Nityanand Rai

जम्मू कश्मीर में निवेश को लेकर गृह मंत्रालय की रिपोर्ट लोकसभा में दिए गए आंकड़े से अलग

गृह मंत्रालय ने 2022 की अपनी समीक्षा रिपोर्ट में कहा है कि बीते तीन सालों में मोदी सरकार के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर में 56,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, लेकिन इससे पहले दिसंबर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में समान अवधि में 1,084 करोड़ रुपये का निवेश होने की बात कही थी.

देश में वर्ष 2021 में प्रतिदिन औसतन 115 दिहाड़ी मज़दूरों, 63 गृहणियों ने आत्महत्या की: केंद्र

लोकसभा में सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में 23,179 गृहणियों, 15,870 पेशेवर/वेतनभोगी व्यक्तियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से जुड़े 2,541 कर्मचारियों ने आत्महत्या की. इसी अवधि में 42,004 दिहाड़ी मज़दूरों, 5,563 खेतिहर मज़दूरों और व्यवसाय क्षेत्र के 12,055 लोगों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले सामने आए हैं.

पिछले पांच साल में सांप्रदायिक हिंसा के 2,900 से अधिक मामले दर्ज हुए: सरकार

केरल की कांग्रेस नेता जेबी माथेर हीशम ने राज्यसभा में सरकार से मॉब लिंचिग से निपटने के लिए उठाए गए निवारक क़दमों का ब्योरा मांगा था. जिसके जवाब में सरकार की ओर सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं का ब्योरा दिया गया. सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो भीड़ द्वारा हिंसा के संबंध में अलग से कोई आंकड़े नहीं रखता है.

2018 से 2020 के बीच यूएपीए के तहत 4,690 लोग गिरफ़्तार हुए, 149 दोषी ठहराए गए: केंद्र

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि 2018 से 2020 के बीच यूएपीए के तहत सर्वाधिक 1,338 गिरफ़्तारियां उत्तर प्रदेश में हुईं. उसके बाद मणिपुर में 943 और जम्मू कश्मीर में 750 लोगों को इस क़ानून के तहत गिरफ़्तार किया गया. इनमें से अधिकांश लोग 18-30 वर्ष की उम्र के थे.

बीते दो सालों में पुलिस हिरासत में 4,484 मौतें, उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक: केंद्र सरकार

लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि देश भर में साल 2020 में हिरासत में मौत के 1,940 और साल 2021 में 2,544 मामले दर्ज किए गए. सरकारी डेटा के अनुसार, साल 2020 में पुलिस एनकाउंटर में मौत के 82 और साल 2021 में 151 मामले दर्ज किए गए.

Srinagar: Security personnel stands guard at a blocked road on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000063A)

जम्मू कश्मीर: वर्ष 2017 से आतंकी हमलों में 28 प्रवासी कामगार मारे गए

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में कहा कि जम्मू कश्मीर में सीमापार से प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों एवं प्रवासी कामगारों को लक्ष्य बनाकर कुछ हमले किए गए. वर्ष 2017 से अब तक ऐसे हमलों में 28 कामगार मारे गए हैं, जिनमें सात बिहार के, दो महाराष्ट्र और एक झारखंड के थे.

जम्मू कश्मीर: अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पांच कश्मीरी पंडित, 16 हिंदू/सिख समेत 118 लोग मारे गए

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि 5 अगस्त, 2019 से 9 जुलाई, 2022 तक जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा सुरक्षा बलों के 128 जवान और 118 नागरिक मारे गए हैं. इन 118 लोगोंं में पांच कश्मीरी पंडित और 16 अन्य हिंदू/सिख समुदाय के थे.

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद 87 नागरिक, 99 सुरक्षाकर्मी मारे गए: केंद्र

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि जम्मू कश्मीर में 2014 से 2019 तक पांच साल में कम से कम 177 नागरिक और 406 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे. एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि राज्य में 2019 से अब तक आतंकवादियों के हाथों चार कश्मीरी पंडित सहित 14 हिंदू मारे गए.

घाटी छोड़ने वाले 610 कश्मीरी पंडितों की संपत्ति वापस की गई: सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि जम्मू कश्मीर सरकार ने ऐसे लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पिछले साल एक पोर्टल की शुरुआत की है, जो अत्याचार के कारण घाटी छोड़ने के लिए विवश हुए और जिनकी संपत्ति जबरन ले ली गई. केंद्र सरकार ऐसे लोगों की संपत्ति वापस लौटाने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत है.

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद 34 बाहरियों ने सूबे में ज़मीनें खरीदींः केंद्र

केंद्रीय गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के जवाब में लोकसभा को बताया कि जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सूबे के बाहर के 34 लोगों ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से केंद्रशासित प्रदेश में ज़मीनें खरीदी हैं. ये संपत्तियां जम्मू, रियासी, उधमपुर और गांदेरबल ज़िलों में हैं.

विचाराधीन क़ैदियों की सर्वाधिक संख्या उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में: सरकार

उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कुल क़ैदियों की संख्या 1,07,395 है, जबकि बिहार की जेलों में कुल 51,934 क़ैदी और मध्य प्रदेश की जेलों में कुल 45,484 क़ैदी बंद हैं. राज्यसभा को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी.

साल 2018 से 2020 के बीच क़र्ज़ और बेरोज़गारी के कारण 25,000 से अधिक लोगों ने आत्महत्या की: सरकार

राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के हवाले से बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान पहले वर्ष यानी साल 2020 में बेरोज़गारों के बीच आत्महत्या की सबसे अधिक संख्या देखी गई. पिछले कुछ सालों में पहली बार यह 3,000 का आंकड़ा पार कर गया.

पुलिस मुठभेड़ में हुईं मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर: गृह मंत्रालय

यूपी से भाजपा सांसद वरुण गांधी द्वारा लोकसभा में पूछे एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि पिछले पांच सालों में पुलिस मुठभेड़ में सबसे अधिक मौतें (191) छत्तीसगढ़ में हुईं, जबकि उत्तर प्रदेश में 117 लोग पुलिस मुठभेड़ में मारे गए.

देश में 2018-2020 के दौरान सांप्रदायिक दंगों के 1,807 मामले दर्ज हुए: सरकार

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि देश में वर्ष 2018 में सांप्रदायिक दंगों के 512 मामले, 2019 में 438 मामले और 2020 में 857 मामले दर्ज किए गए. इन मामलों में कुल 8,565 लोगों को गिरफ़्तार किया गया. सांप्रदायिक दंगों के सर्वाधिक मामले बिहार में दर्ज किए गए. इसके बाद महाराष्ट्र और हरियाणा का स्थान रहा.

केंद्र सरकार ने संसद में बताया- क़ानूनों के तहत एंटी-नेशनल शब्द परिभाषित नहीं

केंद्रीय गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी. ओवैसी ने बीते तीन साल में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों की संख्या भी पूछी थी, जिसके जवाब में कहा गया कि सार्वजनिक व्यवस्था और पुलिस राज्य के विषय हैं, ऐसी गतिविधियों में गिरफ़्तार लोगों के आंकड़े केंद्र सरकार के स्तर पर नहीं रखे जाते.