिंह)

‘नेता चुनाव के समय आश्वासन देते हैं कि इस साल पुल बन जाएगा, अब तक तो वो दिन नहीं आया’

ग्राउंड रिपोर्ट: तीन नदियों से घिरे मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले के औराई विधानसभा क्षेत्र के कई गांव आज भी आवागमन के लिए ग्रामीणों द्वारा चंदा इकठ्ठा करके बनाए गए बांस-बल्ली के अस्थायी पुलों पर निर्भर हैं. ग्रामीण बताते हैं कि कई बार इस बारे में नेताओं से मिले, पर आज तक उनके आश्वासन का कोई नतीजा नहीं निकला.