Peoples Democratic Party

Jammu: CRPF personnel stand guard during restrictions, at Raghunath Bazar in Jammu, Monday, Aug 05, 2019. Restrictions and night curfews were imposed in several districts of Jammu and Kashmir as the Valley remained on edge with authorities stepping up security deployment. (PTI Photo)(PTI8_5_2019_000091B)

कश्मीर: नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए विपक्ष ने सुरक्षा विफलता के लिए केंद्र पर निशाना साधा

जम्मू कश्मीर में बीते पांच दिनों सात नागरिकों की हत्या हुई है, जिनमें से छह श्रीनगर में हुईं. मृतकों में से चार अल्पसंख्यक समुदाय से हैं. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़, आतंकवादियों ने 2021 में अब तक 28 नागरिकों की हत्या की है. अभी तक 97 आतंकवादी हमले हुए हैं, जिनमें 71 सुरक्षा बलों पर और 26 नागरिकों पर हुए हैं.

जम्मू कश्मीर: श्रीनगर में दो सरकारी शिक्षकों की गोली मारकर हत्या

पिछले तीन दिनों में कश्मीर में नागरिकों की हत्या की यह पांचवीं घटना है, जिनमें से चार श्रीनगर में ही हुईं. बीते पांच अक्टूबर को जम्मू कश्मीर में संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा एक प्रमुख कश्मीरी पंडित व्यवसायी पेशे से केमिस्ट माखन लाल बिंद्रू सहित तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी.

जम्मू कश्मीर: पीडीपी नेता नईम अख़्तर को नज़रबंदी से रिहा किया गया

पीडीपी नेता नईम अख़्तर को नज़रबंदी से रिहा करने का यह क़दम 24 जून को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली सर्वदलीय बैठक से पहले उठाया गया है, जिसमें शामिल होने को लेकर पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित मुख्यधारा के क्षेत्रीय दलों के भीतर विचार-विमर्श चल रहा है. यह बैठक विधानसभा चुनाव कराने सहित राजनीतिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने की केंद्र की पहल के तहत बुलाई गई है.

मुझे फ़िर से हिरासत में लिया गया, बेटी इल्तिजा भी नज़रबंदः महबूबा मुफ़्ती

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने आरोप लगाया है कि वह पार्टी की युवा इकाई के नेता वाहिद पर्रा के परिवार से मिलने पुलवामा जाने वाली थीं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें मंज़ूरी नहीं दी. वाहिद ने डीडीसी चुनाव में नामांकन दाख़िल किया था. आतंक से संबंधित एक मामले में एनआईए ने 25 नवंबर को उन्हें गिरफ़्तार किया है.

तिरंगा और जम्मू कश्मीर का झंडा एक साथ थामूंगीः महबूबा मुफ़्ती

तिरंगा न थामने से संबंधित अपने एक बयान को लेकर विवाद होने के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि जब वह पहली बार विधायक बनी थीं, तब उन्होंने जम्मू कश्मीर के संविधान में अपने विश्वास की पुष्टि की थी, साथ ही भारत की संप्रभुता और अखंडता का भी समर्थन किया था. दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं.

जम्मू कश्मीर: महबूबा मुफ़्ती के बयान से नाराज़ पीडीपी के तीन वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी छोड़ी

पूर्व राज्यसभा सदस्य टीएस बाजवा सहित पीडीपी के तीन संस्थापक सदस्यों ने यह कहते हुए पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया कि वे पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती की अवांछित टिप्पणियों से असहज महसूस कर रहे थे.

जम्मू कश्मीरः पीडीपी नेताओं का घर से बाहर न निकलने देने का आरोप, पार्टी की बैठक रद्द

सरकार द्वारा नेताओं के नज़रबंद होने और उनके आने-जाने पर पाबंदी न होने के दावों के उलट पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी की एक बैठक इसलिए रद्द करनी पड़ी क्योंकि पुलिस ने पार्टी नेताओं को घर से निकलने नहीं दिया. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह पीडीपी की पहली बैठक थी.

जम्मू कश्मीर: बीएसएफ पर मतदाताओं को भाजपा को वोट देने को मजबूर करने का आरोप

नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने ईवीएम में कांग्रेस के बटन के काम न करने सहित कई गड़बड़ियों का आरोप लगाया. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने शिकायत दर्ज कराई.

New Delhi: Bharatiya Janata Party (BJP) in-charge for Jammu and Kashmir Ram Madhav, flanked by the state Dy Chief Minister Kavinder Gupta and BJP state chief Ravinder Raina, addresses a press conference in New Delhi on Tuesday, June 19, 2018.The BJP has decided to pull out of the alliance government with Mehbooba Mufti-led People's Democratic Party in Jammu & Kashmir. (PTI Photo/Shahbaz) (PTI6_19_2018_000084B)

जम्मू कश्मीर में अब जब भी सरकार बनेगी तो भाजपा उसका हिस्सा होगी: राम माधव

जम्मू कश्मीर के प्रभारी और भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा कि सत्ता में न होने का अपशकुन अब खत्म हो गया है. पार्टी जब सत्ता में आएगी तो जम्मू-कश्मीर को नई दिशा में ले जाने के लिए काम करेगी.

जन गण मन की बात, एपिसोड 261: जम्मू कश्मीर में सियासी संकट और पानी की कमी

जन गण मन की बात की 261वीं कड़ी में विनोद दुआ जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने और पानी की कमी पर नीति आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा कर रहे हैं.

कठुआ में बच्ची के साथ बलात्कार न होने की ‘दैनिक जागरण’ की​ रिपोर्ट झूठी है

विशेष रिपोर्ट: दैनिक जागरण ने बीते 20 अप्रैल को ‘कठुआ में बच्ची से नहीं हुआ था दुष्कर्म’ शीर्षक से एक रिपोर्ट अपने सभी प्रिंट और आॅनलाइन संस्करणों में प्रमुखता से प्रकाशित की थी.

कठुआ गैंगरेप: आरोपियों ने ख़ुद को बताया बेक़सूर, नार्को टेस्ट की मांग की

अपराध शाखा द्वारा दायर आरोप पत्र के अनुसार, बच्ची का अपहरण, सामूहिक बलात्कार और हत्या अल्पसंख्यक घुमंतू समुदाय को क्षेत्र से हटाने के लिए रची गई एक सोची-समझी साज़िश थी.

‘मुंह फेर कर गुज़र जाने’ का वक़्त अब नहीं रहा, कठुआ के बाद तो बिल्कुल नहीं

इस तरह के पागलपन और दरिंदगी के आलम में हमारा पूरा वजूद सुन्न पड़ जाता है. एक मायूसी भरा सन्नाटा सबको अपनी चपेट में ले लेता है. मगर फिर एक मुकाम वो भी आता है, जहां यही मायूसी एक भयानक गुस्से में तब्दील हो जाती है.

नफ़रत की यह राजनीति आपका इस्तेमाल करेगी और हत्यारा बना देगी

लोग आपको तिरंगे की चादर में लपेट कर हिंदुत्व का मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण दे रहे थे, इसलिए नहीं कि आप सात्विक और आध्यात्मिक बन जाएं बल्कि किसी की हत्या के वक़्त हिंदुत्व के नाम पर आप चुप रहना सीख लें.