North East Delhi Violence

देवांगना कलीता. (फोटो साभार: ट्विटर)

पिंजरा तोड़ कार्यकर्ता की याचिका के जवाब पर दिल्ली पुलिस को कोर्ट की फटकार

सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन संबंधी मामले में गिरफ़्तार जेएनयू छात्रा और पिंजरा तोड़ कार्यकर्ता देवांगना कलीता की एक याचिका पर पुलिस द्वारा दायर हलफनामे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इसमें कई आरोप लगाए गए हैं जो याचिका के दायरे से परे हैं और इन्हें वापस लिया जाना चाहिए.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगे में मारे गए नौ लोगों को ‘जय श्री राम’ कहने को मजबूर किया गया था: पुलिस

दिल्ली पुलिस ने अदालत में दाख़िल आरोप-पत्र में कहा गया है कि सभी आरोपी मुस्लिमों से ‘बदला’ लेने के लिए 25 फरवरी को बनाए गए एक वॉट्सऐप ग्रुप ‘कट्टर हिंदुत्व एकता’ से जुड़े थे. आरोपियों ने इसका इस्तेमाल आपस में संपर्क में रहने और एक दूसरे को लोग, हथियार और गोला-बारूद मुहैया कराने के लिए किया था.

24 फरवरी 2020 को मौजपुर क्रासिंग पर उपद्रवी. (फाइल फोटो: पीटीआई)

दिल्ली हिंसाः पिंजरा तोड़ कार्यकर्ताओं के ‘नाम’ बताने वाले ने कहा कि उन्हें नहीं जानता

दिल्ली पुलिस के मुताबिक़ जाफराबाद हिंसा के एक आरोपी शाहरुख ने अपने बयान में पिंजरा तोड़ कार्यकर्ता देवांगना कलीता और नताशा नरवाल का नाम लिया था. शाहरुख ने कहा कि हिंसा में आंखों की रोशनी लगभग खो देने के कारण उसे नहीं पता कि पुलिस ने उससे जिस बयान पर दस्तख़त कराए, उसमें क्या लिखा था.

देवांगना कलीता. (फोटो साभार: ट्विटर)

पिंजरा तोड़ की देवांगना कलीता को दरियागंज मामले में मिली जमानत, कोर्ट ने कहा- कोई साक्ष्य नहीं

पिंजरा तोड़ की कार्यकर्ता देवांगना कलीता और नताशा नरवाल को दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर गिरफ्तार किया गया था. चूंकि कलीता एक और मामले में गिरफ्तार हैं और उनसे पूछताछ चल रही है, इसलिए वे अभी जेल में बंद रहेंगी.

देवांगना कलीता और नताशा नरवाल.(फोटो साभार: ट्विटर)

कोर्ट ने पिंजरा तोड़ कार्यकर्ताओं को जमानत दी, पुलिस ने एक अन्य मामले में कस्टडी मांग ली

दिल्ली कोर्ट ने कहा कि केस के तथ्यों से पता चलता है कि आरोपी सिर्फ एनआरसी और सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, किसी हिंसा में शामिल नहीं थे.

नताशा नरवाल और देवांगना कलीता. (फोटो साभार: ट्विटर)

सीएए: दिल्ली हिंसा मामले में पिंजरा तोड़ संगठन की दो कार्यकर्ता गिरफ़्तार

गिरफ़्तार की गईं दोनों कार्यकर्ता नताशा नरवाल और देवांगना कलीता जेएनयू की छात्राएं हैं. पिंजरा तोड़ संगठन की ओर से कहा गया है कि दिल्ली पुलिस ने बीते कुछ महीनों में कई छात्रों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है. हम इसकी पुरज़ोर निंदा करते हैं.