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रामदेव को झूठे दावे और एलोपैथी चिकित्सकों की आलोचना करने से रोके केंद्र सरकार: कोर्ट

असाध्य बीमारियों के इलाज को लेकर योग गुरु रामदेव के दावों और एलोपैथी पर टिप्पणी संबंधी मामले को सुनते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि रामदेव डॉक्टरों और उपचार पद्धतियों के लिए अपशब्द नहीं बोल सकते. बेहतर होगा कि वह इससे परहेज़ करें.

New Delhi: Baba Ramdev during Bharatatma Ashokji Singhal Vedik Puraskar 2018 award function, in New Delhi, Tuesday, Sept. 25, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI9_25_2018_000186B)

दिल्ली हाईकोर्ट ने रामदेव से कहा- एलोपैथी के ख़िलाफ़ जनता को गुमराह न करें

हाईकोर्ट ने कोरोनिल को लेकर दावों और एलोपैथी पर टिप्पणी संबंधी मामले को सुनते हुए रामदेव से केस पूरा होने तक तथ्यहीन बयान देने से बचने को कहा है. कोर्ट ने उनके अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को कोविड होने से संबंधी बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे बयानों से देश के अंतरराष्ट्रीय संबंध ख़राब हो सकते हैं. 

‘कोरोनिल’ से कोविड-19 ठीक होने संबंधी दावों पर रामदेव के स्पष्टीकरण को कोर्ट ने ख़ारिज किया

रामदेव और उनकी कंपनी पतंजलि ने अपनी दवा ‘कोरोनिल’ के कोविड-19 के इलाज में कारगर होने संबंधी दावे किए थे. साथ ही एलोपैथी और एलोपैथी डॉक्टरों के ख़िलाफ़ अपमानजनत टिप्पणियां की थीं, जिसके ख़िलाफ़ बीते वर्ष डॉक्टरों के विभिन्न संघों ने अदालत का रुख किया था. 

रामदेव को तथ्यहीन और अवैज्ञानिक दावे करने की छूट क्यों मिली हुई है

विशेष: दवाओं से जुड़े क़ानूनों का उल्लंघन करते हुए रामदेव की पतंजलि वेलनेस और दिव्य साइंटिफिक आयुर्वेद द्वारा अपने उत्पादों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हुए अख़बारों में धड़ल्ले से साक्ष्य रहित एलोपैथी विरोधी विज्ञापन दिए जा रहे हैं. इससे पहले महामारी के बीच में रामदेव ने ‘कोरोना वायरस की दवा’ बनाने का भी दावा किया था.

आयुर्वेद उत्पादों के भ्रामक विज्ञापनों पर पतंजलि की दिव्य फार्मेसी पर कार्रवाई का प्रस्ताव

योग गुरु रामदेव के पतंजलि योगपीठ की इकाई दिव्य फार्मेसी पर अपने आयुर्वेदिक उत्पादों के भ्रामक विज्ञापन जारी करने का आरोप है. इसे लेकर आयुर्वेद एवं यूनानी सेवा (उत्तराखंड) के लाइसेंसिंग अधिकारी ने कंपनी के ख़िलाफ़ ज़रूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

हरियाणा: मुख्यमंत्री ने कोविड फंड से क़रीब 3 करोड़ के पतंजलि उत्पादों की खरीद को मंज़ूरी दी

देश में कोरोना महामारी के प्रकोप के दौरान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने चिंता जताई थी कि कोरोनिल सहित कोविड-19 के लिए अस्वीकृत दवाओं का उपयोग करने से मृत्यु दर में वृद्धि हो सकती है. इस तथ्य के बावजूद हरियाणा सरकार द्वारा पतंजलि उत्पादों की खरीद को स्वीकृति दी गई.

भूटान के बाद नेपाल ने भी कोरोनिल पर बैन लगाया, भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया इनकार

नेपाल में कोरोनिल किट के वितरण पर रोक के बाद आयुर्वेद और वैकल्पिक चिकित्सा विभाग ने कहा कि कोरोनिल की खरीद के दौरान उचित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था. साथ ही यह कोरोना वायरस को ख़त्म करने वाली दवाओं के बराबर नहीं है. इससे पहले भूटान ने इस दवा के वितरण पर पाबंदी लगाई थी.

कोविड-19 मरीज़ों को एक लाख कोरोनिल किट मुफ़्त बांटेगी हरियाणा सरकार

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि कोरोनिल किट की आधी लागत पतंजलि और आधी हरियाणा सरकार के ‘कोविड रिलीफ फंड’ ने वहन की है. रामदेव की एलोपैथी के ख़िलाफ़ टिप्पणी को लेकर उठ रहे विवाद के बीच हरियाणा सरकार ने यह घोषणा की गई है. रामदेव ने एलोपैथी को एक स्टुपिड और दिवालिया साइंस बताया था.

हरिद्वार: रामदेव के पतंजलि योगपीठ के 39 कर्मचारी और छात्र कोरोना संक्रमित पाए गए

उत्तराखंड में तेज़ी से बढ़ रहे संक्रमण के मामलों के बीच हरिद्वार में पतंजलि योग ग्राम में 20, पतंजलि योगपीठ में 10 और आचार्यकुलम में नौ लोगों की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है. इससे पहले पिछले सप्ताह योगपीठ में पांच लोग कोरोना संक्रमित मिले थे.

कोरोनिल को लेकर पतंजलि के दावे सरासर झूठ, स्वास्थ्य मंत्री स्पष्टीकरण दें: आईएमए

कोरोना वायरस के उपचार के दावे के साथ लॉन्च हुई पतंजलि की ‘कोरोनिल’ को आयुष मंत्रालय द्वारा प्रमाण पत्र मिलने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने हैरानी जताते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन से सवाल किया है कि पूरे देश के लोगों के लिए झूठ पर आधारित अवैज्ञानिक उत्पाद को जारी करना कितना न्यायसंगत है.

क्या कोरोना की दवा के नाम पर रामदेव ने फिर गुमराह किया है

कोरोना के इलाज के दावे के साथ लॉन्च हुई पतंजलि की ‘कोरोनिल’ को आयुष मंत्रालय से मिले प्रमाणपत्र को डब्लूएचओ की मंज़ूरी और रामदेव द्वारा कोरोनिल को 150 से अधिक देशों में बेचने की अनुमति मिलने का दावा संदेह के घेरे में है. साथ ही इसे लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी सवाल उठाए हैं.

ब्रांडेड शहद में मिलावट: खाद्य नियामक को उचित कार्रवाई करने का निर्देश

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट ने 13 शीर्ष ब्रांड के साथ-साथ कई छोटे ब्रांड के प्रसंस्कृत और कच्चे शहद में शुद्धता की जांच की थी. इसके अध्ययन में कहा गया था कि डाबर, पतंजलि, बैद्यनाथ, झंडू, हितकारी और एपिस हिमालय जैसे प्रमुख ब्रांड के शहद के नमूने परीक्षण में विफल रहे.

भारत में बिकने वाले बड़े ब्रांड के शहद में चीनी की मिलावट: सीएसई अध्ययन का दावा

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के अध्ययन में कहा गया है कि डाबर, पतंजलि, बैद्यनाथ, झंडू, हितकारी और एपिस हिमालय जैसे प्रमुख ब्रांड के शहद के नमूने परीक्षण में विफल रहे. वहीं इन कंपनियों की ओर से कहा गया है कि यह प्रसंस्कृत/कृत्रिम शहद को बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्राकृतिक शहद निर्माताओं को बदनाम करने की साज़िश है.

मद्रास उच्च न्यायालय ने पतंजलि को ‘कोरोनिल’ ट्रेडमार्क के इस्तेमाल से रोका

चेन्नई की कंपनी अरुद्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड ने मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दाख़िल कर कहा गया है कि ‘कोरोनिल’ साल 1993 से उसका ट्रेडमार्क है. यह कंपनी भारी मशीनों और कंटेनमेंट इकाइयों को साफ़ करने के लिए रसायन एवं सैनेटाइज़र बनाती है.

कभी नहीं कहा कि पतंजलि की कोरोनिल से कोरोना का इलाज हो सकता है: आचार्य बालकृष्ण

बाबा रामदेव ने बीते 23 जून को ‘कोरोनिल’ नाम की दवा लॉन्च करते हुए इसके कोविड-19 के इलाज में शत-प्रतिशत कारगर होने का दावा किया था. इसके बाद आयुष मंत्रालय ने दवा के विज्ञापन पर रोक लगाते हुए कंपनी से इसके क्लीनिकल ट्रायल और रिसर्च आदि का ब्योरा देने को कहा था.