Omar Abdullah

Srinagar: Policemen patrolling at Lal Chowk after restrictions were lifted, in Srinagar, Tuesday, Aug. 20, 2019. Barricades around the Clock Tower in Srinagar's city centre Lal Chowk were removed after 15 days, allowing the movement of people and traffic in the commercial hub, as restrictions eased in several localities while continuing in others. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI8_20_2019_000114B)

केंद्र द्वारा जम्मू कश्मीर के लिए नए नियम जारी, एंटी करप्शन ब्यूरो-पुलिस सीएम के दायरे से बाहर

केंद्र सरकार द्वारा जारी नए नियमों के ज़रिये केंद्रशासित जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र से कई विभाग वापस ले लिए गए हैं और इसके चलते महत्वपूर्ण मामलों में उप-राज्यपाल के ज़रिये केंद्र अप्रत्यक्ष रूप से अंतिम निर्णायक विभाग होगा.

जम्मू कश्मीर: मुख्यधारा के सभी दलों ने अनुच्छेद 370 के लिए लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई

जम्मू कश्मीर के मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली, जम्मू कश्मीर के संविधान और राज्य की बहाली के लिए प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और राज्य का कोई भी विभाजन उनके लिए अस्वीकार्य है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस नेताओं की नज़रबंदी: जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कहा- इनमें से कोई हिरासत में नहीं

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने 13 जुलाई को जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में अपनी पार्टी के 16 नेताओं और कार्यकर्ताओं को नज़रबंद रखे जाने के ख़िलाफ़ 16 बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं दाख़िल कर उन्हें रिहा करने की मांग की थी.

जम्मू कश्मीरः पीपुल्स कॉन्फ्रेंस नेता सज्जाद लोन एक साल बाद नज़रबंदी से रिहा

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष सज्जाद लोन को पांच अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही नज़रबंद रखा गया था.

कश्मीर के लोगों से दो महीने का एलपीजी स्टॉक रखने का आदेश, घाटी में चिंता बढ़ी

ऐसा माना जा रहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच चल रहे गतिरोध के मद्देनज़र य​ह आदेश दिया गया है, हालांकि सरकार का कहना है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने और भूस्खलन जैसी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लोगों से सिलेंडर का स्टॉक रखने के लिए कहा गया है.

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता पर लगा पीएसए हटाया, रिहाई का आदेश

पिछले साल अगस्त में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के बाद प्रशासन ने राज्य के मुख्यधारा के कई नेताओं समेत राजनीतिक कार्यकर्ताओं को नज़रबंद कर दिया था या फिर हिरासत में ले लिया था. इनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव अली मोहम्मद सागर भी शामिल थे.

जम्मू कश्मीर: शाह फैसल और पीडीपी के दो नेताओं के ख़िलाफ़ लगा पीएसए हटाया गया

पिछले साल पांच अगस्त को केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त कर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के कुछ दिन बाद शाह फैसल को हिरासत में ले लिया गया था.

पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफ़ुद्दीन सोज़ की नज़रबंदी के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटने के बाद से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं जम्मू कश्मीर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफ़ुद्दीन सोज़ नज़रबंद हैं. उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आरोप लगाया कि उनके पति को पीएसए के तहत घर में ही नज़रबंद करने की वजह आज तक नहीं बताई गई हैं.

जम्मू कश्मीर: पूर्व आईएएस शाह फैसल की नज़रबंदी पीएसए के तहत तीन महीने बढ़ाई गई

भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट पार्टी का गठन करने वाले शाह फैसल जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से नज़रबंदी में हैं और उन पर इस साल फरवरी में जन सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई थी.

केंद्र और जम्मू कश्मीर अगले हफ़्ते बताएं कि क्या उमर अब्दुल्ला रिहा हो रहे हैं: सुप्रीम कोर्ट

संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाते हुए जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने के केंद्र सरकार के पिछले साल पांच अगस्त के फैसले के बाद से ही पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला हिरासत में हैं.

**FILE PHOTO** Jammu: In this file photo dated March 4, 2017, Jammu and Kashmir Chief Minister Mehbooba Mufti looks on during the Red Cross Mela at Gulshan Ground in Jammu. BJP on Tuesday, June 19, 2018, has pulled out of the alliance government with Mehbooba Mufti-led People's Democratic Party in Jammu & Kashmir. (PTI Photo) (PTI6_19_2018_000085B)

सुप्रीम कोर्ट ने महबूबा मुफ्ती की हिरासत पर जम्मू कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी किया

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत लिए जाने को उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. पिछले साल अगस्‍त में राज्य का विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने के बाद से ही महबूबा नज़रबंद हैं.

फारूक, उमर और मुफ्ती की जल्द रिहाई के लिए प्रार्थना करेंगे: राजनाथ सिंह

भाजपा की विचारधारा का जिक्र करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुसलमान जिगर का टुकड़ा है और सांप्रदायिक राजनीति का सवाल ही पैदा नहीं होता.

सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने पर कश्मीर पुलिस ने यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया

पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66ए के तहत भी मामला दर्ज किया है, जिसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किया जा चुका है.

Srinagar: IAS officer Shah Faesal addresses a press conference after announcing his resignation, in Srinagar, Friday, Jan. 11, 2019. Faesal, who has been in the limelight since becoming the first Kashmiri to top the civil services exam in 2009, announced his resignation on January 9 through social media to protest the "unabated" killings in Kashmir and the marginalisation of Indian Muslims.(PTI Photo)(PTI1_11_2019_000092B)

जम्मू कश्मीर: उमर-महबूबा के बाद अब पूर्व आईएएस शाह फैसल पर लगा पीएसए

पूर्व नौकरशाह और कश्मीरी नेता शाह फैसल को अगस्त 2019 में दिल्ली हवाईअड्डे पर उड़ान भरने से रोके जाने के बाद श्रीनगर ले जाया गया था, तब से वे हिरासत में हैं. जम्मू कश्मीर प्रशासन ने उनकी हिरासत को सही ठहराते हुए कहा था कि उन्होंने देश की संप्रभुता और अखंडता के ख़िलाफ़ श्रीनगर हवाई अड्डे पर जमा लोगों को भड़काया था.

Srinagar: Former chief minister and National Conference vice-president Omar Abdullah addresses a press conference after an all-party meeting, in Srinagar, Thursday, Sept 13, 2018. (PTI Photo) (PTI9_13_2018_000100B)

उमर अब्दुल्ला की हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर प्रशासन से जवाब मांगा

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को जन सुरक्षा क़ानून के तहत हिरासत में लिए जाने के ख़िलाफ़ उनकी बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है. पिछले साल अगस्‍त में राज्य का विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने के बाद से ही उमर नज़रबंद हैं.