Palestine

अदालत ने फिलिस्तीन में मृत मिले भारतीय राजनयिक के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम का आदेश दिया

फिलिस्तीन के रामल्ला में मृत मिले भारतीय राजनयिक मुकुल आर्य के शव का फ़िर से पोस्टमॉर्टम करने का आग्रह करने वाली उनकी मां की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है. याचिका में कहा गया है कि राजनयिक की मौत अप्राकृतिक है.

भारत की हरनाज़ संधू बनीं मिस यूनिवर्स, 21 साल बाद देश को मिला ख़िताब

चंडीगढ़ की मॉडल हरनाज़ संधू एमए की पढ़ाई कर रही हैं. इज़रायल में आयोजित प्रतियोगिता में पराग्वे की नादिया फेरेरा दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि दक्षिण अफ्रीका की लालेला मसवाने तीसरे स्थान पर रहीं. इज़रायल द्वारा फ़िलीस्तीन के साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर इसके सहयोगी दक्षिण अफ्रीका ने अपने देश की प्रतिभागी का समर्थन नहीं किया था.

क्या इज़राइली यहूदीवाद और भारतीय हिंदुत्व में कोई अंतर नहीं रह गया है

शुरुआत में भारत ने नव-उपनिवेशवाद और इज़राइल द्वारा फ़िलिस्तीनी ज़मीन के अतिक्रमण की मुखर तौर पर निंदा की, लेकिन यह विरोध धीरे-धीरे कम हो गया. भारत का रुख कमज़ोर हुआ क्योंकि इज़राइल के साथ आर्थिक और सैन्य संबंध जुड़ गए. अब ये रिश्ते हिंदुत्व व यहूदीवाद की लगभग समान विचारधारा पर फल-फूल रहे हैं.

ग़ाज़ा संघर्ष: कथित अपराधों की जांच संबंधी यूएनएचआरसी के प्रस्ताव पर वोटिंग से भारत अनुपस्थित

ग़ाज़ा में इज़रायल और हमास के बीच 11 दिन तक चले संघर्ष के दौरान कथित उल्लंघनों एवं अपराधों की जांच शुरू करने के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के प्रस्ताव पर वोट डालने से भारत समेत 14 देश अनुपस्थित रहे. प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया क्योंकि 24 देशों ने इसके पक्ष में वोट डाला और नौ ने इसका विरोध किया. इज़रायल और हमास के बीच संघर्ष में ग़ाज़ा में लगभग 230 लोग और इज़रायल में 12 लोग मारे गए थे.

11 दिन तक चले युद्ध के बाद इज़रायल और हमास के बीच संघर्ष विराम पर बनी सहमति

इस 11 दिन के ख़ूनी संघर्ष में ग़ाज़ा पट्टी में बड़े पैमाने पर बर्बादी हुई, इज़रायल के अधिकांश हिस्सों में जीवन थम गया था और दोनों तरफ के 200 से अधिक लोगों की जानें गईं. 19 मई तक इस संघर्ष में 208 फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जिनमें क़रीब 60 बच्चे शामिल हैं. वहीं इज़रायल में भी दो बच्चों सहित 12 लोगों की जान गई है.

इज़रायल के हमले में गाज़ा स्थित 12 मंज़िला मीडिया टावर ध्वस्त, 47 बच्चों सहित 174 लोगों की मौत

रविवार को इजरायल ने गाजा में पिछले एक हफ़्ते में सबसे घातक हमला किया, जिसमें आठ बच्चों सहित 26 फ़लस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई. इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार शाम को कहा कि जब तक ज़रूरत पड़ेगी तब तक यह अभियान जारी रहेगा.

इज़रायल के हमले में गाज़ा में 39 बच्चों सहित 139 लोगों की मौत

इज़राइल और उग्रवादी संगठन हमास के बीच जारी लड़ाई के दौरान वेस्ट बैंक में भी फ़लस्तीनियों ने व्यापक पैमाने पर प्रदर्शन किया और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में इज़राइली सेना के साथ झड़प की. इस दौरान इज़राइली सेना की कार्रवाई में कम से कम 11 लोग मारे गए हैं.

इज़राइल के हमले में बच्चों और महिलाओं समेत 26 फ़लस्तीनी नागरिकों की मौत

यरुशलम के यहूदी और मुस्लिम लोगों के पवित्र स्थल अल-अक्सा मस्जिद परिसर में इज़राइली सुरक्षा बलों और फ़लस्तीनी नागरिकों के बीच टकराव और फ़लस्तीनी तथा इज़राइली सुरक्षा बलों के संघर्ष के बाद ये घटनाक्रम हुआ है. हिंसा का कारण यरुशलम पर फ़लस्तीन और इज़राइल दोनों द्वारा दावा जताना है.

यूएन: पहली बार फिलिस्तीनी मानवाधिकार संगठन के ख़िलाफ़ भारत ने इज़रायल के पक्ष में किया वोट

यह पहली बार है जब भारत ने दशकों पुराने दो देशों वाले सिद्धांत से अपने क़दम पीछे खींच लिए हैं. दो देशों के सिद्धांत के तहत अब तक भारत इज़रायल और फिलिस्तीन दोनों को अलग और स्वतंत्र देशों के रूप में देखता रहा है.

फिलिस्तीनियों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाना हिंसा के प्रति दुनिया की बेपरवाही का सबूत है

फिलीस्तीन के ज़ख़्म से ख़ून धीरे-धीरे रिस रहा है, लेकिन वह हमारी आत्माओं को नहीं छूता. जिस तरह दुनिया का हर मुल्क इस्राइल के साथ गलबहियां करने में एक दूसरे से प्रतियोगिता कर रहा है, उससे यह साबित होता है कि फिलिस्तीनियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है.

क्या फिलिस्तीन को लेकर भारत अपनी ही बातों से पीछे हट गया है?

फिलिस्तान पर मोदी सरकार के बदले रुख़ का अर्थ यह है कि इज़रायल के फिलिस्तीनी ज़मीन पर अवैध क़ब्ज़े को लेकर भारत का रवैया नरम हो गया है.

इज़रायल नीति में बदलाव से क्या ​हासिल होगा?

मैं यह नहीं कहना चाहता कि किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को कभी इज़रायल नहीं जाना चाहिए. लेकिन ये यात्रा कुछ इस तरह से हुई जैसे अरब कहीं है ही नहीं और फिलिस्तीनी देश बस एक मिथक है. उस पवित्र ज़मीन की एकमात्र हकीकत इज़रायल, इज़रायल और सिर्फ इज़रायल है.

क्या इज़रायल को ट्रंप का अंध-समर्थन अस्थिरता को बढ़ावा देगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की बातचीत से यह स्पष्ट हो गया है कि ट्रंप को अलग फिलिस्तीनी राज्य से परहेज है.