Opposition

पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीज़ल कीमत में वृद्धि के लिए विपक्ष शासित राज्यों को ज़िम्मेदार ठहराया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान पर महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे विपक्ष शासित राज्यों ने कहा ​कि केंद्र सरकार को राज्यों से कर घटाने के लिए कहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि यही प्रधानमंत्री जनता को लेकर चिंतित होते तो उनकी सरकार ने पेट्रोल/डीज़ल की कीमतें नहीं बढ़ाई होतीं, उपकर भी नहीं बढ़ाया होता.

पेट्रोल-डीज़ल के दामों में 80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी, दो सप्ताह में कुल 9.20 रुपये बढ़े दाम

पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में मंगलवार को दो सप्ताह के भीतर 13वीं बार वृद्धि की गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बढ़ती कीमतों को ‘प्रधानमंत्री जन धन लूट योजना’ क़रार दिया है.

पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में फ़िर 40 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी, अब तक कुल 8.40 रुपये की वृद्धि

पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें करीब साढ़े चार महीने तक स्थिर रहने के बाद बीते 22 मार्च से लगातार बढ़ाई जा रही हैं. तब से 12वीं बार कीमतों में वृद्धि की गई है. ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर राज्यसभा में विपक्षी दलों का हंगामा किया. कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि मोदी सरकार ने ईंधन कर के रूप में 26.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की है.

12 दिन में 10वीं बार बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, कांग्रेस बोली- महंगाई के मामले में मोदी धर्मनिरपेक्ष

शनिवार को पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर प्रति लीटर 80 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. पिछले 12 दिनों के दौरान अब तक 7.2 रुपये की वृद्धि की जा चुकी है. इसे लेकर कांग्रेस ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘मोदी जी देश के लोगों को रोज़ाना पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमत बढ़ाने का गुड मॉर्निंग गिफ्ट देते हैं.’

पेट्रोल-डीज़ल के दामों में 10 दिन में नौवीं बार बढ़ोतरी, कांग्रेस ने दिया धरना

पेट्रोल और डीज़ल के दामों में एक बार फ़िर 80 पैसे की बढ़ोतरी की गई है. इस तरह पिछले 10 दिन में नौ बार बढ़ोतरी करने से इनकी कीमतों में 6.40 रुपये प्रति लीटर का इज़ाफ़ा हो गया है. इसके ख़िलाफ़ कांग्रेस सांसदों ने राजधानी दिल्ली के विजय चौक पर ‘महंगाई मुक्त भारत’ अभियान के तहत धरना दिया.

ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं को लिखा- विपक्ष को दबाने के लिए एजेंसियों का सहारा ले रही भाजपा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ग़ैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर एकजुट एवं सैद्धांतिक विपक्ष बनाने का संकल्प लेने की अपील की है. उन्होंने कहा कि सभी ‘प्रगतिशील ताक़तों’ को साथ आने और ‘भाजपा के दमनकारी शासन’ से लड़ने की ज़रूरत है.

विपक्ष ने सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने का आरोप लगाया, भाजपा बोली- भारत तेज़ी से बढ़ता देश बना

विपक्ष ने बंदरगाहों को निजी हाथ में सौंपने का आरोप लगाया तो भाजपा ने पोत परिवहन में विकास की बात कही. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकारी क्षेत्र के उद्योगों की हालत बहुत ख़राब है. यह सरकार सरकारी कंपनियों को बेचने में बिल्कुल नहीं हिचक रही है. उद्योग क्षेत्र पर निजी क्षेत्र के लोगों का नियंत्रण हो रहा है.

यूपी: गोरखपुर क्षेत्र में क्या भाजपा अपना विजय रिकॉर्ड क़ायम रख पाएगी

गोरखपुर ज़िले में कुल नौ विधानसभा क्षेत्र- गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण, पिपराइच, कैंपियरगंज, सहजनवा, चौरीचौरा, बांसगांव, खजनी और चिल्लूपार आते हैं, जिनमें से आठ पर पिछले चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी. पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरे योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी सीट के साथ इन्हें भी बचाने की चुनौती है.

अयोध्या: राम मंदिर वाले नए शहर में अपने भविष्य को लेकर भयभीत पुराने दुकानदार

ग्राउंड रिपोर्ट: अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर में अपेक्षित भीड़ से निपटने के लिए सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं पर काम चल रहा है. मंदिर के आसपास के क्षेत्र में सालों से छोटी दुकानों पर पूजा सामग्री आदि बेचने वाले दुकानदारों को डर है कि कहीं सरकारी बुलडोजर उनकी आजीविका को भी न कुचल दे.

योगी आदित्यनाथ के राष्ट्रवाद में ग़ैर-भाजपा शासित राज्य फिट क्यों नहीं होते

जिस राष्ट्रवाद की आड़ लेकर भाजपा और उसके नेता अनेक नागरिकों को देशद्रोही क़रार देते हैं, उसी पार्टी के एक मुख्यमंत्री का मतदान से ऐन पहले उत्तर प्रदेश को केरल, बंगाल या कश्मीर बनने से रोकने के लिए प्रेरित करना न सिर्फ इन राज्यों के लोगों का अपमान है बल्कि पार्टी की संकुचित राष्ट्रवाद की परिभाषा पर भी सवाल उठाता है.

दोस्ताना चुनाव आयोग और मित्र मीडिया के बल पर चुनावी क़ानूनों को अंगूठा दिखाते नरेंद्र मोदी

जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार मतदान समाप्त होने से पहले के 48 घंटे में किसी भी रूप में चुनावी सामग्री के प्रदर्शन पर पाबंदी है, इसमें वोटर को प्रभावित करने वाले टीवी या अन्य किसी माध्यम का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने ठीक ऐसा ही किया है.

प्रधानमंत्री अपना कोई भी भाषण कांग्रेस की चर्चा किए बगैर पूरा क्यों नहीं कर पाते

प्रधानमंत्री के अनुसार कांग्रेस का अहंकार नहीं जाता, पर यह कांग्रेसियों की चिंता का विषय है या देश की? प्रधानमंत्री कांग्रेस के प्रति जवाबदेह हैं या देशवासियों के? उनके वजह-बेवजह कांग्रेस को कोसने से सिर्फ यह पता चलता है कि उनकी और उन जैसों की जमात की आज के प्रश्नों को अतीत की ओर ले जाकर वर्तमान व भविष्य की ओर पीठकर लेने की बीमारी लगातार लाइलाज होती जा रही है.

चुनाव प्रचार में भाषा का गिरता स्तर लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण का संकेत है

आजकल जिस भाषा में सत्ताधारी नेता चुनाव प्रचार कर रहे हैं, वो दिखाता है कि हम लोकतंत्रिक प्रणाली के लायक विकसित ही नहीं हुए हैं. क्योंकि दुनिया का कोई भी सभ्य व लोकतांत्रिक राष्ट्र ऐसी भाषा को स्वीकार नहीं कर सकता है, जो समाज में नफ़रत और हिंसा के उत्प्रेरक के तौर पर काम करे.

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा- अध्यक्षपीठ पर बयानबाज़ी से बचें, महुआ बोलीं- विपक्ष को सदन में बोलने दें

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को लोकसभा में पीठासीन अधिकारी रमा देवी द्वारा उन्हें भाषण पूरा करने के लिए तय समय न देने और उन्हें बीच में रोकने का आरोप लगाया था. अब महुआ का नाम लिए बिना लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि पीठासीन अध्यक्ष पर सदन के बाहर टिप्पणी करना सही नहीं है.

राज्यसभा में पेगासस से जुड़े सांसदों के प्रस्तावित संशोधन को नामंज़ूरी पर विपक्ष ने सवाल उठाए

माकपा नेता एलामारम करीम ने सभापति एम. वेंकैया नायडू को लिखे पत्र में पेगासस जासूसी मामले और केंद्र सरकार के कोविड-19 प्रबंधन से जुड़े प्रस्तावित संशोधनों को स्वीकृति न देने पर नाराज़गी जताई है. उन्होंने यह भी कहा कि यह एकतरफा कार्रवाई पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और अनैतिक है.