North East Delhi

उत्तर पूर्वी दिल्ली: ‘मेरी पिटाई के बाद जेल में डालने की धमकी दी गई’

वीडियो: उत्तर-पूर्व दिल्ली की हामिदा इदरीसी का आरोप है कि बीते 30 अगस्त को उनके किरायेदार और पड़ोसियों के बीच झगड़ा हुआ था. उन्होंने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था. बाद में दयालपुर थाने के एसएचओ गिरीश जैन और अन्य पुलिसकर्मी उन्हें जबरन थाने ले गए और उनकी बेरहमी से पिटाई की गई. हालांकि पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है.

दिल्लीः मुस्लिम महिला का पुलिस हिरासत में बर्बरता से पिटाई का आरोप

मुस्लिम महिला का आरोप है कि बीते 30 अगस्त को उनके किरायेदार और पड़ोसियों के बीच झगड़ा हुआ था. उन्होंने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था. बाद में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर थाने के एसएचओ गिरीश जैन और अन्य पुलिसकर्मी उन्हें जबरन थाने ले गए और उनकी बेरहमी से पिटाई की गई. एचएचओ ने आरोपों का खंडन किया है.

दिल्ली दंगा: एक साल से क़ैद उमर ख़ालिद को रिहा करने की मांग

बीते साल 13 सितंबर को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगे के सिलसिले में यूएपीए के तहत छात्र नेता उमर ख़ालिद को गिरफ़्तार किया था. यूएपीए के साथ ही इस मामले में उनके ख़िलाफ़ दंगा करने और आपराधिक साज़िश रचने के भी आरोप लगाए गए हैं. 

प्रेस क्लब में हुई सार्वजनिक सभा में की गई उमर ख़ालिद की रिहाई की मांग

वीडियो: पूर्व जेएनयू छात्र और सीएए-एनआरसी के ख़िलाफ़ मुखर कार्यकर्ता के तौर पहचाने जाने वाले उमर ख़ालिद को 13 सितंबर 2020 को दिल्ली पुलिस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगे के सिलसिले में गिरफ़्तार किया था. उमर को एक साल से क़ैद में रखने के ख़िलाफ़ कई जानी-मानी हस्तियां सोमवार को एक साथ आईं और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में उनको रिहा करने की मांग की.

रोज़ डरती, ख़ुद से लड़ती फिर जीतती हुई एक इंक़लाबी की मां…

लगभग साल भर से दिल्ली दंगों से संबंधित मामले में जेल में बंद उमर ख़ालिद की मां कहती हैं कि उसे बाहर आने पर हिंदुस्तान छोड़ देना चाहिए, लेकिन कुछ पलों बाद वो बदल-सी जाती हैं.

दिल्ली दंगा: उमर ख़ालिद ने कहा, टीवी चैनलों ने उनके भाषण के संपादित अंश चलाकर उन्हें फंसाया

दिल्ली दंगों को लेकर यूएपीए के तहत गिरफ़्तार जेएनयू के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद ने अपना बचाव करते हुए अदालत में कहा कि पुलिस के दावों में कई विरोधाभास हैं. उनके ख़िलाफ़ यूएपीए का मामला भाजपा नेता और आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय द्वारा ट्वीट किए गए उनके संक्षिप्त भाषण के संपादित वीडियो क्लिप पर आधारित है. आरोप-पत्र पूरी तरह से मनगढ़ंत है. उनके ख़िलाफ़ चुनिंदा गवाह लाए गए और उन्होंने हास्यस्पद बयान दिए गए हैं.

दिल्ली दंगा: पुलिस ने उमर ख़ालिद की ज़मानत याचिका का विरोध किया, कहा- इसमें दम नहीं

यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किए गए जेएनयू के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद की ज़मानत याचिका का विरोध करते हुए पुलिस ने कहा कि अभियोजन पक्ष, मामले में दायर आरोप-पत्र के हवाले से अदालत में आरोपी के विरुद्ध प्रथम दृष्टया मामला दिखाएगा. मामला एक बड़ी साज़िश का हिस्सा है और यह छह मार्च 2020 को दर्ज हुआ था. ख़ालिद को दंगे से संबंधित एक अन्य मामले में ज़मानत मिल चुकी है.

उमर और ख़ालिद सैफ़ी को हथकड़ी लगाकर पेश करने की याचिका ख़ारिज, कोर्ट ने कहा- वे गैंगस्टर नहीं

दिल्ली पुलिस ने स्थानीय अदालत में दायर याचिका में कहा था कि दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में गिरफ़्तार उमर ख़ालिद और ख़ालिद सैफ़ी को हथकड़ी लगाकर पेश करने की अनुमति दी जाए क्योंकि ये दोनों अत्यधिक जोखिम वाले क़ैदी हैं. अदालत ने इससे इनकार करते हुए कहा कि याचिका तकनीकी आधार पर उचित नहीं है.

दिल्ली दंगे से जुड़े एक मामले में उमर ख़ालिद को ज़मानत

दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं मिला है, जिससे पता चले के घटना के दिन उमर ख़ालिद वारदात स्थल पर मौजूद थे. हालांकि जेएनयू के पूर्व छात्र ख़ालिद को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा. उनके ख़िलाफ़ यूएपीए के तहत आपराधिक साज़िश का मुक़दमा भी दर्ज किया गया है.

दिल्ली हिंसा को कैसे याद करें?

वीडियो: दिल्ली हिंसा ने बहुत कुछ तबाह किया. 53 लोगों ने अपनी जान गंवा दी और सैकड़ों की तादाद में लोग घायल हुए. दिल्ली हिंसा के एक साल बाद यह बेहद ज़रूरी सवाल है कि उस हिंसा को किस तरह याद किया जाए?

दिल्ली दंगा: अदालत ने यूएपीए मामले में कलीता की ज़मानत याचिका ख़ारिज की

पिंजरा तोड़ संगठन की सदस्य देवांगना कलीता को दिल्ली दंगा संबंधी मामले में गिरफ़्तार किया गया था. दंगों से संबंधित तीन मामलों में उन्हें ज़मानत मिल चुकी है. कलीता के ख़िलाफ़ गै़रक़ानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज है.

दिल्ली दंगाः कोर्ट ने कहा- मीडिया ट्रायल से निर्दोष होने की संभावना नष्ट नहीं की जानी चाहिए

जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर ख़ालिद आरोप लगाया है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में उनके ख़िलाफ़ विद्वेषपूर्ण मीडिया अभियान चलाया गया. याचिका में दावा किया गया है कि मीडिया रिपोर्टों में उनके एक कथित बयान से यह बताने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने दंगों में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है. यह निष्पक्ष सुनवाई के उनके अधिकार के प्रति पूर्वाग्रह है.

दिल्ली दंगाः राष्ट्रगान गाने पर मजबूर किए गए युवक की मौत की जांच की मांग को लेकर याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगे के दौरान 23 साल के फ़ैज़ान की मौत के मामले में अदालत की निगरानी में जांच की मांग से संबंधित याचिका पर दिल्ली सरकार और क्राइम ब्रांच को नोटिस जारी किया है. दंगों के दौरान एक वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी ज़मीन पर फ़ैज़ान समेत कुछ घायल युवकों से राष्ट्रगान गाने को कहते दिख रहे थे. फ़ैज़ान की अस्पताल में मौत हो गई थी.

शरजील इमाम की रिहाई भारत में मुसलमानों के यक़ीन के लिए ज़रूरी है

आरोप है कि शरजील इमाम ने उत्तर-पूर्व को भारत से काट देने का उकसावा देते हुए भाषण दिए थे. उन्होंने इतना ही किया था कि सरकार पर दबाव डालने के लिए रास्ता जाम करने की बात कही थी. किसान अभी चारों तरफ़ से दिल्ली का रास्ता बंद करने की बात कह रहे हैं, जिससे सरकार पर दबाव बढ़े और वह अपना अड़ियलपन छोड़े. क्या इसे आतंकवादी कार्रवाई कहा जाएगा?

जो जनता आज उमर को आतंकवादी कह रही है, वो उसी के लिए काम करना चाहता था…

दिल्ली पुलिस ने लिखा है कि उमर ख़ालिद सेकुलरिज्म का चोला ओढ़कर चरमपंथ को बढ़ावा देता है. आपको भी यही लगता है तो कम से कम यह मांग तो कर ही सकते हैं कि दिल्ली पुलिस के अफसरों को फिल्म निर्देशक बन जाना चाहिए क्योंकि वे लोगों के अंदर छिपे अभिनेता को पहचान लेते हैं.